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लाखे जी तब भी प्रासंगिक थे,आज भी हैं और हमेशा रहेंगे-विकास उपाध्याय

रायपुर। श्री वामन राव लाखे विद्यालय हीरापुर मे लाखे जी कि 151 वीं जयंती बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने वामनराव लाखे जी के कार्यों को याद करते हुए नमन किया और कहा कि वे तब भी प्रासंगिक थे,आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होने कहा सबसे बड़ा दान शिक्षा का दान है। शिक्षा के दान मे विधार्थियों को आगे बढ़ाना का काम इस सस्ंथा द्वारा किया जा रहा है। आज के समय मे कम पैसों मे अच्छी शिक्षा देने का काम ये संस्था कर रही है। कोरोना के समय जब सारा देश – दुनिया बंद था तब स्कूल मे शिक्षकगण ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान कर रहे थे इसके लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षणिक कार्य को नमन किया।

इससे पूर्व सरस्वती वंदना स्वागत गीत से समारोह की शुरूआत हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने भी आकर्षित किया। शाला में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री दिलीप षडंगी थे और अध्यक्षता श्री अजय तिवारी ने किया। डॉ. सुरेश शुक्ला,आयुक्त भारत स्काउट गाइड,वामनराव लाखे शाला क्र. 1 की प्राचार्या श्रीमती भारती यादव तथा क्रं. 2 की प्राचार्या श्रीमति मंजू साहु एवं एस.पी. इंग्लिश मीडियम की प्राचार्या श्रीमति आशारानी बोस तथा महंत लक्ष्मीनारायण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी,डॉ जेपी रथ, शुक्रदया विद्यालय के संचालक डॉ मानिकपुरी,प्रबंध समिति उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता, प्रबंध समिति सचिव अनिल तिवारी,व्यवस्थापक विष्णु महोबिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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