Day: December 28, 2024

  • उज्जैन आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब होगी स्थापित

    उज्जैन आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब होगी स्थापित

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए कौशल विकास संचालनालय और सीमेंस लिमिटेड के बीच इन्डो-जर्मन इनिशिएटिव फॉर टेक्निकल एजुकेशन (IGnITE) प्रोग्राम के दूसरे चरण के तहत द्विपक्षीय समझौता (MoU) संपन्न हुआ। इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय के संचालक गिरीश शर्मा (आईएएस) और सीमेंस लिमिटेड के धर्मवीर सिंह ने इस समझौते का आदान-प्रदान किया।

    IGnITE प्रोग्राम, जो जर्मन ड्यूल वीईटी (दोहरे व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण) मॉडल पर आधारित है। इस प्रोग्राम के तहत प्रदेश के चार प्रमुख इंडस्ट्री क्लस्टर—ग्वालियर/शिवपुरी, जबलपुर/कटनी, सागर/दमोह और रीवा/सतना के अंतर्गत 40 शासकीय आईटीआई का चयन किया गया है। इन संस्थानों में 10 प्रमुख ट्रेड्स, जैसे इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फिटर, टर्नर, और वेल्डर के छात्रों को उद्योग आधारित "इन-प्लांट ट्रेनिंग" दी जाएगी।

    सीमेंस लिमिटेड के विशेषज्ञ न केवल इन ट्रेड्स के छात्रों को प्रशिक्षण देंगे, बल्कि आईटीआई के प्राचार्यों, प्रशिक्षण अधिकारियों और ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर्स की क्षमता निर्माण पर भी काम करेंगे। यह प्रोग्राम उद्योगों की जरूरतों और छात्रों के कौशल के बीच पुल का काम करेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

    इसके अलावा, सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कौशल विकास संचालनालय के बीच एक अन्य महत्वपूर्ण समझौता भी संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत उज्जैन स्थित शासकीय संभागीय आईटीआई में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की जाएगी। यह लैब डिज़ाइन, सीएनसी प्रोग्रामिंग, 3डी प्रिंटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजीज के माध्यम से कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मानकों पर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास है।

    उज्जैन स्थित शासकीय संभागीय आईटीआई में स्थापित होने वाली मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब को सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीएसआर से बनाया जायेगा। यह लैब औद्योगिक डिजिटलीकरण और उन्नत तकनीकों का केंद्र बनेगी। इसमें छात्रों को डिज़ाइन और मॉडलिंग कौशल विकसित करने के लिए सीएडी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, सी एन सी प्रोग्रामिंग और सिमुलेशन का व्यावहारिक अनुभव फिजिकल और वर्चुअल सिमुलेटर्स के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। लैब में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, 3D प्रिंटिंग की अत्याधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो छात्रों को उत्पाद निर्माण की नई प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। इसके अलावा, डिजिटल कौशल और इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर, छात्रों को भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के लिए तैयार किया जाएगा।

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने इसे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह लैब न केवल प्रशिक्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि नवाचार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। उज्जैन में आईटी पार्क के भूमि-पूजन के बाद आईटीआई उज्जैन में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब की स्थापना, उज्जैन और प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगी।

     

  • विश्व हिंदू परिषद की विदर्भ प्रांत महाकुंभ मेले में चलाएगी लंगर सेवा, रोजाना 15,000 श्रद्धालुओं को मिलेगा भोजन

    विश्व हिंदू परिषद की विदर्भ प्रांत महाकुंभ मेले में चलाएगी लंगर सेवा, रोजाना 15,000 श्रद्धालुओं को मिलेगा भोजन

     महाकुंभ नगर
    मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए भोजन उपलब्ध कराएगी। विश्व हिंदू परिषद द्वारा साधु-संतों के लिए निवास की व्यवस्था की जाएगी और वहीं पर यह लंगर सेवा चलाई जाएगी।

    लंगर सेवा की टाइमिंग?

    इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बिन मांगे भोजन देना और उनके धार्मिक कर्तव्यों में सहयोग करना है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक यह लंगर सेवा चलती रहेगी। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग, धर्माचार्य संपर्क विभाग और मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी।

    15,000 श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम

    इस सेवा का लाभ प्रतिदिन करीब 15,000 श्रद्धालु उठाएंगे। कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को विशेष सम्मान के साथ चौरंग और पाटे पर बैठाकर भोजन कराया जाएगा। यह सेवा उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो हर साल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

    अयोध्या की तर्ज पर प्रयागराज में

    इससे पहले 2023 में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत ने एक महीने तक लंगर सेवा का आयोजन किया था, जिसमें लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया था। प्रयागराज में यह सेवा उसी तर्ज पर चलाए जाने की योजना है।

    भोजन सामग्री दान करने की अपील

    महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु अपने पुण्य लाभ के लिए डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ मेले में इस बार लगभग 35 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। विश्व हिंदू परिषद ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अनाज और अन्य भोजन सामग्री दान करें।

  • मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नया नाम 15 जनवरी तक तय किया जायेगा ! इस बार भी कोई सांसद ही अध्यक्ष बनेगा.

    मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नया नाम 15 जनवरी तक तय किया जायेगा ! इस बार भी कोई सांसद ही अध्यक्ष बनेगा.

    भोपाल

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी? इस बात की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक चल रही है. 15 जनवरी तक बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन किसके नाम का ऐलान होगा? इसे लेकर हर कोई अलग-अलग नाम पर चर्चा कर रहा है.

    मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के जिला और शहर अध्यक्ष पद को लेकर नेताओं के बीच रायशुमारी चल रही है. सभी जिला और शहर अध्यक्षों की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन होगा. प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में इस बार कई नेताओं के नाम शामिल हैं. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारने वाले कई नेता प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं. इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारी के लिए भी कई नामों का जिक्र हो रहा है. हालांकि, अभी आलाकमान का पूरा फोकस शहर और जिला अध्यक्ष पर किया है.

    शहर, जिला अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे. प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 4 साल का कार्यकाल मिला है. लोकसभा चुनाव की वजह से पिछले साल होने वाले चुनाव को इस बार संपन्न कराया जा रहा है. प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का नाम सामने आ जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी शहर और जिला अध्यक्ष को लेकर विचार-विमर्श चल रही है.

    सांसद ही बनते आ रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष, इस बार क्या होगा?
    अगर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के पद की बात की जाए तो लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि सांसदों को ही ये जिम्मेदारी दी जा रही है. इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण जटिया, नंदू चौहान, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा जैसे कई नाम शामिल हैं. इस बार भी यह कोशिश की जा रही है कि किसी सांसद को ही प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान मिले.

    वर्तमान अध्यक्ष भी दौड़ में शामिल
    वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी दोबारा कार्यकाल की दौड़ में शामिल नजर आ रहे हैं. उनके कार्यकाल में ही बीजेपी की दो बार सरकार बन चुकी है. जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, उस समय मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी की सरकार बन गई. इसके पश्चात विधानसभा चुनाव 2023 में भी विष्णु दत्त शर्मा का ही कार्यकाल था, जब बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की.

  • महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में 7000 बसों को लगाया गया, श्रद्धालुओं को आवाजाही में नहीं होगी परेशानी

    महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में 7000 बसों को लगाया गया, श्रद्धालुओं को आवाजाही में नहीं होगी परेशानी

    प्रयागराज

    उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने गुरुवार को झुंसी रोडवेज वर्कशॉप में बैठक की। इस बैठक में महाकुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने झुंसी के कटका में बने अस्थायी बस स्टैंड स्टैंड का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ जो विश्व स्तर का आयोजन है इसकी तैयारी छह महीने से चल रही है।

    महाकुम्भ के दौरान करीब 7000 बसें चलाई जाएंगी जिनमें से 550 शटल बसें श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क होंगी। एमडी ने बताया कि बसों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए गए हैं। महाकुम्भ के आयोजन में दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और बिहार सहित आठ राज्यों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शटल बसों पर कुम्भ मेले की ब्रांडिंग भी की गई है। बैठक में राज्य परिवहन निगम के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के सदस्य भी उपस्थित रहे।

    प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है. ऐसे में यूपी रोडवेज की ओर से भी तैयारी की गई है. महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में लगभग 5000-6000 बसों को लगाया गया है. यहीं नहीं 550 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाईं जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो.

