श्रद्धालुओं की मौत पर गरमाई सियासत, कुबेरेश्वर धाम हादसे पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने

सीहोर

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर मानव अधिकारी आयोग के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रही कुसुम महदेले ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने मामले को लेकर सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है।

 सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है।

इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।

जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला…

    बुधवार (6 अगस्त) को पंडित प्रदीप मिश्रा के जरिए सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया।

    मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। खबर है कि श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई है।

पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया

पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए।

कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल

भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना।

पंडित प्रदीप मिश्रा पर हो कार्रवाई

पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने ट्वीट कर पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने लिखा- कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होना चाहिए। सरकार को पंडित प्रदीप मिश्रा पर कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को धर्म के प्रति उन्मादी ना बनाएं। उन्होंने सवाल उठाया है कि तुम्हारे रुद्राक्ष बांटने से पुण्य मिल रहा है या हत्याएं हो रही है?

कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

सीहोर में कुबरेश्वर धाम पर हुई अव्यवस्था और मौतों पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। कहा- बड़ा आयोजन होता है सरकार जिम्मेदारी की रहती है। कुबेरेश्वर धाम को लेकर व्यवस्था सरकार को करना चाहिए थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्लान तैयार होना था। हादसे का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है। सरकार को इस घटना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और हादसे ना हो इसको लेकर कदम भी उठाना चाहिए।

मंगलवार को भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की हुई मौत मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनकी पहचान बुधवार को हुई है। मृतकों के नाम..

    जसवंती बेन (उम्र 56 वर्ष) पति चंदू भा, निवासी, ओम नगर राजकोट गुजरात
    संगीता गुप्ता (उम्र 48 वर्ष) पति मनोज गुप्ता, निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश

बुधवार को इन श्रद्धालुओं की हुई मौत

    चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल, निवासी गुजरात – बताया जा रहा है कि चतुर सिंह की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के पीछे स्थित आनंद होटल के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे खड़े-खड़े गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई।

    ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) पिता मवासीराम यादव, निवासी, रोहतक हरियाणा – बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह की शाम करीब 4 बजे कुबेरेश्वर धाम में तबीयत बिगड़ गई। वे अचानक चक्कर आने से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

    दिलीप सिंह (उम्र 57 वर्ष) निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ – दिलीप सिंह को बुधवार शाम करीब सवा 7 बजे कुबरेश्वर धाम से जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।

गुरुवार को एक श्रद्धालु की गई जान गुरुवार सुबह एक डेड बॉडी जिला अस्पताल लाई गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक का नाम उपेंद्र गुप्ता (22) पिता प्रेम गुप्ता वर्ष निवासी बड़ा टोला, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। उपेंद्र को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के कारण मौत होना बताया गया।

ये श्रद्धालु हुए घायल

    सुनीता, निवासी हरियाणा – सुनीता नाम की एक महिला कावड़ ले जाते समय भोपाल-इंदौर हाईवे पर गिरने से घायल हो गई।
    पूजा सैनी, निवासी मथुरा – कुबेरेश्वर धाम में मथुरा से आई पूजा सैनी नाम की महिला भी गिरने से जख्मी हो गई।
    मनीषा, निवासी नागपुर – नागपुर की मनीषा भी अचानक धाम में पास बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल लाया गया है।

कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें

    पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।

    कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की।

    सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस की प्रतिक्रिया: दोनों दलों के विधायकों ने इस घटना की जांच की मांग की और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता जताई।

    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने घटना की न्यायिक जांच कराने का वादा किया, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    घटना के बावजूद, श्रद्धालु आयोजन से खुश थे और कुबेरेश्वर धाम पहुंचने पर अपार खुशी महसूस कर रहे थे।

घटना पर सरकार ने जांच का दिया आश्वासन

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इस घटना की जांच कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटनाक्रम के संदर्भ में न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि हादसों की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़

