महाकुंभ में फरवरी माह में होंगे 3 शाही स्नान, नोट कर लें डेट

नई दिल्ली
इस समय प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। जब प्रयागराज में 12 बार पूर्णकुंभ हो जाते हैं, तो उसे एक महाकुंभ का नाम दिया जाता है। महाकुंभ 12 पूर्णकुंभ में एक बार लगता है। महाकुंभ का आयोजन 144 सालों में एक बार होता है। कुंभ मेले में देश-दुनिया से लोग शामिल होते हैं। इस मेले में दुनिया भर के नागा साधु भी भाग लेते हैं। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हो गई है। 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) को महाकुंभ का समापन होगा। महाकुंभ का मुख्य आकर्षण अखाड़ों के नागा संन्यासी होते हैं। स्नान के लिए निकले नागाओं का अंदाज निराला होता है। कुंभ मेले का बहुत अधिक महत्व होता है, विशेषकर इस मेले में शाही और अमत स्नान का। शाही और अमृत स्नान पर भक्तों का तांता लग जाता है। कुंभ के मेले में ललाट पर त्रिपुंड, शरीर में भस्म लगाए नागा साधुओं का हठ योग हो, साधना, विद्वानों के प्रवचन, अखांड़ों के लंगर, जैसी कई चीजें देखने को मिलती है।

फरवरी में शाही स्नान की डेट-
बसंत पंचमी-
महाकुंभ का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी पर होगा। महाकुंभ के दौरान हर दिन स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन अमृत स्नान का महत्व सबसे अधिक होता है। अमृत स्नान के दिन नागा बाबा और साधु-संत अपने शिष्यों के साथ भव्य जुलूस निकालते हुए संगम में गंगा स्नान करते हैं। अमृत स्नान को अत्यधिक पुण्यदायक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के अमृत स्नान के समय में गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद ही शुभ रहता है। जो व्यक्ति इस समय गंगा स्नान या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमृत स्नान करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जैसा पुण्य फल मिलता है। इस दिन नागा साधुओं के सभी अखाड़े महाकुंभ में शामिल होते हैं। नागा साधुओं का ये महाकुंभ में अंतिम स्नान भी होगा।

2. माघ पूर्णिमा का स्नान- माघ पूर्णिमा पर महाकुंभ का शाही स्नान होगा। इस दिन को बेहद ही शुभ माना जाता है। माघ पूर्णिमा का पवित्र स्नान 12 फरवरी, 2025 को होगा।

3. महाशिवरात्रि का स्नान- महाकुंभ का अंतिम पवित्र स्नान महाशिवरात्रि पर होगा। इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है। महाशिवरात्रि के स्नान को बेहद ही शुभ माना जाता है।

शाही स्नान का महत्व-
हिंदू धर्म में शाही स्नान का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाही स्नान के दिन गंगा जी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

शाही स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शाही स्नान करने से पितर दोष भी दूर हो जाते हैं।

कुंभ मेले में किसी भी दिन स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाही स्नान करने से अमरत्व की प्राप्ति होती है।

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