न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं: अमेरिकी सीनेटर जिम रिश

वाशिंगटन
आतंकियों के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान आतंकियों की मौत का बदला लेने की धमकी दे रहा है। इस बीच अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे ऐसा सोचना भी नहीं चाहिए। अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को ‘तानाशाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की जवाबी कार्रवाई पर कोई पलटवार करने की गलती न करे।

भारत ने आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की- रो खन्ना
भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ अलग-अलग आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल से हमले किए। भारत ने आतंकियों के खिलाफ इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया है। CNN से बातचीत में रो खन्ना ने कहा, “दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। सबसे जरूरी चीज इस समय तनाव को कम करना है। पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष नागरिक मारे गए। भारत ने एक जवाबी कार्रवाई की जो कुछ आतंकवादी नेटवर्कों को समाप्त करने में सहायक रही। अब सबसे जरूरी है कि हालात शांत हों।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को भारत-पाकिस्तान के बीच इस गंभीर स्थिति को समझने और कूटनीतिक रूप से सुलझाने में मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा, “अंग्रेजों ने विभाजन और हिंदू-मुस्लिमों के बीच धार्मिक विभाजनों को बढ़ावा दिया था। हमें इस क्षेत्र की जटिलताओं को समझते हुए एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।”

मुनीर पर सीधा हमला, इमरान खान की रिहाई की मांग
रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर को तानाशाह बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “असीम मुनीर एक तानाशाह हैं जिन्होंने कोई वैध चुनाव तक नहीं होने दिया। उन्होंने इमरान खान को जेल में डाल दिया है। वहां अब कोई ईमानदार आवाज बाकी नहीं बची है।” उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए। रो खन्ना ने कहा, “हम पाकिस्तान को IMF से कर्ज देते हैं, वे उस पर निर्भर हैं। हमें यह कहना चाहिए कि इमरान खान को रिहा किया जाए, कोई भी जवाबी हमला न किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।”

न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं: अमेरिकी सीनेटर जिम रिश
ये पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी सांसद ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश ने पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। रिश ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंताजनक है। मैं पहलगाम के हमलावरों के खिलाफ न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयास का समर्थन करता हूं, लेकिन मैं दोनों पक्षों के नागरिकों के प्रति सावधानी बरतने और सम्मान का आग्रह करता हूं।’’

वहीं एक अन्य सांसद श्री थानेदार ने भारत के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने के हमारे सहयोगी देश के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता हूं।’’ थानेदार ने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और इसका उचित जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ अपने सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा रहना चाहिए। यह साझा खतरों का सामना करने, निर्दोष लोगों की जान बचाने और लोकतंत्र, मानवाधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों की रक्षा करने के लिए अमेरिका-भारत के बीच गहन सहयोग का समय है।’’

भारत ने पाकिस्तान में घुसकर मारा
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के 15 दिन बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ को निशाना बनाया था, जो भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

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