जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, सराहनीय पहल : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने किया बैहर में महा आरोग्य शिविर का शुभारंभ

भोपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि बैहर (बालाघाट) जैसे दूरस्थ और जनजातीय बहुल इलाके में स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का आयोजन किया जाना सराहनीय प्रयास है। इसका लाभ इस क्षेत्र की स्थानीय और जनजातीय जनता को मिलेगा। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को बालाघाट जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्र बैहर के एकलव्य विद्यालय परिसर में आयोजित महा आरोग्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर कही।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि अधिकांशत: जनजातीय समुदाय में अनुवांशिक सिकल सेल बीमारी बहुतायत में पाई जाती है। इस बीमारी की रोकथाम के लिये बच्चों के विवाह से पहले जिस तरह कुण्डली मिलाई जाती है उसी तरह बच्चो के सिकलसेल कार्ड का मिलान करना चाहिये। यदि लड़का और लड़की दोनो सिकल  सेल के वाहक है तो उनकी आपस में शादी नहीं करनी चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में औषधि पौधों से दवाई बनाने के कारखाने लगाने के शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष-2047 तक सिकल सेल रोग के उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इसके लिये 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को संकल्प लेना होगा कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता से वर्ष 2047 तक कोई भी बच्चा सिकल सेल से ग्रसित पैदा नही होना चाहिये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बालाघाट में सिकलसेल की पहचान के लिये 4 लाख 36 हजार  818 लोगो की जांच की गई है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, भारिया और सहरिया रहती है। इन जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिये पीएम जनमन योजना लागू की गई है। इस योजना में केन्द्र सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना में 9 विभागों को शामिल किया गया है। इसी प्रकार जनजातीय बाहुल्‍य क्षेत्रों के विकास के लिये धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना लागू की गई है। इस योजना में 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 70 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 30 प्रतिशत राशि दी जा रही है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग की बेहतरी और कल्याण के लिये योजनाऍ बना रही है। इन योजनाओं से गरीबो का जीवन संवर रहा है। आयुष्मान कार्ड पर 5 लाख रूपये तक का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये स्व‍-सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार मूलक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इससे गरीब महिलाऍ लखपति बन रही है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देकर ड्रोन दीदी के नाम से नई पहचान दिलाई जा रही है। उज्‍जवला योजना में गरीब परिवार की महिला को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार गरीब लोगों को पक्का मकान बनाकर दे रही है। स्वच्छता अभियान में हर गरीब के घर पक्के शौचालय बनाये जा रहे है।

हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण
राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल  सेल से पीड़ित युवती को दिव्यांग प्रमाण पत्र, वनाधिकार अधिनियम के अन्तर्गत घुरसीबहरा एवं मुरैण्डा के हितग्राहियों को सामुदायिक वन पट्टा तथा लातरी के हीरालाल, बिसनलाल एवं फूलचंद को व्यक्तिगत वन पट्टा प्रदान किया। आजीविका मिशन के अन्तर्गत 34 महिला समूहों को 1.06 करोड़ रूपये की राशि का चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से हितग्राहियों को वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग पेशन 280 वृद्धजनों को व्हील चेयर, कान की मशीन, छड़ी, कमोड चेयर एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदाय किये गये। कृषि विभाग की ओर से  हितग्राहियों को फसल बीमा दावा राशि व कृषि यंत्र की अनुदान राशि वितरित की गई।

राज्यपाल श्री पटेल के शिविर में पहुंचने पर पारंपरिक बैगा नृत्य से उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आयुष विभाग द्वारा आयुष पद्धति से उपचार के प्रदर्शन के स्टॉल लगाये गये थे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पूर्व मंत्री श्री रामकिशोर कावरे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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