मॉनसून की जल्दी शुरुआत और सामान्य से अधिक बारिश की संभावना, आंधी-तूफान के खतरे क्या हैं, क्या अलर्ट कर रहे मौसम वैज्ञानिक

  •     मई 2025 में असामान्य मौसम, जुलाई जैसी भारी बारिश और तूफान देखे गए.  
  •     मौसम वैज्ञानिकों ने बाढ़, भूस्खलन और फसलों को नुकसान जैसे खतरों के बारे में चेतावनी दी है.  
  •     दक्षिण-पश्चिम मानसून 27 मई को केरल में जल्दी पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य से पहले है.  
  •     IMD ने केरल के कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.  
  •     गर्मी की लहर मई के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत में संभावित है, जो जटिल मौसम पैटर्न को दर्शाता है.

नई दिल्ली

मई 2025 भारत के लिए मौसम के लिहाज से असामान्य रहा है. आमतौर पर इस महीने गर्मी चरम पर होती है, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से कम रहा. भारी बारिश, तूफान और धूल के तूफान देखे गए. यह पैटर्न जुलाई में होने वाली मॉनसूनी तबाही जैसा है, जो मई में देखा गया.

मौसम की वर्तमान स्थिति

मई 2025 में भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-5°C कम रहा. पश्चिम, केंद्रीय और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान कम रहा. पूर्वी और केंद्रीय भारत में न्यूनतम तापमान 1-3°C कम रहा. यह असामान्य है, क्योंकि मई आमतौर पर गर्मी की तीव्रता का महीना होता है.

बारिश के मामले में, मई में असामान्य रूप से भारी वर्षा हुई. 2-8 मई को सभी भारत में वर्षा 20% अधिक थी, और 8-14 मई को 35% अधिक रही. यह पश्चिमी विक्षोभों और बंगाल की खाड़ी, अरब सागर से आने वाली नमी के कारण हुआ.

प्रभावित क्षेत्रों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, गंगा के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, त्रिपुरा, मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा शामिल हैं.

   दिल्ली में 25 मई 2025 को भारी बारिश हुई, जिसमें कुछ घंटों में 81.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इससे मई 2025 दिल्ली का सबसे गीला मई बन गया. यह असामान्य मौसम पैटर्न का एक स्पष्ट उदाहरण है.  

मानसून और अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 27 मई, 2025 को केरल तट पर पहुंचेगा, जो आमतौर पर 1 जून को होता है. यह चार दिन की जल्दी शुरुआत है, जो इस बात का संकेत है कि मानसून इस साल जल्दी और शायद सामान्य से अधिक बारिश ला सकता है. जून से सितंबर तक मानसून बारिश 105% LPA होने की संभावना है, जिसमें ±5% की त्रुटि हो सकती है.  

IMD ने भारी बारिश के लिए अलर्ट भी जारी किए हैं. केरल के थ्रिसुर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासारगोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथित्ता, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, पलक्कड़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.  

गर्मी की लहर और अन्य पैटर्न

हालांकि तापमान सामान्य से कम है, IMD ने चेतावनी दी है कि मई के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत, विशेष रूप से राजस्थान और हरियाणा में गर्मी की लहर आ सकती है. 21 मई, 2025 को राजस्थान के 10 स्थानों पर तापमान 44°C से अधिक रहा, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है. यह दिखाता है कि मौसम पैटर्न जटिल और क्षेत्रीय रूप से भिन्न हैं. पश्चिमी विक्षोभों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो मार्च-अप्रैल में चार और मई में दो बार आए, जिससे गीले मौसम और तूफान के बाद 5-7°C तापमान में गिरावट आई.

  संभावित खतरे और जोखिम

अचानक बारिश और तूफान से कई खतरे हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं…
    बाढ़: भारी बारिश से निचले इलाकों बाढ़ आ सकती है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जहां जल निकासी प्रणाली कमजोर है.  
    भूस्खलन: पहाड़ी इलाकों, जैसे उत्तराखंड और केरल में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है.  
    फसलों को नुकसान: असमय बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, जो किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है.  
    बिजली गुल: तूफान से बिजली के तार गिर सकते हैं, जिससे लंबे समय तक बिजली गुल हो सकती है.  
    यातायात व्यवधान: बाढ़ और तूफान से रेल और सड़क यातायात बाधित हो सकता है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है.  
    स्वास्थ्य जोखिम: ठहरे पानी से मच्छर पनप सकते हैं, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य वेक्टर-जनित बीमारियां फैल सकती हैं.

इन खतरों से निपटने के लिए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत है.  

मौसम वैज्ञानिकों की राय  

IMD के DG एम मोहपात्रा ने कहा कि मई में असामान्य बारिश और तूफान का दौर जारी है. मई के आखिरी सप्ताह में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गर्मी की लहर फैलने की संभावना है. दूसरी ओर, मौसम विशेषज्ञ एम राजीवन ने कहा कि मॉनसून की शुरुआत जल्दी हो सकती है. मई का तापमान इस पर असर नहीं डालेगा. इनसे पता चलता है कि मौसम पैटर्न जटिल हैं. क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण विभिन्न खतरों से भरा पड़ा है.

