ग्वालियर-छतरपुर-भिंड सहित 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर समेत 11 जिलों में अलर्ट

भोपाल
 उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बने ऊपरी हवा के चक्रवात का असर इन दिनों मध्य प्रदेश में भी नजर आ रहा है। चक्रवात से आ रही नमी के कारण सोमवार को प्रदेश के सात जिलों में बारिश हुई, जिसमें छतरपुर के नौगांव में सबसे ज्यादा 59 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को भी यह प्रभाव जारी रहेगा। प्रदेश के करीब 14 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
सात जिलों में बारिश

    सोमवार को नौगांव में 59 मिमी, सिवनी और खजुराहो में 10-10 मिमी, पचमढ़ी में 7 मिमी, दमोह में 5 मिमी, सतना में 4 मिमी और दतिया में 2 मिमी वर्षा दर्ज हुई। बारिश के साथ धूप-छांव की स्थिति बनी रही, जिससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पूर्वी मध्य प्रदेश के नौगांव और छिंदवाड़ा को छोड़कर ज्यादातर जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में रतलाम का तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

छतरपुर के नौगांव में 2.3 इंच बारिश ​​​​​​​मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। 13 अगस्त को दक्षिणी हिस्से के जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं, 14 अगस्त को भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर और जबलपुर संभाग के जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है।

इससे पहले सोमवार को छतरपुर जिले के नौगांव में 2.3 इंच बारिश हो गई। दतिया, ग्वालियर, पचमढ़ी, दमोह, खजुराहो, सतना, सिवनी समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

15 अगस्त से लगातार तेज बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि एक ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश हो रही है। 13 अगस्त से एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव हो रहा है। इस वजह से 15 अगस्त से लगातार तेज बारिश होने का अनुमान है।

तेज झड़ी लगते ही कई जिलों में कोटा होगा फुल वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में कई जिलों में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 36% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 23% बारिश अधिक हुई है। अब तक ओवरऑल 29 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है।

गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा, इंदौर सबसे पीछे इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडोरी, सागर, पन्ना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम और उमरिया में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर संभाग में कम पानी गिरा है।

एमपी में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 22.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है।

चारों महानगरों में मौसम का हाल

    राजधानी भोपाल में सोमवार को धूप-छांव के साथ आसमान पर बादल छाए रहे और अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री, न्यूनतम 24.02 डिग्री रहा।
    इंदौर में अधिकतम 30.2 और न्यूनतम 22.0 डिग्री, ग्वालियर में अधिकतम 31.7 और न्यूनतम 27.3 डिग्री, जबकि जबलपुर में अधिकतम 32.0 और न्यूनतम 24.0 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी और उमस से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश के आसार

मौसम केंद्र ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ समेत अन्य जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

More From Author

राजस्थान के रणथंभौर में बकरियों का शिकार करने पहुंची चीता ज्वाला पकड़ी गई, कूनो लाया जा रहा

सरकार के गंभीर रुख से ओबीसी आरक्षण को मिला बल, सुप्रीम कोर्ट रोज करेगा सुनवाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.