टूट रहीं उम्मीदें… 11 दिन बाद भी शिलांग गए कपल का पता नहीं, CRPF करेगी तलाश

इंदौर

इंदौर के दंपती राजा और सोनम रघुवंशी को लापता हुए आज सोमवार को 11 दिन हो गए हैं। मेघालय के ओसरा हिल्स से 23 मई की शाम के बाद उनकी कोई खबर नहीं है। तब से अलग-अलग 6 टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।

दरअसल, जहां से वे लापता हुए हैं, वह खाई और पहाड़ी इलाका है। ऐसे में सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन भी टीम के साथ ही हैं।

 मेघालय सरकार अब उन्हें खोजने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की मदद लेगी। बारिश के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। पुलिस ड्रोन भी नहीं उड़ा पा रही है। परिवार वाले चाहते हैं कि टीम खाई में उतरे और रेस्टोरेंट वाले से पूछताछ हो। उनका कहना है कि पुलिस ने गाइड से ठीक से पूछताछ नहीं की। वे आर्मी या स्पेशल टीम से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

एक सप्ताह से सर्चिंग जारी

पुलिस एक हफ्ते से लगातार सर्चिंग कर रही है। लेकिन बारिश की वजह से परेशानी हो रही है। ड्रोन को नीचे भेजने में दिक्कत आ रही है, इसलिए दंपती को ढूंढने में मुश्किल हो रही है। 50 के करीब जवान सर्च अभियान में लगे हैं।

परिवार निराश

इंदौर स्थित कपल के परिवार वाले निराश हैं। उनका कहना है कि रोजाना कुछ ही घंटे सर्चिंग हो रही है। टीम खाई में नहीं उतर रही है। वे ड्रोन को नीचे भेज रहे हैं, लेकिन बारिश की वजह से उसे वापस ऊपर ले आते हैं। परिवार वालों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।

गाइड से नहीं की पूछताछ

परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने उस गाइड से ठीक से पूछताछ नहीं की, जो राजा और सोनम को नीचे ले गया था। उनके सामने ही उससे सामान्य पूछताछ की गई और उसे छोड़ दिया गया। परिवार वाले सवाल कर रहे हैं कि वह अकेला दंपती को कैसे छोड़कर आ गया? वे गाड़ी में चाबी लगाकर कहीं कैसे जा सकते हैं? गाइड की जिम्मेदारी थी कि जहां से उसने दंपती को साथ लिया, वहीं छोड़ना था। परिवार वाले चाहते हैं कि उस रेस्टोरेंट वाले से भी पूछताछ होनी चाहिए, जहां दंपती ने आखिरी बार चाय-कॉफी पी थी।

परिवार वालों का कहना है कि जब पुलिस वहां नहीं पहुंच पा रही है तो ऐसे में स्पेशल टीम या आर्मी को लगाना चाहिए। वे खाई में उतरकर दंपती को ढूंढ सकते हैं। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ करनी चाहिए।

परिवार वालों ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों से पता चला है कि नीचे एक-दो गांव हैं, कुछ मकान बने हैं। अगर बारिश या किसी और वजह से दंपती फंस गए होंगे तो ग्रामीणों से उनकी जानकारी मिल सकती है। लेकिन पुलिस ने अभी तक न तो ग्रामीणों से संपर्क किया है और न ही किसी गाइड से गंभीरता से मदद ली है।

विपिन ने इंदौर में अपने भाई सचिन रघुवंशी को बताया कि वहां के हालात काफी खराब हैं। मौसम पल-पल बदल रहा है। बारिश बहुत कम रुकती है। फिसलन ज्यादा है। ड्राेन से उनकी तलाश की जा रही है। कई बार कोहरे में ड्रोन नहीं उड़ पाता है। मौके पर डॉग भी मौजूद हैं।

 बताया कि शिलांग में बारिश और कोहरा है। इसके कारण सर्चिंग में दिक्कत आ रही है। पहाड़ी इलाके में आर्मी ही कुछ कर सकती है लेकिन इसको लेकर किसी तरह की बात नहीं बताई गई है। जो 6 टीमें मिली थीं, वे ही सर्चिंग कर रही हैं।

