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दुर्ग : संक्रमण के लक्षण हों या पाजिटिव व्यक्ति के निकट संपर्क में रहे हों तभी टेस्टिंग के लिए आयें

दुर्ग : आज कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे झीठ स्थित स्वास्थ्य केंद्र में पहुँचे और यहाँ फीवर क्लीनिक में कोरोना जाँच के लिए आए लोगों से लक्षण पूछे। इनमें से कुछ छात्राएं भी थीं। कलेक्टर ने इनसे पूछा कि आप लोग कोरोना के लक्षण महसूस कर रहे हैं क्या। उन्होंने कहा, नहीं। फिर पूछा कि क्या किसी कोरोना पाजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हैं तो इस पर उन्होंने कहा नहीं। फिर पूछा तो टेस्टिंग कराने क्यों आये हो।

छात्राओं ने कहा कि गाँव में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है तो किसी ने सलाह दी कि एहतियात के तौर पर करा लो। इस पर कलेक्टर ने कहा कि ऐसा नहीं हैं कोरोना का टेस्ट तभी कराना है, जब कोरोना के लक्षण सर्दी-खांसी, बुखार एवं अन्य इसी तरह के लक्षण हों अथवा साँस लेने में दिक्कत हो रही हो या आप किसी ऐसे व्यक्ति के निकट संपर्क में रहे हैं जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इस तरह केवल यह जानने के लिए कोरोना है या नहीं, फीवर क्लीनिक में आना ठीक नहीं है। उतई में एसडीएम विनय पोयाम एवं बीएमओ निकुम भी उपस्थित थे।

उतई में हर दिन होंगे 100 टेस्ट- कलेक्टर ने कहा कि उतई में पर्याप्त टेस्टिंग किट दे दिये गये हैं। हर दिन सौ लोगों का टेस्ट इससे हो जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष ने कलेक्टर को उतई में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अलग-अलग मदों में सात लाख की सहायता राशि नगर पंचायत को दी जाएगी। इस दौरान पार्षद राकेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा हास्पिटल का स्टाफ मौजूद था।

कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों का व्यापक चिन्हांकन हो। इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को रोगनिरोधी किट ( प्रोफिलेक्टिक किट ) उपलब्ध कराई जाए। यहां 20 बेड आइसोलेशन के मौजूद हैं। यहाँ उन मरीजों को रखा जाएगा जिनका एंटीजन निगेटिव आया है अथवा आरटीपीसीआर या ट्रूनाट की रिपोर्ट प्रतीक्षित है। आक्सीजन लेवल 93 से कम है। पाजिटिव मरीजों को जिला मुख्यालय रिफर कर दिया जाएगा।

पाटन में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार, आक्सीजन कंसट्रेटर की व्यवस्था भी- पाटन में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। यहाँ आक्सीजन बेड्स एवं आक्सीजन कंसट्रेटर की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही ट्राइबल हास्टल में ऐसे कोरोना पाजिटिव पेशेंट को रखने की व्यवस्था की गई है जिनके लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था संभव नहीं है। पाटन में एसडीएम विनीत गुप्ता एवं बीएमओ डाॅ. आशीष शर्मा मौजूद थे।

सुपेला पहुँचे, यहाँ व्यवस्थाओं की ली जानकारी- इसके बाद कलेक्टर सुपेला अस्पताल पहुँचे। यहाँ उन्होंने मरीजों के ट्रीटमेंट, आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था जैसी बातों की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को सबसे बेहतर इलाज देने के निर्देश दिये।

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