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एक दीप से दो दिवाली के संकल्प के साथ अद्भुत पहल – दीदीकामवाली

चलिए, इस बार एक नई मुहीम चलाएँ हम,
इस दिवाली कामवाली दीदी के चेहरे पर मुस्कान लाएँ हम
मिठाई के संग उन्हें सम्मान भी दें हम,
इस दिवाली कामवाली दीदी की दिवाली रोशन बनाएँ हम

इंदौर, : भारत की अग्रणी रीजनल पीआर संस्था, पीआर 24×7 की पहल #दीदीकामवाली (#DIDIKAAMWALI) वर्ष 2020 से लगातार लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई है। हमारे समुदाय द्वारा वर्षभर मेहनत और लगन से काम करने वाली दीदियों को सम्मान दिए जाने के उद्देश्य से इस कैंपेन की शुरुआत की गई थी, जिसे बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला। हर वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी इस पहल को लेकर सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पीआर 24×7 सभी से यही अनुरोध करता है, कि सिर्फ घर में काम करने वाले ही नहीं, बल्कि हमारे गली-मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का सम्मान करें; यथासंभव जो भी उनके लिए बेहतर कर सकते हैं, कृपया करें; उन्हें ऐसा महसूस न कराएँ कि वे हमसे कमतर हैं। आखिरकार, वे हमारा ही ख्याल रखते हैं। इसे सही मायने एक दीप से दो दिवाली कहना गलत नहीं होगा।

इस पहल पर अपने विचार रखते हुए, अतुल मलिकराम, फाउंडर, पीआर 24×7, ने कहा, “दिवाली आने के लगभग एक महीने पहले से ही हमारे घरों में सफाई आदि का सिलसिला शुरू हो जाता है, कई तरह का सामान और बर्तन आदि साफ करने के लिए निकलते हैं। कभी हमें घर के इस कोने में धूल दिखने लगती है, तो कभी उस कोने में। उनके हर दिन के काम के अतिरिक्त हम उन्हें थोड़ा-थोड़ा काम देते चले जाते हैं, कभी चार बड़े-बड़े बर्तन धोने को उनके सामने रख देते हैं, तो कभी उन्हें दीवारों पर लगे जाले और धूल साफ करने में लगा लेते हैं। हमें उस समय यह भी याद नहीं रहता कि वे हमारे जैसे और दस घरों में भी काम करती हैं। और मैं मानता हूँ कि सभी घरों में दिवाली के महीने में उनके साथ यही सब होता होगा। शायद ही कोई सोचता होगा कि उनके घर भी दिवाली है, साफ-सफाई करने की जरुरत तो उन्हें भी होती होगी। यह उनका बड़प्पन ही है, जो हमारे घरों को सँवारने और हमारा ख्याल रखने में वे अपना और अपने घर का ख्याल रखना भूल ही जाती हैं, और यह सच है, जो हमें स्वीकारना होगा।”

वे आगे कहते हैं, “काम वाली दीदियों की कीमत हमें उस दिन समझ आती है, जिस दिन वे किसी कारणवश छुट्टी ले लेती हैं। एक दिन ज्यादा काम करके, थक-हारकर भी हमें उन पर दया कम और गुस्सा अधिक आता है, क्योंकि हमें एक दिन काम करना पड़ा। उनका महत्व समझें। साथ ही, मैं सभी से यही अनुरोध करता हूँ कि उनका वर्ष भर ख्याल रखें, जो हर दिन आपका ख्याल रखती हैं।”

गौरतलब है कि इस पहल के तहत विगत वर्ष भी भारत की आम जनता से हमारे परिवार का ख्याल रखने वाली दीदियों को सम्मानित करने के लिए सोशल मीडिया पर #DIDIKAAMWALI के साथ अपनी प्रोफाइल फ्रेम सेट करके उन्हें सपोर्ट किया गया था। और साथ ही यह भी अपील की गई थी कि उनके काम की गरिमा का सम्मान करें, क्योंकि वे अपना घर छोड़कर आपका घर सँवारने आती हैं। इस मुहीम को देश के लोगों ने भी दिल से अपनाते हुए #DIDIKAAMWALI को काफी सपोर्ट किया और आगे अपने परिजनों के साथ फॉरवर्ड भी किया। आप सभी से अनुरोध है कि इस बार की दिवाली भी #दीदीकामवाली के नाम करें और उन्हें वर्ष भर सम्मान देने के संकल्प के साथ न सिर्फ उनकी दिवाली, बल्कि उनके जीवन को भी रोशन बनाएँ। कैंपेन का हिस्सा बनें और इस हैशटैग के साथ अपना फोटो पोस्ट करें, और साथ ही उनका ख्याल रखें, जो वर्षभर आपका ख्याल रखती हैं।

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