मंगलवार (5 अगस्त) को जब रुद्राक्ष वितरण किया जा रहा था, तो अचानक भगदड़ मच गई। इसमें दो महिलाएं अपनी जान गंवा बैठीं। मृतकों की पहचान जसवंती बेन (56 वर्ष) और संगीता गुप्ता (48 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, बुधवार (6 अगस्त) को अन्य तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई। इनमें चतुर सिंह (50 वर्ष), ईश्वर सिंह (65 वर्ष), और दिलीप सिंह (57 वर्ष) शामिल हैं।

वहीं सूत्रों के मुताबिक, आज (7 अगस्त) उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने श्रद्धालु को मृत घोषित किया और बताया कि युवक की मृत्यु हृदय गति रुकने के कारण हुई है।

मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़ में हुई दो महिलाओं की मौत के मामले में मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव कुमार टंडन ने संज्ञान लिया है, और संबंधितों से जवाब मांगा है। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जांच कराकर भीड़ प्रबंधन की क्या व्यवस्था थी, घायलों के इलाज में क्या कार्यवाही की गई, मृतकों को क्या आर्थिक सहायता दी गई, इस संबंध में 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

पं. प्रदीप मिश्रा का पुराना राग

कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा, समिति और प्रशासन ने व्यवस्थाएं पूरी की थीं, लेकिन जिस तरह कुंभ में श्रद्धालुओं के सैलाब का अंदाजा किसी को नहीं होता, यहां भी ऐसा ही था। उम्मीद से ज्यादा श्रद्धालु आ गए।

श्रद्धालु आयोजन से थे आनंदित

भले ही आयोजन में भारी भीड़ थी और वहां पहुंचने के लिए यातायात में भारी जाम भी था, लेकिन श्रद्धालु इस आयोजन से आनंदित थे। कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि हालांकि यहां पर भीड़ बहुत थी और सांस लेने की जगह नहीं थी, लेकिन कुबेरेश्वर धाम पहुंचने पर उन्हें अपार खुशी महसूस हुई।

भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने उठाए सवाल कुसुम महदेले के ट्वीट का बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों ने भी समर्थन किया है। पढ़िए किसने क्या कहा-

कंचन तन्वे, खंडवा से भाजपा विधायक- प्रदीप मिश्रा जी से हम यही कहेंगे कि आप कथा करो, ये रुद्राक्ष मत बांटो। क्योंकि रुद्राक्ष बांटने के चक्कर में कई लोगों की ऐसे जान चली जाती है। लोग भगदड़ मचाते हैं। लोग कथा सुनें, लोगों को और आने वाली पीढ़ी को ज्ञान मिले।

राजेन्द्र कुमार सिंह, अमरपाटन से कांग्रेस विधायक- कुसुम महदेले बहुत वरिष्ठ नेता हैं। मैं उनके विचार से पूर्णत: सहमत हूं धर्म में ये आडंबर नहीं होना चाहिए। धर्म ज्ञान सिखाता है आदमी को अच्छा इंसान बनना सिखाता है। धर्मगुरुओं का यही काम होना चाहिए कि लोगों को अच्छा इंसान बनाए।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने निकाली 11 किमी की कांवड़ यात्रा सीहोर में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। शहर की सीवन नदी से शुरू हुई ये यात्रा 11 किलोमीटर चलकर कुबेरेश्वर धाम पहुंची तो हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए। दावा किया जा रहा है कि इस कांवड़ यात्रा में शामिल होने देशभर से करीब ढाई लाख श्रद्धालु सीहोर पहुंचे।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को कहा, शिव पुराण के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी पर निवास करते हैं। इस मास में पूजन, उपवास और सेवा का विशेष फल मिलता है। कलयुग में यह शिव युग की वापसी का प्रतीक है।

श्रद्धालु बोले- भीड़ है, लेकिन आनंद भी आ रहा एक श्रद्धालु बोलीं, हम 7-8 लोग कांवड़ यात्रा में आए हैं। भीड़ तो इतनी है कि पैर रखने की जगह नहीं है। यहां आने-जाने वाली गाड़ियों में लोग खचाखच भरे हुए हैं। इन गाड़ियों में सांस तक ले पा रहे। लेकिन यहां पहुंचकर कुबेरेश्वर धाम के दर्शन किए। इतना भव्य आयोजन देखकर आनंद आ रहा है।

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