मानव सेवा ही माधव सेवा है- राज्यपाल हरिचंदन
1 min read

मानव सेवा ही माधव सेवा है- राज्यपाल हरिचंदन

राज्यपाल  ने रेडक्रॉस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र दिए

रायपुर । राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज राजभवन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 29 एमबीबीएस चिकित्सकों को ले-लेक्चरर प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात् प्रमाण पत्र प्रदान किए। राज्य शाखा द्वारा पहली बार राज्य के चिकित्सकों के लिए ले-लेक्चरर प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। जिसमे उन्हें प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 11 से 17 मार्च तक आयोजित किया गया।

राज्यपाल हरिचंदन ने इस अवसर पर कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, इस उद्देश्य को लेकर चिकित्सक कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड-19 महामारी के दौरान चिकित्सकों, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सभी ने फ्रंट लाइन वारियर्स बनकर सेवा की। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस द्वारा युद्ध, प्राकृतिक आपदा एवं संकट के अवसरों पर तत्काल सेवाएं प्रदान की जाती है जो कि सराहनीय है। उन्होंने चिकित्सकों का आव्हान किया कि वंचित वर्गो की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहें और समाज एवं राष्ट्र की सेवा करें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी चिकित्सकों को राज्यपाल ने शुभकामनाएं दी एवं उनका उत्साहवर्धन किया।

रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ के सीईओ श्री एम के राउत ने कहा कि प्रदेश में पहली बार एमबीबीएस चिकित्सकों को प्राथमिक उपचार के लिए ले-लेक्चरर का प्रशिक्षण दिया गया। ये चिकित्सक, जिलो में जाकर जूनियर रेडक्रॉस और यूथ रेडक्रॉस के स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस की यह योजना है कि सभी पंचायतों में कुछ व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए। राउत ने बताया कि सभी प्रशिक्षार्थियों ने लगन से प्रशिक्षण लिया है। भविष्य में इन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जायेगा। कार्यक्रम में रेडक्रॉस के चेयरमेन श्री अशोक अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन सचिव रेडक्रॉस ड़ॉ. रूपल पुरोहित ने किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, मास्टर ट्रेनर नरेश गोविल, यशवंत चंद्राकर सहित सभी प्रशिक्षार्थी चिकित्सक उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *