IAS भव्या मित्तल फिर चर्चा में 84 लाख रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में तीन अधिकारियों को विरुद्ध प्रकरण किया दर्ज

खरगोन
 IAS ऑफिसर भव्या मित्तल बुरहानपुर के बाद अब खरगोन में भी चर्चा में आ गई हैं। उनके निर्देश पर पुलिस ने पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 84 लाख रुपए से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में तीन अधिकारियों को विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।

खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल ने शुक्रवार शाम पत्रकारों को बताया कि पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सहायक संचालक इतिशा जैन, डीडीओ क्रिएटर आशीष दुबे और क्लर्क शेखर रावत के विरुद्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर 84 लाख रुपए के गबन के मामले में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
फर्जी भुगतान किया गया था

उन्होंने बताया कि खरगोन में 2021, 2022 व 23 में बिना उचित अनुमति के 84 लाख 39 हजार 977 रुपए का फर्जी भुगतान कर गबन किया गया था। इस संबंध में वसूली की कार्रवाई और प्रकरण दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गये थे, लेकिन इस विभाग की सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग इतिशा जैन द्वारा प्रकरण दर्ज कराने और विभागीय जांच की कार्रवाई नहीं की गई।
इतिशा जैन ने किया उजागर

कलेक्टर ने बताया कि इतिशा जैन द्वारा यह दावा किया गया था कि उन्होंने ही इस मामले को उजागर किया है और उनके फर्जी सिग्नेचर से राशि ट्रांसफर की गई है। कलेक्टर ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इतिशा जैन की भूमिका और संलिप्तता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कराया गया।

इस संबंध में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास प्रशांत आर्य, अपर कलेक्टर जे एस बघेल और जिला कोषालय अधिकारी आनंद पटले ने दस्तावेजों का परीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें पाया गया कि इतिशा जैन ने ही सर्वप्रथम फर्जी भुगतान के संबंध में प्रकरण संज्ञान में लाया गया, किंतु उनके द्वारा आहरण एवं संवितरण अधिकारी / डीडीओ अप्रूवर के दायित्व निर्वहन और मॉनिटरिंग में कमी पाई गई। साथ ही डीडीओ क्रिएटर आशीष दुबे और लेखा प्रभारी क्लर्क शेखर रावत ने दायित्व का निर्वहन नियमानुसार नहीं किया गया। उधर, शेखर रावत ने वीडियो बयान जारी कर उनके द्वारा कर्ज देने वालों के दबाव में उक्त फर्जी काम कर रुपया चुकाया गया।

शेखर रावत को किया गया गिरफ्तार

खरगोन के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि जिला कलेक्टर से जांच प्रतिवेदन के आधार पर 22 फरवरी को कार्रवाई की गई है। इसमें गलत तरीके बिना अनुमति से करीब 80 फर्जी खातों में राशि स्थानांतरित करने के मामले में इतिशा जैन आशीष दुबे और शेखर रावत के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। इस मामले में शेखर रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दस्तावेज व धनराशि के वाउचर और बिल प्राप्त कर विवेचना की जा रही है।

मामले को लेकर सहायक संचालक इतिशा जैन ने बताया कि उक्त वित्तीय अनियमितता की जानकारी उन्होंने ही तत्कालीन कलेक्टर को दी थी। इसके लिए कारण बताओ सूचना पत्र व वित्तीय अनियमितता करने वालों पर एफआईआर के निर्देश मिले थे। इस पर गत 2 फरवरी को ही थाने पर एफआईआर के लिए आवेदन भी कर दिया था। लेकिन इसके बाद 22 फरवरी को हुई एफआईआर में उन्हें भी आरोपी बना दिया गया। यह समझ से परे है। उधर विभागीय सूत्रों के अनुसार इस मामले को इतिशा जैन को चेतावनी देते हुए समाप्त कर दिया गया है। उन्हें भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी भी दी गई है।

More From Author

दमोह में प्रशासन का बड़ा एक्शन गोहत्या के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई , करोड़ों की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त

जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव : टीएस सिंहदेव और विधायक राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में हुई झड़प

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.