थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति की पहल, चार दिन की लड़ाई के बाद सीजफायर पर सहमति

नई दिल्ली

थाईलैंड और कंबोडिया कई दिनों तक चली घातक सीमा झड़पों के बाद 'तत्काल और बिना शर्त' सीजफायर पर सहमत हुए हैं. मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोमवार को कहा कि थाईलैंड और कंबोडिया कई दिनों से चल रहे सीमा संघर्ष को खत्म करने के लिए तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं. यह घटनाक्रम मलेशिया द्वारा थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश के बाद सामने आया है. 

कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने मलेशिया के पुत्राजया में इब्राहिम के आवास पर मध्यस्थता वार्ता में भाग लिया. उनके साथ मलेशिया में चीनी और अमेरिकी राजदूत भी थे.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर एक पोस्ट में कहा था, "थाईलैंड के साथ युद्ध रोकने के संबंध में अभी-अभी कंबोडिया के प्रधानमंत्री से बात की। मैंने अभी-अभी थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री से बात की है और यह बहुत अच्छी बातचीत रही। कंबोडिया की तरह थाईलैंड भी तत्काल युद्धविराम और शांति चाहता है।"
कंबोडिया के पीएम क्या बोले?

कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने  कहा कि उनका देश तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम पर सहमत है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उन्हें बताया कि कार्यवाहक थाई प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई के साथ ट्रंप की बातचीत के बाद थाईलैंड भी हमले रोकने पर सहमत हो गया है।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी जताई सहमति

थाईलैंड ने सतर्क समर्थन व्यक्त किया। थाई विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फुमथम ने ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि थाईलैंड सैद्धांतिक रूप से युद्धविराम पर सहमत है, लेकिन कंबोडिया की ओर से ईमानदारी से इरादे की जरूरत पर जोर दिया। फुमथम ने शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में ठोस कदमों पर चर्चा के लिए शीघ्र द्विपक्षीय वार्ता का आह्वान किया।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं से चर्चा में चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों में संघर्ष जारी रहा तो वे व्यापार समझौते रद्द कर देंगे।

गौरतलब है कि चार दिन से जारी इस संघर्ष में कम से कम 34 लोग मारे गए हैं और 1,68,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।

कंबोडिया बिना शर्त युद्ध विराम को तैयार

उधर, कंबोडियाई प्रधानमंत्री मानेट ने रविवार को कहा कि उनका देश तत्काल और बिना शर्त युद्ध विराम के लिए सहमत हो गया है।

उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उन्हें बताया कि कार्यवाहक थाई प्रधानमंत्री फुमथम के साथ ट्रम्प की बातचीत के बाद थाईलैंड भी हमले रोकने पर सहमत हो गया है। मानेट ने एक बयान में कहा, यह दोनों देशों के सैनिकों और लोगों के लिए सकारात्मक खबर है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी युद्ध रोकने को कहा

ट्रंप से पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने भी कंबोडिया और थाईलैंड से युद्धविराम के लिए एक समझौते पर पहुंचने का आग्रह किया था।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि गुटेरेस ने दोनों पक्षों से युद्धविराम पर तुरंत सहमत होने और विवाद का स्थायी समाधान खोजने के लिए बातचीत के माध्यम से किसी भी मुद्दे को सुलझाने का आग्रह किया है। गुटेरेस ने कहा कि 24 जुलाई से कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर जारी सशस्त्र संघर्षों को लेकर वे बेहद चिंतित हैं।

किस मुद्दे पर विवाद?

दोनों देशों के बीच 24 जुलाई को झड़प शुरू होने की जानकारी सामने आई थी. गुरुवार, 24 जुलाई को थाईलैंड ने कंबोडिया में कई ठिकानों पर बमबारी करने के लिए एक F-16 लड़ाकू विमान उड़ाया. दोनों पक्षों की तरफ से हुई गोलाबारी में करीब 11 नागरिक मारे गए. इस बीच, सीमा पर तनाव दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच एक दुर्लभ सशस्त्र संघर्ष में बदल गया. दोनों देशों ने अपनी 817 किलोमीटर लंबी ज़मीनी सीमा पर भारी तोपखाने की बमबारी और थाई हवाई हमलों से इसे और बढ़ा दिया था. 

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर इस झड़प को शुरू करने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए और दोनों पक्षों के 2,60,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए. दोनों देशों ने अपने राजदूतों को वापस बुला लिया और थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ सभी सीमाएं बंद कर दीं.

More From Author

उज्ज्वला योजना ने बदली 10.33 करोड़ महिलाओं की ज़िंदगी: हरदीप पुरी

नई शिक्षा नीति बनेगी भविष्य की नींव, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.