नवाचार से गतिमान हुआ सहकारी आंदोलन, एक वर्ष की उपलब्धियाँ

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग में नित नये नवाचार किये जा रहे हैं और नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भोपाल के राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में बताया कि राज्यों में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटराइजेशन के कार्य में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा। उन्होंने शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिये प्रदेश की सराहना की।

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के लिये लगभग हर माह सहकारिता संबंधी आयोजन करने का संकल्प लेकर काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों के आचरण और व्यवहार की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवायी जा रही है। नवाचार और अच्छा कार्य करने वालों को साल के अंत में उत्कृष्ट कर्मी के रूप में सम्मानित भी किया जायेगा। सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे। सहकारिता के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिये विभाग के तहत सभी स्तर के विभागीय कार्यालय, सहकारी संस्थाओं में “स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ अभियान के तहत स्वच्छता दिवस कार्यक्रम मनाया गया।

नई दिल्ली के इण्डिया हेबिटेड सेंटर में आयोजित 100वें राष्ट्रीय स्कॉच समिट में मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को उनके फर्टिलाइजर सप्लाई चैन ऑटोमेशन प्रोजेक्ट आईएफएसएस को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के तहत सहकारिता क्षेत्र में कुल 2305 करोड़ राशि में 19 एमओयू हुए। यह एक क्रांतिकारी पहल है, जब नये सीपीपीपी मॉडल के तहत इतने एमओयू सहकारिता क्षेत्र में हुए।

विभाग की गतिविधियों पर निरन्तर ध्यान दिया जा रहा है। सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गयी। अब विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति का एक भी प्रकरण लंबित नहीं है। इसी प्रकार अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों में आईबीपीएस से भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अपेक्स बैंक में 47 अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हुई है और 197 की भर्ती प्रक्रियाधीन है। जिला सहकारी बैंकों में 1099 समिति प्रबंधक और 1568 बैंकिंग सहायक की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गयी है और 2675 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त कर ली गयी है।

मध्यप्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त मॉडल बायलॉज सभी पैक्स में लागू कर पैक्स को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एम-पैक्स की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 637 नये एम-पैक्स के गठन की कार्यवाही शुरू है। प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सुविधा आमजन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 773 शाखाओं और उनसे संबद्ध 4000 पैक्स संस्थाओं द्वारा लगभग 4800 माइक्रो एटीएम का संचालन किया जा रहा है। माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सरल एवं शीघ्र लेन-देन की बैंकिंग सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं।

मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास जारी है। बीज संघ से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति पर भी काम किया जा रहा है। गाँव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। इससे सहकारी आंदोलन सशक्त हुआ है।

भारत सरकार द्वारा देश की सभी सहकारी संस्थाओें की जानकारी राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड करायी जा रही है। मध्यप्रदेश की सभी सहकारी संस्थाओं की एन्ट्री पोर्टल पर कर दी गयी है। मध्यप्रदेश, भारत सरकार की सहकारिता की गतिविधियों में लगातार कदम से कदम मिलाकर सहकारिता आंदोलन को गति देने का काम कर रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सहकारिता के कई आयामों में अग्रणी होगा।

 

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