मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र बनेगा विकास का नया केंद्र

अब बीहड़ की बिजली से जगमगायेंगे मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश
ग्वालियर में 77 करोड़ से निर्मित आईएसबीटी और 112 करोड़ से बने 132 केवी सब स्टेशन सहित फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खेल कॉम्पलेक्स का भी हुआ लोकार्पण
भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। हम सबके जीवन में उजाला लाने के लिए कटिबद्ध हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र शीघ्र ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन बेचने की कतई न सोंचे, क्योंकि इस क्षेत्र में शीघ्र ही रोजगार के नए अवसर और विकास की नई धाराएं बहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के आईएसबीटी परिसर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 265.56 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदियों को जोड़ने का अभियान चल रहा है। केंद्र सरकार की मदद से यहां पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है। साथ ही केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना से भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के किसानों को व्यापक स्तर पर लाभ मिलने वाला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र के बीहड़ों को अब बेहतर तरीके से विकसित किया जा रहा है। यहां के बीहड़ों में जल्द ही केंद्र सरकार के सहयोग से 2000 मेगावाट क्षमता का एक बड़ा सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त परियोजना होगी। इस परियोजना से दोनों ही प्रदेशों को ऊर्जा आपूर्ति होगी। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश 6-6 माह बराबरी से इस परियोजना से उत्पादित बिजली का उपभोग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगरा से ग्वालियर के बीच बन रहे नये सिक्स-लेन नेशनल हाई-वे के चलते बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करने में अपनी रुचि दिखाई है। इससे यहां तेजी से औद्योगिक विकास होगा और इस क्षेत्र का कायाकल्प भी सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर के गौरवशाली अतीत का स्मरण करते हुए कहा कि यह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि रही है। प्रदेश की धरती से भारत के विकास का दीपक अटलजी के रूप में प्रज्ज्‍वलित हुआ था। भारत मानवता के लिए जीता है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने तीन-तीन देशों से लड़ाई लड़ी। सर्जिकल स्टाइक में पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए हमारे सुखोई विमान ग्वालियर से ही उड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के लिए सरकार ने शुक्रवार को ही 94 हजार से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी है। उन्होंने ग्वालियर की जनता को बधाई देते हुए कहा कि वाकई यहां अतिभव्य आईएसबीटी लोकार्पित हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर का हजीरा अस्पताल प्रदेश में नंबर-1 आया है। चंबल के नौजवान हमारी सेना की ताकत बढ़ा रहे हैं। ग्वालियर में 6 लेन हाई-वे का निर्माण प्रारंभ होने से आगरा के बड़े व्यापारी अपने उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए ग्वालियर आ रहे हैं। ग्वालियर के विकास की बात पर हम सबके साथ हैं, जो भी मांगा है, उसे क्रमबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विश्व पटल पर भारत के गौरव को प्रतिस्थापित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिन-रात एक कर प्रदेश की जनता के लिए औद्योगिक क्रांति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शगुन का लिफाफा लेकर ग्वालियर आए हैं। हमारी मांग थी कि ग्वालियर-चंबल संभाग में डॉ. अंबेडकर धाम की स्थापना हो, जो बाबा साहेब की विचारधारा का मंथन केंद्र बने। उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले के डबरा के जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इसी अंबेडकर धाम के विकास के दूसरे चरण में 50 हजार वर्गफीट भूमि में एक भव्य इमारत चौरासी गांव में ही बनाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे सांदिपनि विद्यालयों में निजी स्कूलों के जैसी शिक्षा बच्चों को मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आगरा से ग्वालियर तक 5000 करोड़ रुपए लागत से नये 6 लेन हाई-वे की सौगात दी गई है। इस 6 लेन हाई-वे के बनने पर सिर्फ 45 मिनट में आगरा से ग्वालियर पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में वेस्टर्न हाई-वे बन रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ग्वालियर क्षेत्र में करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं।

सांसद ग्वालियर श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिसकी नीयत और नीति नेक होती है, वही देश ओर प्रदेश को आगे ले जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। देश को कर्मठ प्रधानमंत्री और प्रदेश को कर्मनिष्ठ मुख्यमंत्री मिले हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भव्य स्मारक बन रहा है। 

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आज ग्वालियर के लिए गौरवशाली दिन है। ग्वालियर के हजीरा अस्पताल को पहला स्थान मिला है। इसे जिला अस्पताल के समकक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अब मरीजों की बायपास सर्जरी की व्यवस्था भी की जाए। ग्वालियर में बड़े उद्योगों की स्थापना की जाए। कार्यक्रम के अंत में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार विकास के कामों को तेजी से बढ़ा रही है। प्रदेश का कोई भी क्षेत्र विकास के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, श्री प्रीतम लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष ग्वालियर श्रीमती दुर्गेश कुंवर जाटव, पूर्व मंत्री श्री अनूप मिश्र, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

 

More From Author

एयरटेल पर कार्रवाई तय! इंदौर नगर निगम ने गड्ढे के लिए बताया दोषी

मंत्री सारंग से प्रधानमंत्री कार्यालय के निदेशक श्री ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर ने की भेंट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.