माँ नर्मदा की उद्गम स्थली में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा : लोक निर्माण मंत्री सिंह

भोपाल 
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अमरकंटक में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन किया। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल सड़क नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था को आधुनिकता से जोड़ने वाला पथ बनेगा। कपिलधारा जलप्रपात, जिसे ऋषि कपिल की तपोभूमि माना जाता है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि पाँच किलोमीटर लंबे इस नए पहुँच मार्ग को ऐसा रूप दिया जाएगा, जिससे यह केवल सड़क न लगकर एक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव प्रदान करेगा।इस दो लेन चौड़े मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, छायादार आश्रय स्थल, कम्पोस्ट शौचालय और सौर ऊर्जा से संचालित दीपक लगाए जाएँगे। मार्ग की बाउंड्री पर कपिल मुनि की तपस्या, राजा सगर के पुत्रों और माँ गंगा के अवतरण की गाथाएँ उकेरी जाएँगी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह मॉडल भीमबेटका और भोजपुर जैसे स्थलों पर भी लागू किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में विभागीय निर्णय
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंत्री श्री सिंह ने गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने औचक निरीक्षणों में सख़्ती दिखाई है, वहीं कुछ ने बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की। यह रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान और लापरवाही करने वालों को दंड मिलेगा।

लोक कल्याण सरोवर योजना पर जोर
बैठक में लोक कल्याण सरोवर योजना पर चर्चा हुई। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिक्षेत्र में 10-10 सरोवरों का चयन कर मुख्य अभियंता स्वयं उनका भौतिक निरीक्षण करें। इन सरोवरों पर सूचना पट्टिकाएँ लगाई जाएँ और इन्हें स्थानीय समाज के लिए उपयोगी धरोहर बनाया जाए।

टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों का सर्वेक्षण रोड़ ट्रेकिंग एंड सर्वे मोबाइल ऐप से किया जाएगा। यह ऐप मुख्यमंत्री द्वारा अभियंता दिवस पर लोकार्पित किए जाने का प्रस्ताव है। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा तैयार मास्टर प्लान रोड मैपिंग टूल पर भी चर्चा हुई, जिसे 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस टूल से सड़क योजना वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगी।

नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास
बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह पथ श्रद्धालुओं के लिए केवल एक रास्ता नहीं होगा, बल्कि आस्था और संस्कृति का अनुभव बनेगा। इसमें ठहरने, भोजन और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा तथा पूरी योजना ईको-फ्रेंडली सिद्धांतों पर आधारित रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समुदाय और स्थानीय समाज की राय लेकर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल
समीक्षा बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि “जनता को हर सड़क और भवन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

 

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