देश की प्रतिष्ठा एवं वैभव को पुनः स्थापित करने में स्वामी विवेकानंद की अहम भूमिका : श्री अरूण साव
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देश की प्रतिष्ठा एवं वैभव को पुनः स्थापित करने में स्वामी विवेकानंद की अहम भूमिका : श्री अरूण साव

विवेकानंद जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

भारत माता की आरती कर राष्ट्र स्वाभिमान यात्रा को किया रवाना, उठो, जागो क्विज प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन भी किया

रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज बिलासपुर के विवेकानंद उद्यान में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह में शामिल हुए। समारोह का आयोजन विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी की बिलासपुर शाखा द्वारा किया गया था। उन्होंने उद्यान में स्थापित स्वामी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। श्री साव ने कहा कि भारत देश की प्रतिष्ठा और पुराने वैभव को वापस दिलाने में स्वामी विवेकानंद जी का महत्वपूर्ण योगदान है। स्वामी जी ने जाति, पंथ एवं संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर देशप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। इससे प्रभावित होकर लाखों युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया। समारोह की अध्यक्षता अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने की। विधायक श्री सुशांत शुक्ला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विवेकानंद उद्यान में भारत माता की आरती में शामिल होकर राष्ट्र स्वाभिमान यात्रा को रवाना किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित उठो, जागो क्विज प्रतियोगिता के पोस्टर का भी विमोचन किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने समारोह में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज अधिक प्रासंगिक हैं। उनके विचारों को मूर्त रूप में परिवर्तित कर हम भारत को विश्व में अग्रणी देश बना सकते हैं। उनके विचारों में आत्म-कल्याण के साथ-साथ विश्व कल्याण की भावना निहित है। उनका जन्म 1863 में ऐसे समय पर हुआ जब देश हजारों सालों की गुलामी के कारण आध्यात्मिक रूप से कमजोर हो चुका था। स्वामी जी ने शिकागों की धर्मसभा में अपने अभूतपूर्व भाषण से सनातन धर्म की पताका फहराई। भारतीय मूल्य एवं अध्यात्म की ओर सबका ध्यान आकृष्ट किया। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने समारोह में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन के कई पहलुओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में वह ताकत है जो पूरे विश्व को जोड़ सकती है। स्वामी जी को युवाओं पर अपार स्नेह और विश्वास था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा के अनुरूप युवा ही देश को वर्ष 2047 तक विकसित एवं ताकतवर बना सकते हैं। विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारत सुशासन के नए आयाम गढ़ रहा है। अयोध्या में रामलला की स्थापना से देश की सांस्कृतिक आजादी पुनर्स्थापित हो रही है। समारोह में डॉ. ओम माखीजा, श्री राजकुमार सचदेव एवं डॉ. के.डी. देवरस ने भी विचार व्यक्त किए। डॉ. उल्हास वारे ने विवेक वाणी सुनाकर युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रतीक शर्मा ने किया। बिलासपुर के पूर्व महापौर श्री किशोर राय और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री राजेश सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में युवा एवं गणमान्य नागरिक समारोह में मौजूद थे।

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