केंद्रीय बजट सतत विकास के साथ गरीबी को घटाकर शून्य तक ले जाने का कार्य करेगा: विनोद तावडे

– केंद्रीय बजट सतत विकास के साथ गरीबी को घटाकर शून्य तक ले जाने का कार्य करेगा
– प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर वर्ग के विकास व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रावधान किए गए हैं
– यह बजट देश को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए योग्य बनाएगा
– बजट में 100 प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रम शक्ति को स्किल्ड बनाने का प्रावधान
– स्टार्टअप व छोटे उद्योगों के साथ 5 लाख महिलाओं व अजा-अजजा को उद्यमी बनाने मिलेगा ऋण
– विनोद तावडे

ग्वालियर
 भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 को लेकर रविवार को ग्वालियर के होटल तानसेन में आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सतत विकास गोल (एसडीजी) के मानकों को ध्यान में रखकर विश्व स्तर पर भारत को आगे ले जाने के लिए गरीबी को घटाकर शून्य तक ले जाने का प्रयास इस बजट में किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पांच लक्ष्य सामने रखकर यह बजट बनाया गया है। बजट में 100 प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रम शक्ति को और अधिक स्किल्ड बनाना, भारत के किसानों के माध्यम से देश को फूड बॉस्केट के रूप में विकसित करने और आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने जैसे पांच लक्ष्यों को ध्यान में रखकर यह बजट प्रस्तुत किया गया है। इन सभी पांचों लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ हर वर्ग-समाज के कल्याण, विकास व आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर बजट में हर क्षेत्र के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

टैक्स में छूट बढ़ाने और केसीसी ऋण की सीमा 5 लाख करने से हर वर्ग को मिलेगा फायदा
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने कहा कि टैक्स स्लैब में दी गई छूट से मध्यम वर्ग को बहुत फायदा मिलेगा। टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 12 लाख से अधिक करने के साथ वरिष्ठ नागरिकों को भी छूट मिली है। केंद्रीय बजट में वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज पर या किराये पर टीडीएस के लिए निर्धारित वार्षिक सीमा दो लाख 40 हजार के बढ़ाकर छह लाख किया गया है। इस प्रावधान से देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों को फायदा होगा। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना का देश के कई लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसान क्रडिट कार्ड (केसीसी) किसानों के लिए वरदान बन रहा है। इस बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रावधान का मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के साथ देश के करोड़ों किसानों को फायदा मिलेगा। इसका फायदा यह होगा, कि किसान अपने खेत में जो फसल उगाएंगे उसे आसानी से बाजार तक पहंचाया जा सकेगा।

उद्योग लगाने  5 लाख महिलाओं, अजा व अजजा वर्ग के लोगों को 2 करोड़ का ऋण मिलेगा
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने कहा कि उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए निवेश व कारोबार की सीमा को ढाई प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। लघु, सूक्ष्य, मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के तहत स्टार्टअप व छोटे उद्योगों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार दस हजार करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। 10 हजार करोड़ के नए फंड से स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के रोजगार को गतिमान किया जा सकेगा।

देश में पहली बार एमएसएमई क्षेत्र में 5 लाख महिलाओं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को रोजगार स्थापित करने दो करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रावधान महिलाओं, अजा और अजजा वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से और सशक्त बनाने का कार्य करेगा। जल जीवन मिशन के जरिए देश के 80 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य पूरा हो चुका है, 20 प्रतिशत कार्य शेष है। इस कार्य को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया है। स्वदेशी न्यूक्लियर रियेक्टर के लिए बजट में 20 हजार करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। दस वर्ष में एविएशन इंडस्ट्री बढ़ी है, उसके लिए 120 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिसमें 4 करोड़ नए यात्री यात्रा करेंगे।