    भूले-भटके काउंटर होंगे स्मार्ट
    महाकुम्भ नगर, प्रमुख संवाददाता। महाकुम्भ में इस बार संस्थाओं के भूले- भटके शिविरों की व्यवस्था भी स्मार्ट होगी। अपनों का साथ छूटने के बाद दोनों गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से संचालित शिविरों में पहुंचने वालों का कंप्यूटर में डेटाबेस तैयार होगा। दोनों गैर सरकारी संस्थाओं ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। भारत सेवा दल की ओर से संचालित भूले-भटके शिविर में डेटाबेस तैयार करने के साथ अपनों से बिछड़ने वालों की फोटो और ब्योरा संस्था की सोशल साइट पर अपलोड किया जाएगा।

    संस्था के प्रतिनिधि मेला क्षेत्र 25 सेक्टरों में तैनात होंगे। ये प्रतिनिधि थानों और दुकानों से सूचनाएं लेकर मुख्यालय केंद्र भेजेंगे। भूले भटके शिविर के संचालक उमेशचंद्र तिवारी ने बताया कि इस साल व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा। महिला और बच्चों के लिए संचालित होने वाले हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति शिविर में पहुंचने वाली महिला और बच्चों का लेखा भी कम्प्यूटर में दर्ज होगा। संचालक शेखर बहुगुणा ने बताया कि शिविर लगाने की तैयारी हो रही है।

  • जीजी फ्लाईओवर की थर्ड आर्म का काम पूरा , पर सर्विस लेन बाकी, नीचे की सड़क को बनाने के लिए मेट्रो तैयार है इन पीडब्ल्यूडी

    जीजी फ्लाईओवर की थर्ड आर्म का काम पूरा , पर सर्विस लेन बाकी, नीचे की सड़क को बनाने के लिए मेट्रो तैयार है इन पीडब्ल्यूडी

    भोपाल

    जीजी फ्लाइओवर पीडब्ल्यूडी की अंदरूनी खींचतान में उलझकर जीजी फ्लाइओवर को शुरू करने का काम फिलहाल टल गया है। दूसरी और इसके नीचे की सड़क को बनाने के लिए मेट्रो तैयार है इन पीडब्ल्यूडी। दोनों के निर्माण के दौरान ये सड़क खराब हुई, लेकिन दोनों ही एजेंसी अपने अपने कॉरिडोर के नीचे की ड़क दुरुस्त कर रहे हैं। करीब दस से पंद्रह फीट का हिस्सा बेहाल लावारिस छोड़ दिया। स्थिति ये कि भोपाल पुलिस ने सड़क निर्माण के लिए एक दिन ट्रैफिक बंद करने का कहा, लेकिन सवाल फिर कि इसे कौन बनाएगा? इसमें ही उलझ गया।

    यह भोपाल का सबसे लंबा ब्रिज है। इसकी लंबाई 2734 मीटर यानी, करीब पौने 3 किमी है। इसका काम दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था। जिसे 2 साल में बन जाना था, लेकिन इसे बनने में 4 साल लगे। आखिरकार अब इसका काम आखिरी दौर में है। पहले 26 दिसंबर को ब्रिज की ओपनिंग करने की बात सामने आई थी, लेकिन थर्ड आर्म नहीं बनने की वजह से ट्रैफिक शुरू नहीं हो सका। वहीं, मंत्री गुजरात दौरे पर चले गए। ऐसे में अब उम्मीद है कि 1 से 5 जनवरी के बीच ब्रिज की ओपनिंग हो जाएगी।

