पाकिस्तान फिर आएगा FATF की लिस्ट में… भारत ने कर ली पूरी तैयारी

नई दिल्ली
 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब दो हफ्ते बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाली जम्मू-कश्मीर (POK) में कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाते हुए उस पर एयर स्ट्राइक किया।भारत की यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के ठीक बाद हुई कई असैन्य और रणनीतिक कार्रवाई के बाद हुई, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने समेत कई अन्य फैसले लिए गए। इस दौरान भारत की तरफ से पाकिस्तान को एक बार फिर से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में डाले जाने की कूटनीतिक विवाद की व्यापक चर्चा हुई।

भारत पाकिस्तान में एक्टिव आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को नई खुफिया जानकारी सौंपने की प्लानिंग कर रहा है. FATF मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था है जिसने पाकिस्तान को कुछ सालों पहले तक आतंक के समर्थन के लिए ग्रे लिस्ट में रखा था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पूरी दुनिया को दिखाया कि कैसे पाकिस्तान आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट कर रहा है.

भारत पहले ही वैश्विक मुद्रा कोष, आईएमएफ सहित दुनिया की वित्तीय संस्थाओं से पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकने की अपील कर चुका है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान इन पैसों को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल कर रहा है.

भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की सोच रहा है. भारत नए सबूत दिखाने वाला है जिससे साफ होता है कि पाकिस्तान का सरकारी तंत्र आतंकी समूहों को लगातार संरक्षण दे रहा है. ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में जा सकता है.

भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले में संलिप्तता के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अपना कूटनीतिक अभियान तेज कर दिया है तथा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से पाकिस्तान को धनराशि उपलब्ध न कराने को कहा है। इसके अलावा भारत ने पश्चिमी देशों से पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में डालने को कहा है। बताते चलें कि एफएटीएफ की अगली बैठक जून महीने में प्रस्तावित है।

पाकिस्तान पिछले कई वर्षों तक ग्रे लिस्ट में शामिल रहा और 2022 में वह इस सूची से बाहर हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए  भारत ने कहा था कि एफएटीएफ की निगरानी की वजह से पाकिस्तान को 26/11 मुंबई हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

बताते चलें कि 2021 में एफएटीएफ की अहम बैठक से पहले पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनल कमांडर जकी-उर-रहमान को टेरर फंड्स का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

एफएटीएफ ने 27 प्वाइंट एक्शन प्लान को जारी करते हुए पाकिस्तान को 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। यह एक्शन प्लान मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर रोक लगाने की कार्रवाई से संबंधित था।

अब एक बार फिर से पाकिस्तान को इस सूची में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।

क्या है FATF?

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) वैश्विक तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग की निगरानी करने वाली संस्था है। पेरिस स्थित 40 सदस्यों वाली इस संस्था की स्थापना 1989 में हुई थी।

एफएटीएफ अपने सभी निर्णय एफएटीएफ प्लेनरी के जरिए लेता है और साल में तीन बार इसकी बैठक होती है। इस बैठक में उन देशों की जवाबदेही तय की जाती है, जो इसके मानकों का पालन नहीं करते हैं।

FATF की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का पुराना नाता

पाकिस्तान आतंकवाद के लिए कई बार FATF की ग्रेल लिस्ट में डाला जाता रहा है. आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला था.

FATF का कहना था कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के नामित आतंकवादी समूहों को टार्गेट करने में कमी दिखाई है. FATF के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकवादी समूहों की संपत्ति फ्रीज करने, उन्हें सजा देने और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहा था. इसके बाद से पाकिस्तान के FATF की ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का डर भी बना हुआ था. लेकिन अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटा दिया.

पाकिस्तान पहले भी कई बार FATF की ग्रे लिस्ट में डाला-निकाला जाता रहा है. पाकिस्तान को सबसे पहले 2008 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 2009 में हटा लिया गया था. 2012 और 2015 के बीच भी पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में था.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को बनाया निशाना

22 अप्रैल को पाकिस्तान स्पॉन्सर आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला किया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे और 17 अन्य घायल हुए थे. इस हमले के लिए भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया और 6-7 अक्टूबर को पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए.

भारत के हमले में कम से कम 100 आतंकी मारे गए जिन्हें पाकिस्तानी सरकार ने शह दे रखा था. भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया.

दोनों देशों के बीच लड़ाई करीब 4 दिनों तक चली जिसके बाद दोनों संघर्षविराम पर राजी हुए. हालांकि, भारत ने साफ कहा है कि आगे से किसी भी आतंकी कृत्य को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा.

क्या है ग्रे और ब्लैक लिस्ट?

एफएटीएफ की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यदि कोई देश एफएटीएफ के मानकों को लागू करने में विफल रहता है, तो उसे बढ़ी हुई निगरानी (इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग) और अधिक जोखिम वाले क्षेत्राधिकार (हाई रिस्क ज्यूरिसडिक्शंस) में डाला जाता है और इसे ही सामान्य भाषा में ग्रे और ब्लैक लिस्ट कहा जाता है।

ब्लैक लिस्ट में वे देश शामिल हैं, जहां मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए गंभीर रणनीतिक क्षमता का अभाव होता है।

इस सूची में फिलहाल तीन देश शामिल हैं: डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ईरान और म्यांमार।

वहीं, बढ़ी हुई निगरानी वाले क्षेत्राधिकार, जिन्हें ग्रे लिस्ट कहा जाता है, में वे देश शामिल होते हैं जो एफएटीएफ के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने की दिशा में काम करने के लिए जरूरी रणनीतिक क्षमता की कमजोरियों को सुधारने की कोशिश करते हैं।

यानी जब किसी देश को इस सूची में शामिल किया जाता है, तो उसका समान्य मतलब यह होता है कि ये देश सहमत समय-सीमा के भीतर पहचानी गई रणनीतिक कमियों को तेजी से दूर करने की दिशा में काम करेंगे।

सामान्य शब्दों में समझें तो वे तय समय सीमा के भीतर उन उपायों को लागू करेंगे, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर नकेल कसी जा सके।

ग्रे लिस्ट में शामिल देशों के नाम हैं, अल्जीरिया, अंगोला, बुल्गारिया, बुरकिना फासो, कैमरन, कोत दिव्वार (पुराना नाम आईवरी कोस्ट), क्रोएशिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, हैती, केन्या, लाओस, लेबनान, माली, मोनैको, मोजाम्बिक, नामीबिया, नेपाल, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण सूडान, सीरिया, तंजानिया, वेनेजुएला, वियतनाम और यमन।

More From Author

राजवाड़ा में मंगलवार को मोहन यादव कैबिनेट की बैठक, सीएम समेत पूरी कैबिनेट के लिए सुरक्षा के कड़े इंतेजाम

शहरवासियों को आधुनिक और सुगम परिवहन सुविधा देने वाली भोपाल मेट्रो के पहले फेज में 7 KM लंबे रूट पर कार्य पूरा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.