सरपंच संवाद कार्यक्रम से सामाजिक सरोकार

भोपाल
ग्वालियर को कुपोषण मुक्त बनाने के लिये 2 विकासखण्डों के सरपंचों ने 292 बच्चों को गोद लेकर कुपोषण से मुक्त करने का संकल्प लिया है। ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा नवाचार के रूप में नई पहल सरपंच संवाद कार्यक्रम प्रारंभ की गयी है। ग्वालियर जिले के 2 ब्लॉक घाटीगाँव और भितरगाँव में सरपंचों ने कुपोषण से मुक्ति के लिये 292 बच्चों को गोद लिया। कार्यक्रम में 15 अगस्त तक जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाने का संकल्प भी लिया गया।

कलेक्टर श्रीमती चौहान की पहल पर जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा एवं ग्रामीणों के सहयोग से एक ही दिन में बड़ी संख्या में खेत-तालाब का निर्माण कर एक मिसाल कायम की है। ग्वालियर जिले की 263 ग्राम पंचायतों में 25 जून को 263 खेत-तालाब निर्माण एवं जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया।

ग्रामीण क्षेत्र को हरा-भरा करने का लिया संकल्प
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जल गंगा संवर्धन अभियान एवं सरपंच संवाद कार्यक्रम में सरपंचों को अपनी ग्राम पंचायत में खेतों की मेड़ पर पेड़ लगाने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो सरपंच वृहद स्तर पर पौध-रोपण करायेंगे, उन्हें 15 अगस्त पर सम्मानित किया जायेगा। कलेक्टर ने हर ग्राम पंचायत में “राम वन’’ अर्थात मियांबाकी पद्धति से समूह में पौधे रोपने के लिये सरपंचों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में बने आवासों और शासकीय भवनों में भी पौध-रोपण किया जाये।

सर्वाधिक खेत-तालाब बनाने वाले सरपंच होंगे सम्मानित
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में जो सरपंच अपनी पंचायत में सर्वाधिक खेत-तालाब बनवायेंगे, उन्हें सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी सरपंच स्थल चयन कर शीघ्र खेत-तालाब बनवायें।

 

More From Author

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने किया साफ, इस बार बाबा बर्फानी श्री अमरनाथ यात्रा वंदे भारत ट्रेन से नहीं होगी

वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, रिचार्ज बोर और लोक कल्याण सरोवर से तय हो रही पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.