    लाइट की टेस्टिंग शुरू गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा के बीच दो आर्म्स के बीच कुल 230 पोल पर लाइटें लगाई गई हैं। जिसकी टेस्टिंग की जा रही है। करीब 15 मीटर चौड़े इस ब्रिज की थर्ड आर्म पर भी लाइट लगाई जाएगी। ताकि, यह हिस्सा भी रोशन हो सके। यदि लाइटिंग और सर्विस रोड समय पर बन जाती है तो थर्ड आर्म पर भी ट्रैफिक शुरू हो सकता है। वरना, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा तक ही ट्रैफिक शुरू होगा।

    लोड टेस्ट पूरा पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली पहली और दूसरी आर्म का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। इस रूट पर लोड टेस्ट भी हो चुका है। फिर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू होने पर लोगों को कोई परेशानी न आए, इसलिए यहां कुछ उपाय किए जा रहे हैं। ऐसा मैनिट के एक्सपर्ट्स से मिली सलाह के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ये बदलाव करने का फैसला लिया है।

    ऐसे समझें स्थिति
    • मेट्रो रेल कारपोरेशन का स्टेशन यहां है। इसके नीचे की रोड भी खराब है, लेकिन इसे मेट्रो कारपोरेशन बनाने को तैयार है। इसके साथ ही पास अंडरग्राउंड ड्रेन बनाएंगे। ये स्टेशन की लंबाई के बराबर ही होगी, उसके बाद काम नहीं होगा। इसमें उलझन है।

    • पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे की सड़क ठीक है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की ओर वाला करीब 200 मीटर का हिस्सा बैरिकेडिंग से ढंका है, इसे बनाना है, लेकिन बनाया नहीं गया। यहां भी मेट्रो का एफओबी बन रहा है, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने मेट्रो से ही इसे ठीक करने कहा। इतना ही नहीं, स्टेशन से लगे जिस हिस्से पर मेट्रो ड्रेन बनाएगा, उसके दोनों किनारों पर करीब 150-150 मीटर लंबाई में रोड पर डामर का काम पीडब्लयूडी ने मेट्रो से करने का कहा है। मामले अभी उलझन में है।

    इस तरह ट्रैफिक प्रभावित

    जिंसी, पुराना भोपाल, जहांगीराबाद, प्लेटफार्म नंबर छह से सुभाष ब्रिज, पुल बोगदा और आगे तक का ट्रैफिक एमपी नगर, साकेत नगर, नर्मदापुरम रोड तक आवाजाही करता है। बोर्ड ऑफिस के पास मेट्रो स्टेशन व रोड का हिस्सा मेट्रो क्यों नहीं बना रहे इस मामले में मेट्रो कारपोरेशन के अफसर स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है।

  • IMD ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी

    IMD ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी

    नई दिल्ली

    इस साल सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है। एक तरफ बर्फीले थपेड़े और घना कोहरा आम जिंदगी को ठहरने पर मजबूर कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बारिश की बूंदों ने कई हिस्सों में मौसम को तरोताजा बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर 2024 से 8 जनवरी 2025 तक के लिए विस्तारित मौसम का हाल पेश किया है, जिसमें सर्दी, बारिश और कोहरे से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं।

    उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर

    उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप जारी है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी गई है। राजस्थान के चुरु में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। घने कोहरे ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आम जनजीवन को प्रभावित किया है। 28 -31 दिसंबर के बीच कोहरा और ज्यादा घना होने की संभावना है।

    पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक

    पश्चिमी हिमालय और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 27-28 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी।

    सर्द हवाओं और तापमान में बदलाव की संभावना

    उत्तर और पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान अगले दो दिनों में 2 डिग्री तक गिर सकता है। मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा।

    दक्षिण भारत में बारिश का जोर

    तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पिछले हफ्ते भारी बारिश ने मौसम को बदल दिया। यह निम्न दबाव क्षेत्र के कारण इन इलाकों में गरज के साथ बारिश हुई। अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में इस बार मानसून के बाद की बारिश सामान्य से 15% ज्यादा रही है।