स्कूल व स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड से छात्रों के इनोवेशन व गरीबों के इलाज की सुविधा और बेहतर होगी
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने कहा कि केंद्रीय बजट में 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। बजट में किए गए इस प्रावधान से छात्रों के इनोवेशन को बढ़ावा देगी। जिस तरह से वर्तमान में कम उम्र में छात्र टेक्नालॉजी को अपना रहे हैं, उसके लिए यह अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं बहुत कारगर साबित होंगी। छात्रों को कम उम्र में ही इनोवेशन को बहुत अधिक विस्तार मिलेगा। स्कूलों में इंटनरेट उपलब्ध हो, उसके लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी हर सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूलों में ब्रॉडबैंड की सुविधा से छात्रों की शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ऑनलाइन पढ़ाई के साथ डिजिटल और स्थानीय भाषाओं में भी पढ़ाई हो सकेगी। मेक फॉर इंडिया व मेक फॉर वर्ल्ड के लिए पांच नए उत्कृष्टता संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड की सुविधा से बड़े शहरों के वरिष्ठ चिकित्सक ऑनलाइन ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों का इलाज कर सकेंगे। एआई के लिए 500 करोड़ की लागत से विश्वविद्यालयों में सेंटर खुलेंगे। अगले आने वाले वर्षों में 75 हजार मेडिकल की सीटें बढ़ाई जाएंगी, उसके लिए मेडिकल कॉलेज भी बढ़ेंगे। आयुष्मान योजना के कारण लोगों के इलाज के लिए पैसे तो मिल रहा है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जीआईजी (गिग) वर्कर्स के लिए स्वास्थ्य योजना भी लागू करके केंद्र सरकार ने असंगठित श्रमिकों का पूरा ख्याल रखा है।
प्रदेश में एमबीबीएस की 2 हजार सीटें और 31 नई रेल परियोजनाओं के साथ हर योजना का मिलेगा लाभ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने कहा कि केंद्रीय बजट में हर क्षेत्र के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, उन सभी प्रावधानों का लाभ मध्यप्रदेश की जनता को मिलेगा। मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा की 75 हजार नई सीटें बढ़ने का फायदा प्रदेश को मिलेगा। एमपी में 12 नए मेडिकल कॉलेज खुलने के साथ दो हजार मेडिकल सीटें बढ़ेंगी। कैंसर के इलाज के लिए देश भर में 200 डे केयर सेंटर खोले जाएंगे, जिसमें मध्यप्रदेश को भी पर्याप्तं प्रतिनिधित्व मिलेगा। स्टार्ट अप में वर्तमान कर्ज सीमा को 10 से बढ़ाकर 20 करोड़ किया है। मध्यप्रदेश में इनकी संख्या करीब 30 हजार है। बजट में 30 हजार स्टार्टअप व 4 लाख एमएसएमई अब ज्यादा कर्ज ले सकेंगे। सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से 2,800 करोड़ रुपए मिलेंगे।

केसीसी योजना का लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों के लिए मध्यप्रदेश को 800 करोड़ के साथ 20 हजार करोड़ 2028 तक मिल जाएंगे। 120 नए एयरपोर्ट में प्रदेश के कई शहरों का चयन होगा। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ों परियोजना के लिए मप्र को 2400 करोड़ मिले हैं। तुअर, उड़द और मसूर उत्पादन के लिए विशेष योजना में मध्यप्रदेश को ज्यादा से ज्यादा पैसा मिलेगा। साथ ही नाफेड और एनसीसीएफ पूरी फसल की खरीदी करेंगे। दलहन उत्पादन में मप्र का 23 प्रतिशत योगदान है। एमएसएमई में कर्ज की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रदेश के चार लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमियों को फायदा होगा।

इस अवसर पर मंच पर प्रदेश शासन के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, विधायक मोहन सिंह राठौड़, जिले के प्रभारी अरुण चतुर्वेदी, महानगर जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, प्रदेश प्रवक्ता सुनेहा बग्गा, जिला महामंत्री विनोद शर्मा, विनय जैन एवं राजू पलैया उपस्थित रहे।

 

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