दूसरी ओर, मेघालय के मंत्री पाॅल लिंग्दोह के बयान को लेकर परिजन नाराज हैं। उनका कहना है कि उनकी बातों ने हमें दुखी किया है। अगर एमपी में ऐसी घटना होती है, यहां ऐसा कभी नहीं कहा जाता। मेघालय सरकार को सिर्फ टूरिज्म की चिंता है।

युवक के मर्डर के बाद डरने लगे पर्यटक मेघालय के पर्यटन मंत्री पाॅल लिंग्दोह के बयान को लेकर विपिन ने कहा- एक मंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। इस तरह का बयान देना गलत है। यहां एक दिन पहले ही एक हत्या हुई है लेकिन अफसरों और मीडिया ने उसे सामने ही नहीं आने दिया। जनता भी अपराधों को छिपाती है जबकि सबको सभी तरह की जानकारी रहती है।

अब बाहर से आने वाले पर्यटक शाम 6 बजे ही अपने होटलों में जाने लगे हैं। लोगों को अकेले कहीं भी जाने में डर लगता है।

वहीं, राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी ने कहा- इतने दिन से दो लोग लापता हैं। लेकिन मंत्री का पर्यटन को बदनाम करने का आरोप बताता है कि सरकार को सिर्फ टूरिज्म की फिक्र है। पर्यटक की सुरक्षा को लेकर उनका ध्यान ही नहीं है।

जब मंत्री अपने बयान में संवेदनशील जगह पर नहीं जाने की बात कर रहे हैं तो वहां पर ऐसी सूचना लगानी थी। फाॅरेस्ट टीम को तैनात कर लोगों को आगे जाने से रोक देना था। वे इस तरह के बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

मां पल-पल कर रही याद, रिश्तेदार भी चिंतित राजा और सोनम के घर पर रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ है। परिवार की महिलाएं उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रही हैं। राजा की मां तो बेटे को पल-पल याद करती हैं।

राजा के जीजा रणजीत सिंह रघुवंशी ने कहा- मेघालय के पर्यटन मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा पूरा परिवार आहत है। बयान से लगता है कि उनकी भावना राजा और सोनम को ढूंढने की नहीं है। वे गुमराह कर रहे हैं। हमारी पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव से गुहार है कि बच्चों को सकुशल वापस इंदौर ले आएं।

सांसद ने कहा-शाह ने सीएम संगमा से बात की इधर, इंदौर लौटे सांसद शंकर लालवानी ने कहा- दुख की बात है कि रविवार को हुई तलाश में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वहां के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा से बात करके जल्द से जल्द दंपती को ढूंढने को कहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की संगमा से पहले ही बात हो चुकी है।

पुलिस ने आसपास के जनजातीय लोगों से भी मदद के लिए बातचीत की है। शिलांग पुलिस लगातार तलाश में लगी है। मेघालय डीजीपी की दंपती के परिजन के साथ भी मीटिंग हो चुकी है।

20 मई को हनीमून पर हुए थे रवाना राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए रवाना हुए थे। राजा रघुवंशी इंदौर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं। परिवार के अनुसार, दंपती 20 मई को इंदौर से बेंगलुरु होते हुए गुवाहाटी पहुंचे, जहां मां कामाख्या के दर्शन करने के बाद 23 मई को मेघालय के शिलांग रवाना हुए। शिलांग पहुंचने के बाद शुरुआत में परिवार की दोनों से बात होती रही, फिर संपर्क टूट गया।

राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी को पहले लगा कि नेटवर्क का इश्यू होगा, लेकिन 24 मई से दोनों के मोबाइल बंद हो गए तो चिंता होने लगी। कई प्रयासों के बाद जब कोई संपर्क नहीं हो सका, तो सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन इमरजेंसी फ्लाइट से शिलांग पहुंचे।

परिवार ने दंपती का पता देने वालों पर 5 लाख रुपए का इनाम भी रखा है। इससे पहले मंगलवार रात में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा से बात की थी। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया था।

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