अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक

मुंबई

बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है।
किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल

अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है।
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है।

आपको बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5,000 से अधिक लिस्टेड कंपनियां हैं। वहीं, पाकिस्तान में केवल 600 से भी कम कंपनियां सूचीबद्ध हैं। भारतीय शेयर बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर के वैल्युएशन के साथ मार्केट कैपिटल के मामले में दुनिया भर में शीर्ष मार्केट में से एक है।
पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल

बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा।

भारत से 250 गुना छोटा है पाकिस्तान का शेयर बाजार

सबसे पहले आंकड़ों की बात करें तो, भारत के शेयर बाजार की गिनती आज दुनिया के टॉप 5 शेयर बाजारों में होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप आज करीब 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ देखें, तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, कराची स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप इस समय सिर्फ 20.36 अरब डॉलर है। यानी भारत का शेयर बाजार पाकिस्तान के मुकाबले करीब 250 गुना ज्यादा बड़ा है।

भारतीय शेयर बाजार में जहां 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, वहीं पाकिस्तान में ये संख्या महज 500 के आसपास है। इससे साफ है कि भारतीय बाज़ार में कंपनियों की विविधता और निवेश के मौके पाकिस्तान के मुकाबले काफी अधिक हैं।

भारत का शेयर बाजार केवल विदेशी निवेशकों पर ही निर्भर नहीं है। भारतीय बाजार को मजबूत बनाते हैं यहां के घरेलू निवेशक, रिटेल निवेशक और SIP जैसे निवेश के साधन, जिससे बाजार को किसी भी उतार-चढ़ाव के समय स्थिरता यानी सपोर्ट देते हैं। इससे बाजार में पैनिक सेलिंग बहुत कम देखने को मिलती है। वहीं पर पाकिस्तान का शेयर बाजार ज्यादा भावनात्मक और कम लिक्विडिटी वाला माना जाता है। ऐसे में किसी भी जियोपॉलिटिकल घटना का असर वहां तुरंत और तेजी से दिखता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से ही पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह हिल हुआ है। कराची स्टॉक मार्केट में आज 8 मई को कुछ देर के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। उसका KSE-30 इंडेक्स एक झटके में 7.2 फीसदी टूट गया। वहीं उसके सबसे प्रमुख इंडेक्स, KSE-100 में 9 फीसदी की भारी गिरावट आई। साल 2008 के बाद यह पहली बार है, जब कराची स्टॉक मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली।

इससे पहले 7 मई को भी पाकिस्तानी शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति रही। KSE-100 इंडेक्स 7 मई को कारोबार के दौरान 6500 अंक या करीब 6 फीसदी टूटकर बंद हुए। यह भी कराची स्टॉक मार्केट में साल 2021 की सबसे बड़ी गिरावट थी। यह गिरावट आई भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, जिसके तहत सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद 9 आंतकी ठिकानों को नेस्तानाबूत करके पहलगाम हमले का बदला लिया। भारत की इस कार्रवाई में 100 आंतकियों के मारे जाने की खबरें हैं।

अब बात करते हैं भारत के शेयर बाजार की। भारत के शेयर बाजार ने पिछले 2 दिनों में काफी स्थिरता दिखाई है। बीएसई सेंसेक्स आज 8 मई को जरूरत 400 अंक टूटकर बंद हुआ। लेकिन इस पहले 7 मई को इसमें 105 अंकों की तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी भी 34 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ था। आज के कारोबार के पहले हाफ दोनों इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार कर रहे थे। यानी सीमा पर तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अभी तक स्थिर और भरोसेमंद बना हुआ है।

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान का KSE 100 इंडेक्स अब तक करीब 13 फीसदी गिर चुका है। वहीं पर KSE-30 इंडेक्स में 14 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि दूसरी ओर सेंसेक्स और निफ्टी इस दौरान लगभग एक फीसदी ऊपर हैं।

भारत और पाकिस्तान के शेयर बाजार के रिटर्न की बात करें तो, पिछले 2 साल पाकिस्तान के लिए अच्छे रहे हैं। लेकिन बाकी सालों में अधिकतर बार भारतीय शेयर बाजार ने ही अच्छा प्रदर्शन किया है। साल 2017 से 2022 तक हर साल, भारत के शेयर बाजार ने रिटर्न के मामले में पाकिस्तानी बाजार को पीछे छोड़ा है। इस साल भी सेंसेक्स अब तक करीब ढाई फीसदी ऊपर रहा है, जबकि KSE-100 इंडेक्स इस दौरान 6 फीसदी नीचे जा चुका है।

अगर विदेशी मुद्रा भंडार की बात करें, तो भी भारत मीलों आगे है। भारत के पास इस समय करीब 688 अरब डॉलर का फॉरेक्स रिजर्व है। वहीं पाकिस्तान के पास महज 15.25 अरब डॉलर।

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