जल संसाधन मंत्री सिलावट कहा- सतत निगरानी के साथ करें सभी सुरक्षात्मक उपाय

भोपाल  
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में अब तक हुई बारिश से जलसंरचनाओं में जल भराव की स्थिति अच्छी है। विभागीय अधिकारी जल संरचनाओं की सतत निगरानी एवं अनवरत कार्य करते हुए सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। बांधों में पानी छोड़ने की सूचना सभी संबंधितों एवं आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराएं। मंत्री श्री सिलावट ने मंगलवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य अभियंता बोधी परियोजना, अधीक्षक यंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 905.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में औसत वर्षा से 23 प्रतिशत अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 25 प्रतिशत अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 22 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 840.70 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 82.23 प्रतिशत औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 83.65 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 17 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं।

प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 145 बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक, 32 बांधों में 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक तथा 45 बांधों में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक जल भराव हो चुका है। इसी प्रकार 27 बांधों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक, 14 बांधों में 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10 प्रतिशत से कम जल भरा हुआ है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के प्रमुख 17 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के 9, बानसुजारा टीकमगढ़ का 1, धोलाबाड़ टैंक रतलाम का 1, बिलगांव डिंडोरी के 2, इंदिरा सागर खंडवा के 12, महान सीधी के 6, कुटनी छतरपुर के 2, महुअर शिवपुरी के 2, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के 1, ओंकारेश्वर के 9, पगारा मुरैना के 2, पगरा फीडर सागर का 1, पवई पन्ना का 1, राजघाट अशोकनगर के 3, तवा नर्मदापुरम के 3, थावर मंडला का 2 तथा अपर ककेटो श्योपुर का 1 गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है।

नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति
        नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 100.16 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 95.60 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 93.87 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 69.26 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 86.1 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 92.64 प्रतिशत भर चुका है।

        प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 96.44 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 92.03 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई।

        वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 85.74 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 83.08 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 44.54 प्रतिशत जल भराव है।

        माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 85.03 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 70.87 प्रतिशत एवं 28.25 प्रतिशत जल भराव हुआ है।

        बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 54.70 एवं 63.67 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 86.91 प्रतिशत, संजय सागर बांध 93.41 प्रतिशत और राजघाट 81.83 प्रतिशत भर चुके हैं।

        चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 58.4 प्रतिशत, मोहनपुरा 91.27 प्रतिशत और कुण्डलिया 60.24 प्रतिशत भर गए हैं।

        प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन, धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 77.41 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 62.38 प्रतिशत जलभराव में है।

        इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर, एवं अशोक नगर मे भी भारी वर्षा दर्ज की गई। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100 प्रतिशत, हरसी 104.01 प्रतिशत, अपर काकेटो 76.59 प्रतिशत, काकेटो 101.37 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 90.49 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 75.59 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।

 

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