मध्यप्रदेश में ‘AI भारत @MP’ कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल
लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष आयोजनों की श्रृंखला में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से "AI भारत @ MP – कार्यशाला: नवाचार, आधार और राज्य परामर्श के साथ सुशासन में तीव्रता" विषय पर 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार प्रातः कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया गया। कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं विभिन्न विभागों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में AI अनुप्रयोगों पर आधारित एक्सपीरियंस जोन भी स्थापित किया गया।

प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश उन कुछ राज्यों में से एक है जहां AI पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। राज्य ने AI तकनीक का उपयोग प्रशासन में करना प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आईटी और रिन्युएबल एनर्जी सबसे अधिक गति से बढ़ने वाले सेक्टर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ संपदा 2.0 पोर्टल से घर बैठे ही ई-रजिस्ट्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला राज्य के AI आधारित आगामी कार्य योजनाओं के लिये भविष्य के लिय महत्वपूर्ण कड़ी है।

एमपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री आशीष वशिष्ठ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए दो दिवसीय कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल कार्यशाला नहीं है बल्कि मध्यप्रदेश को AI नवाचार में अग्रणी बनाने के दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे भविष्य में प्रवेश करने जा रहे है जहां प्रशासन का आधार AI-ड्रिवन सेवाओं के वितरण, स्मार्ट समावेशन है। इंडिया AI के जनरल मैनेजर श्री कार्तिक सूरी ने बताया कि इंडिया AI ने डेटा और AI लैब के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग बढ़ाने के लिये प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि इंडिया AI पूरे देश में नावाचार और र्स्टाटअप को बढ़ावा दे रहा है। डीआरडीओ के वैज्ञानिक श्री सौरभ मंडल ने कहा कि AI दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट गवर्नेंस को सक्षम बना रहा है। डीआरडीओ ने सशस्त्र बलों के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों में नागरिकों को सेवाएँ प्रदान करने के मॉडल भी बनाये हैं। अमेजॉन वेब सर्विसेज के राज्य प्रतिनिधि श्री अजय कौल ने कहा कि AI केवल एक तकनीक नहीं है बल्कि परिवर्तनकारी शक्ति है। आईआईएम के प्रो. श्री प्रशांत सालवान ने AI की शुरूआत, वर्तमान अनुप्रयोगों और भविष्य पर प्रकाश डाला। प्रारंभिक सत्र का समापन एमपीएसईडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री गुरु प्रसाद ने आभार व्यक्त करते हुए किया।

कार्यशाला के पहले सत्र में ‘शासन में AI की कल्पना: अकादमिक क्षेत्र की भूमिका’ विषय पर फोकस रहा। कार्यशाला में प्रथम दिन "सुशासन के लिये AI सत्र में सर्वम AI के श्री साहिल खेतान ने जनरल AI असिस्टेंट, सीएम गवर्नेंस डैशबोर्ड जैसे नवाचारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया असिस्टेंट जैसे कार्यक्रम नागरिकों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहे है।

IIM इंदौर के डीन प्रो. प्रशांत साल्वन ने प्रशासनिक अधिकारियों को उभरती तकनीकों और डाटा संग्रहण एवं अनुप्रयोगों से संबंधित एथिक्स के विषय में जानकारी दी। ‘डिजिटल गवर्नेंस में आधार की भूमिका’ विषय पर UIDAI के उप महानिदेशक श्री आमोद कुमार ने डाटा प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी और डिजिटल समावेशन में आधार की आगामी भूमिका पर प्रकाश डाला। डीबीटी मिशन के अतिरिक्त सचिव सौरभ तिवारी, वरिष्ठ जिला रजिस्ट्रार स्वप्नेश शर्मा और कर्मचारी चयन बोर्ड के निदेशक श्री साकेत मालवीय ने डिजिटल समावेशन, प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी और आधार-आधारित दक्षताओं को साझा किया।

दोपहर के सत्र में कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई के अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। आईआईटी इंदौर की प्रो. अरुणा तिवारी ने कृषि उत्पादकता के लिए मॉडल साझा किए। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के विशाल मेहता ने कंप्यूटर विजन आधारित धोखाधड़ी विश्लेषण पर जानकारी दी। गूगल क्लाउड के अनिरुद्ध श्रीवास्तव ने जनरल एआई द्वारा सारांशीकरण और अनुवाद जैसे उपयोग दर्शाए। आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. तन्मय बसु ने एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी और लोक स्वास्थ्य पर एआई की भूमिका को रेखांकित किया। डीएसटी की सुश्री पूनम यादव ने वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय एआई कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया।

स्टार्ट-अप्स और उद्योग प्रतिनिधियों जैसे आरपीए एग्री इंफ्रा के श्री रसेश त्रिवेदी, आईबीएम के प्रभात मनोचा, द्रोण मैप्स के श्री उत्कर्ष सिंह और ऐपस्क्वाड्ज़ सॉफ्टवेयर की सुश्री हर्षिता दुग्गल ने सार्वजनिक प्रशासन, कृषि और जीआईएस योजना में एआई के उपयोग पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। कार्यशाला का समापन एमपीएसईडीसी के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री अभिषेक अनंत के धन्यवाद भाषण के साथ हुआ। उन्होंने इसे एक नई शुरुआत बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सभी विभागों में एआई को मुख्यधारा में लाकर एक डिजिटल, भविष्य-तैयार राज्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यशाला का दूसरा दिन 9 मई
कार्यशाला के दूसरे दिन राज्य स्तरीय परामर्श, थीमैटिक वर्किंग ग्रुप्स एवं ‘डिजिटल इंडिया राज्य परामर्श कार्यशाला’ के अंतर्गत रोडमैप चर्चाओं पर केन्द्रित रहेगा। कार्यशाला के दूसरे दिन "डिजिटल इंडिया स्टेट कंसल्टेशन वर्कशॉप" आयोजित की जायेगी, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए संवाद और सहयोग पर बल दिया जाएगा। 

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