MBBS और PG मेडिकल कोर्स की फीस में भारी बढ़ोतरी, छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

लखनऊ
 यूपी के निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की फीस 1.55 लाख से 5.71 लाख तक बढ़ गई है। साथ ही एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों के लिए कई कॉलेजों की फीस 10 लाख तक महंगी हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से फीस नियमन समिति की रिपोर्ट शासन को मंजूरी के लिए भेजी थी, जिस पर मुहर लग गई। इसके मुताबिक शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए करीब 90 प्रतिशत निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में भारी इजाफा हो गया है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से जारी पत्र के मुताबिक निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों की फीस तय करने को फीस नियमन समिति का गठन किया गया था। इस समिति की इस साल 7 फरवरी, 4 मार्च, 12 मार्च, 25 मार्च, 16 जून, 20 जून और 23 जून को बैठकें हुई थीं। इसमें काउंसलिंग में शामिल होने वाले सभी निजी कॉलेजों के प्रस्तावों को लेने के साथ ही उनके दावों की सुनवाई की गई थी।

कॉलेजों की तरफ से मुहैया करवाए गए दस्तावेज का सत्यापन करने के बाद फीस की दरों पर मुहर लगाते हुए उसे मंजूरी दे दी गई। फीस नियमन समिति की रिपोर्ट लागू करने के बाद एमबीबीएस करवाने वाले 31 मेडिकल कॉलेजों में से 17 कॉलेजों में फीस बढ़ी है, जबकि पीजी कराने वाले 23 मेडिकल कॉलेजों में से 9 की फीस बढ़ाने को मंजूरी मिली है।

प्रदेश में 31 निजी मेडिकल कॉलेज हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से गैर अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों की फीस निर्धारित कर दी गई है। फीस बढ़ोतरी के पीछे संबंधित कॉलेजों में संसाधन बढ़ाने का तर्क दिया गया है। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी डेढ़ से पांच लाख रुपये तक की गई है। 

अब निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस 12 से 19 लाख के बीच हो गई है। यहां नॉन एसी हॉस्टल की फीस पहले जहां 1.65 लाख थी, उसे बढ़ाकर 1.73 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। वहीं एसी हॉस्टल की फीस 1.92 लाख से बढ़ाकर 2.02 लाख रुपये कर दिया गया है। सिक्योरिटी राशि पूर्व की तरह तीन लाख और विधिक शुल्क 94160 रुपये रखा गया है।

एकमुश्त जमा नहीं कराया जाएगा शैक्षणिक शुल्क

चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सख्त निर्देश दिया गया है कि शैक्षणिक शुल्क किसी भी कीमत पर एकमुश्त जमा नहीं कराया जाएगा। हर मेडिकल कॉलेज में यह शुल्क प्रतिवर्ष जमा किया जाएगा।
सरकारी कॉलेजों की फीस

प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस एक लाख से कम है। केजीएमयू में करीब 54 हजार प्रतिवर्ष है। इसी तरह अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों की फीस भी 30 से 50 हजार के बीच है। वहीं हास्टल फीस करीब 40 से 50 हजार के बीच है।

हॉस्टल फीस में मामूली इजाफा
मेडिकल कॉलेजों में हॉस्टल की फीस पिछले साल 1 लाख 92 हजार से 3 लाख 30 हजार रुपये थी जबकि इस साल इसे बढ़ाकर 2 लाख 2 हजार से 3 लाख 46 हजार रुपया तक कर दी गई है।

More From Author

सोमवार 28 जुलाई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

BJP में बढ़ी हलचल: धनखड़ के जाने से टला राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन, यूपी को भी इंतजार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.