महाकुंभ 2025 में आयुष मोबाइल इकाइयों, ओपीडी, योग सत्रों से 8 लाख श्रद्धालुओं को मिला इलाज

प्रयागराज

महाकुंभ में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई व्यवस्थाएं की गई। इसी के तहत लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, आयुष मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे महाकुंभ मेले के दौरान उनकी पवित्र यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ रही।
20 आयुष ओपीडी स्थापित करने से लेकर मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की तैनाती तक, 90 से अधिक डॉक्टर और 150 स्वास्थ्यकर्मी पूरे भव्य आध्यात्मिक आयोजन के दौरान निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इन समर्पित प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि भक्त, कल्पवासी और संत बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के पवित्र उत्सव में भाग ले सकें, खासकर पवित्र महाशिवरात्रि स्नान के दौरान।

आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ली सेवाएं
प्रयागराज महाकुंभ में आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा आयोजित चिकित्सीय योग सत्रों से भी लाभ मिला, जिससे शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ावा मिला।

अखाड़ों के साधुओं के लिए समर्पित स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य सेवा तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर-2, सेक्टर-21 और सेक्टर 24 में तीन आयुष कन्वेंशन हॉल स्थापित किए गए, जहां प्रतिदिन योग और स्वास्थ्य सत्रों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को निवारक स्वास्थ्य सेवा, रोग प्रबंधन और समग्र जीवन शैली के बारे में शिक्षित किया गया। जूना, आनंद, निरंजनी और वैष्णव अखाड़ों जैसे प्रमुख अखाड़ों में समर्पित स्वास्थ्य जांच के साथ श्रद्धेय साधुओं और संतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयां
इसके अतिरिक्त, मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयों ने पूरे मेला क्षेत्र में दवाइयां वितरित कीं, जबकि विभिन्न टीमों ने विभिन्न आयुष सुविधाओं पर छतरियों से कार्य करते हुए कल्पवासियों को आवश्यक स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई।
श्रद्धालुओं को आम बीमारियों से बचाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने एक विशेष पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 10,000 आयुष रक्षा किट वितरित की गईं, जिनमें आवश्यक आयुर्वेदिक दवाएँ और स्वास्थ्य उत्पाद शामिल थे। इस पहल के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाला स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 15,000 तीर्थयात्रियों को लाभ मिला, जिससे निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को बल मिला।

श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे किए वितरित
इस आयोजन में हरित स्पर्श जोड़ते हुए, राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड (एनएमपीबी) ने श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे वितरित किए – जिनमें तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, नीम, आंवला और करी पत्ता शामिल हैं – जिससे प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा मिला और दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व पर बल मिला।

महाकुंभ मेला सिर्फ़ आध्यात्मिक जागृति के लिए न होकर; यह उन लाखों लोगों की भलाई के लिए भी है जो इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। आयुष मंत्रालय इस भव्य आयोजन में पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को एकीकृत करने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध रहा, जिससे समग्र स्वास्थ्य आध्यात्मिक अनुभव का एक अभिन्न अंग बन गया।

महाशिवरात्रि के दिन 81 लाख श्रद्धालु पहुंचे संगम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन (जो महाकुंभ का आखिरी दिन था), रात 2 बजे तक 11.66 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। अगले दो घंटों में ये संख्या बढ़कर 25.64 लाख और सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख हो गई। सुबह 10 बजे तक कुल 81.09 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे।

महाकुंभ का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा आर्थिक ड्राइवर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि महाकुंभ यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाएगा।

महाकुंभ 2025 की चौंकाने वाली संख्या
महाकुंभ में 65 करोड़ श्रद्धालु जुटे हैं, जो किसी भी अन्य धार्मिक आयोजन की तुलना में सर्वाधिक हैं। महाशिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन की याद में मनाया जाता है। महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान दिनों पर जैसे माघी संक्रांति (14 जनवरी) को 3.5 करोड़, मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर क्रमशः 2 करोड़ और 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यूपी सरकार ने अनुमान जताया था कि 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, जो आंकड़ा महाकुंभ ने दो सप्ताह पहले ही पार कर दिया।

3 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति
महाकुंभ के आयोजन में सरकार ने 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने 3 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, अगर एक श्रद्धालु 8,000 रुपए खर्च करता है, तो कुल खर्च 3.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी इस आंकड़े को समर्थन दिया और बताया कि इस आयोजन से होटल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आय हो सकती है।

सुरक्षा और प्रबंधन
महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त थी। यूपी पुलिस के अनुसार, 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और 2,700 ए.आई. कैमरों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, 113 अंडरवाटर ड्रोन भी पानी की निगरानी के लिए लगाए गए थे।

कुंभ में विशाल तंबू और श्रमिकों की मेहनत
इस बार के कुंभ मेले में लगभग 68 लाख लकड़ी की पोल का इस्तेमाल किया गया, जिनकी लंबाई कुल मिलाकर 20,726 किलोमीटर से अधिक थी। इसके अलावा, 100 किलोमीटर के कपड़े और 250 टन CGI शीट्स का उपयोग किया गया। इन संरचनाओं को तैयार करने के लिए 3,000 श्रमिकों ने तीन शिफ्टों में काम किया।

 

More From Author

घर पर बनाएं कढ़ी

दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है तो अपनाए ये ट्रिक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.