उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल

सोमवार, 24 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक ली। जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में विशेष रूप से उज्जैन के विक्रमोत्सव, औद्योगिक विकास के GIS (Geographic Information System) प्रोजेक्ट और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विस्तार को लेकर चर्चा हुई।

काल गणना का केंद्र बनेगा उज्जैन

कैबिनेट बैठक के दौरान उज्जैन को काल गणना (Time Calculation) का केंद्र बनाने की योजना पर चर्चा हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में वर्तमान में विक्रमोत्सव (Vikramotsav) का आयोजन किया जा रहा है और 12, 13, 14 अप्रैल को दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य पर एक महानाट्य आयोजित होगा। उज्जैन को वैश्विक स्तर पर काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

ओला प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को ओले गिरने से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करने और सर्वे के बाद आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आत्मनिर्भर नगर निगम और नगर पालिका बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश में 4 बड़े सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि तनख्वाह और पेय जल के बिल के खर्च को कम किया जा सके।

काल गणना आधारित किताब का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक (CM Mohan Yadav Cabinet) से पहले विक्रमादित्य ध्वज और पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि गुड़ी पड़वा पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हों। विमोचित पुस्तिका "भारत का नव वर्ष विक्रम संवत" में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। विक्रम संवत भारत का प्राचीन कैलेंडर है, जिसकी शुरुआत 57 ई.पू में हुई थी।

उज्जैन को बनाया जाएगा काल गणना का प्रमुख केंद्र कैबिनेट में ये भी फैसला लिया गया कि उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, क्योंकि यहां गणितीय सटीकता उच्च स्तर की मानी जाती है।

मोहन कैबिनेट के प्रमुख फैसले

  •     उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
  •     प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर नववर्ष उत्सव मनाया जाएगा, मंत्री अपने-अपने जिलों में समारोह में शामिल रहेंगे।
  •     ओलावृष्टि से प्रभावित 400 से अधिक गांवों में फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को राहत राशि दी जाएगी।
  •     खजुराहो में ओबेरॉय ग्रुप को 19 एकड़ भूमि वैलनेस सेंटर बनाने के लिए दी जाएगी।
  •     प्रदेश में चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे, जिससे नगर निकायों और जल आपूर्ति योजनाओं की बिजली लागत कम होगी।
  •     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत भिंड-चंबल क्षेत्र में 18 एमओयू साइन हुए। ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
  •     गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टरों को टैंकरों से जल आपूर्ति और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था के निर्देश।

प्रदेश में चार बड़े बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में चार स्थानों पर बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार नगर निगमों और नगर पालिकाओं में सबसे अधिक खर्च वेतन, पेयजल और बिजली पर होता है। इसलिए फैसला लिया गया है कि चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएं, ताकि निकायों का बिजली खर्च कम हो।

विजयवर्गीय ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समूह जल योजनाओं के लिए भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे जल आपूर्ति को सुचारू और किफायती बनाया जा सके।

गुड़ी पड़वा उत्सव में शामिल होंगे मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गुड़ी पड़वा के अवसर पर सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर इस पर्व को मनाने में सहयोग करें। सभी मंत्री-विधायक इन कार्यक्रमों में शामिल रहें। अलग-अलग जिलों में ये पर्व अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इसलिए स्थानीय परंपराओं के अनुसार नववर्ष समारोह आयोजित किए जाएंगे।

इस दिन अधिक से अधिक लोगों को गुड़, धनिया और नीम की पत्तियां खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्वस्थ रह सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमोचित पुस्तिका 'भारत का नव वर्ष विक्रम संवत' के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तिका में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर दिखने लगा मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के परिणाम अब दिखने लगे हैं। इसके तहत सभी प्रमुख सचिव साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य सचिव महीने में एक बार और मुख्यमंत्री खुद हर दो महीने में इसका रिव्यू करेंगे।

सीएम ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए काम जारी है। इसी कड़ी में 21 मार्च को ग्वालियर क्षेत्र में 18 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। 11 इकाइयां मुरैना, 7 ग्वालियर और 1 इकाई भिंड में स्थापित की जा रही है।

यह सिलसिला जारी है और इसी कड़ी में मंगलवार (25 मार्च) को उज्जैन संभाग के तहत उज्जैन की 13 इकाइयों और संभाग के अन्य स्थानों की 12 इकाइयों, यानी कुल 25 इकाइयों का भूमि पूजन किया जाएगा। यह प्रक्रिया संभागवार निरंतर जारी रहेगी।

ओंकारेश्वर वाइल्डलाइफ सेंचुरी बनाई जा रही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में प्रदेश में दो अभयारण्यों को मूर्त रूप देने के बाद अब सरकार वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इसके तहत ओंकारेश्वर में 614 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रदेश की 26वीं वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित की जा रही है। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि इसमें कोई गांव या बसाहट नहीं है। भविष्य में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा।

विक्रम महोत्सव के तहत महानाट्य का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विक्रम महोत्सव के तहत नई दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को विशेष आयोजन होने जा रहे हैं। इनमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रस्तुति भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और उनकी शासन व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित यह महानाट्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके साथ ही, सेक्टरवार आयोजित होने वाली इन्वेस्टर्स समिट और अन्य बड़े आयोजनों के अवसर पर भी सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रस्तुति दी जाएगी।

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