अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा इस दिशा में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयास:मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर

छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी और मिनी भारत के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान है। इसी कोरबा जिले के ग्राम कोहड़िया (चारपारा) में जन्मे प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन दोनों विभागों का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री देवांगन का सार्वजनिक जीवन उतार-चढ़ाव के संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा। वे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। देवांगन वर्ष 1999 में प्रथम बार कोरबा नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके पश्चात वे 2004 में नगर निगम कोरबा के महापौर चुने गए। वर्ष 2013 में देवांगन कटघोरा विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीगसढ़ शासन में उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कोरबा विधानसभा सीट से विधायक के रूप में विजयी हुए।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी काबिलयत को देखते हुए ऊर्जा एवं श्रम विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जिसका वे कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा प्रदेश के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू की गई है। इसके उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा भारत की राजधानी नई दिल्ली के अलावा मुम्बई एवं बैंगलुरू में इन्वेस्टर कनेक्ट मीटिंग का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने नई औद्योगिक नीति से प्रभावित होकर छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की मंशा जाहिर की है।

इससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बीते माह मार्च में बैंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में इंजीनिरिंग टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, आईटी/आईटीईस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल क्षेत्रों के कई बड़ी कंपनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी सोच है कि राष्ट्र के युवाओं के हाथों में अधिक से अधिक काम मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवा साल के भीतर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश मिला। सरकार के प्रति लोगों का विश्वास कायम हुआ। प्रदेश में अब ट्रिपल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। इससे छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास होगा।

विष्णु देव की सरकार के एक साल के भीतर किसानों भाईयों के खाते में 52 हजार करोड़ रूपए अंतरित कर उन्हें उत्साह से भर दिया है। धान खरीदी समाप्त होने के एक सप्ताह भीतर किसानों को भुगतान कर दिया गया है। इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं। इसका शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रेक्टर आदि की बिक्री ने रिकॉर्ड आकड़ा छू लिया है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का उद्योग एवं व्यापार भी बढ़ेगा।

प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल पर एक बार आवेदन से ही सभी विभागों का क्लीयरेंस मिलेगा।
प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का गठन हुए 16 महीने होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार हो गई है। इसे प्रदेश का तेजी से विकास होगा। छोटे और मध्यम उद्योग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा का स्त्रोत है। प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य का निर्माण कैसे होगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है। उद्योग मंत्री देवांगन का मानना है कि उद्योग और श्रम विभाग का परस्पर संबंध है। बिना श्रमिकों के उद्योग, धंधे सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकते।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 600 बड़ी कंपनियां संचालित है, जिसमें से हाल ही में राज्य की 6 इकाईयां क्रमशः वासु लॉजिस्टिक लिमि, जैनम फेयरो एलोएस लिमि. के. एन. एग्री रिर्साेसेस लिमि., अर्हम टेक्नालॉजिस लिमि., चमन मेटालिक्स लिमि. एवं एटमास्टको लिमि. एन.एस.ई. में सूचीबद्ध हुई है, जबकि देश में लगभग 2512 कंपनियां एन.एस.ई. में रजिस्टर्ड है, जिनकी कुल बाजार पूंजी 464.38 लाख करोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई की आगामी वर्षों में देश की कुल बाजार पूंजी में छत्तीसगढ़ का भी योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। आगे भी इस तरह के सेमीनारों का आयोजन होगा।

राज्य के निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा। उद्योग विभाग के समन्वय से प्रदेश में बीते जुलाई माह में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार में स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को शेयर मार्केट के माध्यम से निवेश प्राप्त करने हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। स्थानीय कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आईपीओ जारी करने और निवेश प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में यह आयोजन काफी मददगार साबित हुआ। इस सेमीनार में निवेश के इच्छुक उद्योग और कंपनियों को उनके एनएसई रजिस्ट्रेशन, हैंड हैंडलिंग, तकनीकी गाईड करना, उनका डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने संबंधी सारी प्रक्रिया की बेसिक जानकारी दी गई।

श्रम का दायित्व निभा रहे लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। श्रम मंत्री देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे भी समाज के अन्य वर्गों के बच्चों की तरह उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले इस दिशा में श्रम विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु देव की सरकार में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा।

More From Author

अब नेतन्याहू सरकार ने भी लिया सख्त फैसला, इजरायल के 1000 सैनिकों की जंग के बीच बगावत

खाद्य मंत्री ने अफसरों को दिये निर्देश, कैंप लगाकर हितग्राहियों की ई-केवायसी करवाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.