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कोरोना से मृत शख्स का पुत्र नहीं करा सका अंतिम संस्कार, मुस्लिम युवक ने उठायी क्रियाकर्म की जिम्मेदारी, साम्प्रदायिक सौहार्द्र की पेश की मिशाल

रायपुर : छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में कोरोना से लगातार हो रही मौतों के बीच ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं जिससे समाज को सबक लेने की जरुरत है। कहीं कोरोना से मृत लोगों के परिजन ही उनका अंतिम संस्कार करने से मुंह मोड़ रहे हैं तो कहीं पराये लोग इस कार्य में बढ़चढ़ कर सहयोग दे रहे हैं। इस बीच एक ऐसा वाकया हुआ जिसमे पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे पुत्र को खबर आयी कि उसकी माँ की तबियत बिगड़ गयी है, ऐसी स्थिति में पुत्र अपने माँ का इलाज कराने चला गया, इन परिस्थितियों में शहर के एक समाजसेवी मुस्लिम युवक ने अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाया और नगर निगम के अधिकारियों के सहयोग से मृतक का क्रियाकर्म कराया।

यह वाकया है राजधानी रायपुर के स्वास्तिक मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का, जहां मूलतः बालाघाट निवासी 57 वर्षीय चंद्रभूषण झा को बालाघाट से इलाज के लिए लाया गया था। पुत्र अभिनव झा ने बताया की कोरोना से संक्रमित उनके पिता का इलाज बालाघाट में चल रहा था, मगर उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए वह उन्हें रायपुर लेकर आ गया। इस बीच शनिवार रात चंद्रभूषण झा का निधन हो गया।

मृतक चंद्रभूषण झा

पिता के निधन के बाद अभिनव रायपुर निवासी अपने एक सहपाठी के साथ स्थानीय श्मशान घाट में ही अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया। उधर पति के निधन की खबर पाकर अभिनव की माँ की हालत गंभीर हो गयी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इससे परेशान अभिनव के सामने असमंजस की स्थिति निर्मित हो गयी। एक तरफ उसे पिता का अंतिम संस्कार करना था वहीं दूसरी ओर उसकी माँ बालाघाट में अस्पताल में भर्ती थी। अभिनव ने कड़े मन से फैसला करते हुए पिता के क्रिया कर्म की जिम्मेदारी अपने स्थानीय मित्र को दी और वह सीधे बालाघाट रवाना हो गया।

बालाघाट के लिए रवाना हुए अभिनव को रास्ते में पता चला कि उसके मित्र की माँ की भी तबियत ख़राब हो गयी है, और वह भी उसके पिता का क्रियाकर्म करा पाने में असमर्थ है। ऐसे में अभिनव के समक्ष फिर से असमंजस की स्थिति निर्मित हो गयी। यह बात उसने अपने सहपाठियों को शेयर की, तब इंदौर निवासी उसके मित्र नाजिम अली ने रायपुर निवासी मुमताजुद्दीन ताहिर को इस संबंध में जानकारी दी। छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन से जुड़े समाजसेवी मोहम्मद ताहिर ने हालात को समझा और फिर अभिनव के पिता के अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाया।कोरोना से मृत शख्स का पुत्र नहीं करा सका अंतिम संस्कार, मुस्लिम युवक ने उठायी क्रियाकर्म की जिम्मेदारी, साम्प्रदायिक सौहार्द्र की पेश की मिशाल

मोहम्मद ताहिर ने नगर निगम उपायुक्त पुलक भट्टाचार्य और तहसीलदार अरविन्द शर्मा को इसकी जानकारी देते हुए सहयोग का अनुरोध किया। तब फुंडहर स्थित श्मशान घाट में मृतक चंद्रभूषण झा के अंतिम संस्कार का इंतजाम किया गया। यहां मोहम्मद ताहिर ने इन अधिकारियों और अपने मित्रों के सहयोग से मृतक का क्रियाकर्म करवाया। मोहम्मद ताहिर के इस प्रयास की सभी सराहना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष कोरोना के चलते लगे लॉक डाउन के दौरान छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन ने रायपुर सहित कुछ अन्य शहरों में हजारों जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराया था। इसके अलावा कोरोना प्रभावितों की भी संस्था ने मदद की। इस बार भी संस्था के लोग कोरोना पीड़ितों की बढ़चढ़ कर मदद कर रहे हैं। मोहम्मद ताहिर भी वर्तमान में कोरोना मरीजों के इलाज के इंतजाम में लगे हुए हैं। उन्हें हर रोज कभी ऑक्सीजन के लिए तो कभी किसी मरीज को अस्पताल में दाखिल करने में सहयोग के लिए फोन आते हैं. राजधानी के अस्पताल और कोविड सेंटर मरीजों से अटे पड़े हैं, ऐसे में ताहिर जैसे अनेक युवा और समाजसेवी संस्थाएं ही उन लोगों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं जो परेशान हाल हैं।

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