योगी सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों से पिछले 8 वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व उन्नति

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को मिली ऊंचाई

लखनऊ
योगी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में यूपी को अभूतपूर्व प्रगति दी। सरकार के जागरूकता कार्यक्रम और सकारात्मक पहल से उत्तर प्रदेश ने नया अध्याय लिखा है।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन में "सोशल मीडिया की कार्यशाला " का शुभारंभ किया। सोशल मीडिया के कृषि पर  सकारात्मक प्रभाव एवं भविष्य की संभावना पर जोर देते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रदेश मे हुए समग्र विकास का ब्योरा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। 

उत्तर प्रदेश मे रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक फसल उत्पादन का कार्य किया जाता है। जिसमें मौसम की विभिन्न स्थितियों के अनुरूप  प्रजातियों/ फसलों की बुआई एवं उनकी विभिन्न विकास की अवस्थाओं पर तकनीकी पहलुओं के साथ साथ कृषि निवेशों की उचित प्रयोग से पहले की अपेक्षा अब कृषि का तेजी से विकास हो रहा है तथा अधिक उत्पादन भी सुनिश्चित हुआ है l इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि से सम्बंधित सूचनाओं के त्वरित गति से सम्प्रेषण का बड़ा योगदान है l

कृषि में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि
 कृषि क्षेत्र का GDP विकास दर में योगदान: वर्ष 2016-17 में कृषि सेक्टर की विकास दर 8.8 प्रतिशत जब कि वर्ष 2024-25 में कृषि सेक्टर की विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गयी है,जो कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम है। 

 कृषि GSVA (Gross State Value Added) में योगदान  
कृषि GSVA वर्ष 2016-17 के 2.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 118 प्रतिशत वृद्धि को प्रदर्शित करता है l

वर्तमान सरकार के प्रयास एवं सघन रूप से चलाये जा रहे कृषि में जागरुकता कार्यक्रमों से प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है l इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है l 

 फसल आच्छादन खरीफ वर्ष 2016-17 में कुल 91.45 लाख हेक्टेयर कृषि फ़सलों का आच्छादन रहा, जबकि योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2024-2025 में आच्छादन 105.93 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि पूर्व से लगभग 14.48 लाख हेक्टेयर अधिक है l

कृषि उत्पादन के आंकड़े, सरकार के विजन व उपलब्धियां

 चावल वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 लाख मीट्रिक टन हुआ l

 गेहूं – वर्ष 2016-17 में गेहूँ का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 लाख मीट्रिक टन हुआl

 दलहन वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन हुआ है l

 तिलहन: वर्ष 2016-17 में तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 लाख मीट्रिक टन हुआ है।

 फसल सघनता : कृषि के महत्वपूर्ण इंडिकेटर फसल सघनता जो वर्ष 2016-17 में 163 प्रतिशत  थी, के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 182 प्रतिशत है, में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
 

योगी सरकार द्वारा कृषकों के हित में जागरुकता के  लिए किए गये ठोस प्रयास 
विकसित कृषि संकल्प यात्रा कुल 14170 ग्रामों में आयोजित की गई, जिससे कुल 23.30 लाख कृषकों को ICAR, कृषि विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में जा कर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रोत्साहित/लाभान्वित किया गया l

किसान पाठशाला: कृषकों में क्षमता विकास के लिए कुल 76000 ग्रामों में आयोजित किया गया, जिसमे 1.71 करोड़ किसानों को कृषि नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया l

 त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम  प्रदेश में मक्का को अधिक उपयोगी एवं उत्पादक बनाए जाने हेतु सरकार द्वारा कृषक हित में  यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह बहुपयोगी फसल के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित है, जिसका इस्तेमाल खाद्यान्न, पशु आहार एवं औद्योगिक (एथनॉल) उद्देश्यों के लिए किया जाता है l वर्ष 2016-17 में  मक्का के क्षेत्रफल 3.06 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कुल 5.42 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 11.87 लाख मीट्रिक टन है l कृषकों के क्षमता विकास हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय 6510 गोष्ठियां, विकास खण्ड स्तरीय 825 गोष्ठियां, जनपद स्तरीय 75 गोष्ठियां आयोजित की गई

कृषि वैज्ञानिकों का क्षेत्र भ्रमण : कृषि विश्वविद्यालय/ICAR /कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों का भ्रमण/निरीक्षण कर कृषकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराया गया, जिससे फसलों के आच्छादन, उत्पादन के साथ कृषकों के कार्य करने के तरीकों में सकारात्मक परिवर्तन हुए और  उत्पादन बढ़ा है l

उत्तर प्रदेश: देश के कृषि क्षेत्र मे (उत्पादन में) 

⚫गेहूँ में प्रथम स्थान 
⚫चावल में प्रथम स्थान
⚫गन्ना में प्रथम स्थान
⚫आलू में प्रथम स्थान
⚫बाजरा में दूसरा स्थान
⚫मसूर में दूसरा स्थान 
⚫राई/सरसों में दूसरा स्थान 
⚫दलहन में तीसरा स्थान 

कृषि एवं किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है l

इस अवसर पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, सचिव उपकार एके सिंह,एम डी बीज विकास निगम पीयूष शर्मा, अपर कृषि निदेशक प्रसार आरके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक आशुतोष मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक(ब्यूरो) एके सिंह सहित राजस्थान के कृषि में सोशल मीडिया के विशेषज्ञ पिंटू मीना पहाड़

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