एक फिर डराने लगा कोरोना…अहमदाबाद में मिले 20 मरीज, दिल्ली में एडवाइजरी जारी, देश में अब तक 312 मामले

नई दिल्ली

देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं.

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं.

क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो.

उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा.

दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है.

सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, 'अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.'

एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए.

एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए.

सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, "जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है.

दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है .

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं .

दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा .

सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग 'दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल' पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए .

गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है .

गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं .

बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है .

JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक

इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते हैं कि यह वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है, लेकिन पहले के वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा खतरनाक नहीं है . ज़्यादातर मामलों में हल्के लक्षण जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द देखे जा रहे हैं .

सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा है कि JN.1 वेरिएंट से जुड़े मामलों में हालिया उछाल के साथ सावधानी बरतनी चाहिए . यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है, हालांकि लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं .

भारत की स्थिति और सावधानियां

भारत में स्थिति नियंत्रण में है और सक्रिय मामले कुल आबादी के हिसाब से बहुत कम हैं . ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है . स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोविड की नई लहर का कोई संकेत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है .स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है (जैसे बुजुर्ग, बच्चे या जिन्हें डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियां हैं), उन्हें बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जा रही है.

इन राज्यों में सामने आए नए केस

वहीं,  गुजरात, हरियाणा और केरल समेत कई राज्यों में कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं. गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद से कोविड-19 संक्रमण के तीन मामले सामने आए.

बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए.

इसके अलावा 21 मई को कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में कोविड-19 की पुष्टि हुई है.

कौन सा वैरिएंट है जिम्मेदार?
इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था. यह वैरिएंट ज्यादा संक्रामक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहले के वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा खतरनाक नहीं है. ज्यादातर मामलों में हल्के लक्षण जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द देखे जा रहे हैं.

भारत की स्थिति क्या है?
भारत में स्थिति नियंत्रण में है. सक्रिय मामले देश की बड़ी आबादी के हिसाब से बहुत कम हैं. ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं. अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोविड की नई लहर का कोई संकेत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है.

क्या बूस्टर डोज लेना जरूरी है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, जैसे बुजुर्ग, बच्चे या जिन्हें डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियां हैं. उन्हें बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जा रही है. हांगकांग और सिंगापुर में भी लोगों को बूस्टर डोज लेने के लिए कहा जा रहा है, खासकर अगर उनकी आखिरी डोज या संक्रमण को 6 महीने से ज्यादा हो गए हैं.

भारत में भी अगर आप इन देशों की यात्रा करने वाले हैं, जहां मामले बढ़ रहे हैं, तो बूस्टर डोज लेना एक अच्छा कदम हो सकता है. WHO के मुताबिक, XBB.1.5 मोनोवैलेंट बूस्टर वैक्सीन JN.1 वैरिएंट के खिलाफ 19% से 49% तक सुरक्षा दे सकती है. लेकिन अगर आपने पहले वैक्सीन ली है. स्वस्थ हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है.

सावधानी कैसे बरतें?
मास्क पहनें: खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क जरूर लगाएं.
हाथ धोएं: नियमित रूप से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
सांस संबंधी सावधानी: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें.
यात्रा में सावधानी: अगर सिंगापुर, हांगकांग, चीन या थाईलैंड जैसे देशों में जा रहे हैं, तो सावधानी बरतें. गैर-जरूरी यात्रा से बचें.
लक्षणों पर नजर: अगर बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत टेस्ट कराएं.
घबराएं नहीं, सतर्क रहें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह लहर पहले जितनी खतरनाक नहीं है. ज्यादातर लोग हल्के लक्षणों के साथ ठीक हो रहे हैं. भारत में भी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. अगर आप स्वस्थ हैं. पहले वैक्सीन ले चुके हैं, तो ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले लोग बूस्टर डोज पर विचार करें और सावधानी बरतें. कोविड-19 अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सही कदमों से हम इसे काबू में रख सकते हैं. सुरक्षित रहें, सतर्क रहें.

 

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