मुंबई में मूसलधार बारिश का कहर, 96 इमारतें कराई गईं खाली, कई इलाकों में येलो अलर्ट

महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुंबई में कल यानी रविवार से की बारिश हो रही है. आज भी सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून आने वाले 2 से 3 दिनों में दाखिल होगा. बारिश की वजह से ट्रेन या सड़क यातायात पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा है. हालाकि, प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है और मौजूदा स्तिथि का जायजा लिया जा रहा है.

IMD के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने वक्त से पहले ही महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है और अगले कुछ दिनों में मुंबई में तेज़ बारिश के साथ पूरी तरह एक्टिव होने की उम्मीद है.

मुंबई में तेज बारिश के चलते Kem Hospital के ग्राउंड फ्लोर के हॉल में पानी घुस गया. अस्पताल के अंदर जिस जगह पर पानी घुसा है, वहां बालरोग अति दक्षता विभाग, यानी बच्चों का PICU वार्ड है.

कई इलाकों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले वक्त में मध्यम से भारी वर्षा की उम्मीद है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है.

मुंबई, ठाणे और पालघर जैसे तटीय जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, जहां पर समुद्री हवाओं के तेज़ बहाव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

96 इमारतों से ट्रांसफर किए गए लोग

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और MHADA ने शहर में 96 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जिन्हें बारिश के मौसम में खतरनाक माना गया है और इनमें रह रहे लगभग 3100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रशासन मुस्तैद…

मुंबई में जलभराव की पुरानी समस्या को देखते हुए बीएमसी ने नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत और आपातकालीन कंट्रोल रूम की निगरानी जैसी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे भारी बारिश के दौरान शहर की सड़कें और यातायात सुचारु बनाए रखा जा सके.

खराब मौसम के बीच नागरिकों से अपील…

बीएमसी ने 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष यानी वॉर रूम एक्टिव कर दिया है, जहां नागरिक किसी भी आपात स्थिति की सूचना दे सकते हैं और सहायता प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही लोकल ट्रेन सेवाओं और बसों के संचालन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें, जलभराव वाले इलाकों से बचें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में नगर निगम द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें.

प्रशासन ने स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों की इमारतों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य तेज़ कर दिया है, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके.

मुंबई में कितनी बारिश?

आज यानी सोमवार को मुंबई के कई इलाकों में बारिश हो रही है. वहीं, पूर्व और पश्चिम उपनगरों में हल्की बारिश दर्ज की गई है.

    नरीमन पॉइंट, फायर स्टेशन: 40 मिमी
    नेत्र अस्पताल, ग्रांट रोड: 36 मिमी
    मेमनवाड़ा फायर स्टेशन: 35 मिमी
    सी वॉर्ड ऑफिस: 35 मिमी
    कोलाबा फायर स्टेशन: 31 मिमी
    बी वॉर्ड ऑफिस: 30 मिमी
    मांडवी फायर स्टेशन: 24 मिमी
    भायखला फायर स्टेशन: 21 मिमी
    ब्रिटानिया स्टॉर्म वॉटर स्टेशन: 18 मिमी
    नायर अस्पताल: 14 मिमी

एकनाथ शिंदे ने की खास अपील…

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रशासन को सतर्क रहने और राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं. एकनाथ शिंदे ने ठाणे जिले और भारी वर्षा वाले अन्य जिलों में स्थिति की समीक्षा की और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श भी किया. उन्होंने प्रशासन को समय पर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित न हो तथा जान-माल की कोई हानि न हो.

डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा, "संपूर्ण प्रणाली तैयार रखी जानी चाहिए और जरूरत के मुताबिक, सहायता एवं बचाव कार्य शीघ्रता से चलाए जाने चाहिए. बाढ़ग्रस्त सड़कों, पुलों और बिजली लाइनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए."

इसके अलावा, एकनाथ शिंद ने प्रशासन से जीर्ण-शीर्ण और खतरनाक इमारतों के मामले में सावधानी बरतने को कहा और यह सुनिश्चित करने के लिए भी सतर्क रहने को कहा कि मुंबई और ठाणे जैसे स्थानों पर उपनगरीय रेल यातायात सुचारू रूप से जारी रहे, या जहां बड़ी समस्या है, वहां यात्रियों को असुविधा न हो.

उन्होंने आगे कहा कि मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें, जब तक जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें. उन्होंने बताया कि प्रशासन आपकी मदद के लिए तैयार है लेकिन नागरिकों को भी सहयोग करना होगा.

एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे और नासिक जिलों में इस समय राज्य में सबसे भारी बारिश हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी उपाय लागू किए जा रहे हैं.

 

 

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