CM मोहन यादव का तोहफा: 7832 टॉपर्स को स्कूटी सहित पुरस्कार, बच्चों में खुशी की लहर

भोपाल 
मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए 11 सितंबर का दिन बेहद खास रहा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7832 बच्चों को स्कूटी गिफ्ट में दी. इसके साथ ही सीएम डॉ. यादव ने सेनिटेशन-हाइजीन योजना के तहत 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को 61.12 करोड़ से ज्यादा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा बच्चियों को 7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की.

इतना ही नहीं उन्होंने एक बच्ची की स्कूटी पर पीछे बैठकर स्कूटी राइड का आनंद भी उठाया. इसके बाद प्रदेश के मुखिया ने बच्चों को गाड़ी सावधानी से चलाने, लाइसेंस बनवाने और नंबर प्लेट लगवाने की सलाह भी दी. दूसरी ओर, स्कूटी पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए.उन्होंने इस गिफ्ट के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दिया.
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के लिए बेहतर भविष्य के अवसर बन रहे हैं. प्रदेश के विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, साइकिल, कॉपी-किताबें सहित अनेक सौगातें मिल रही हैं. आज स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से 12वीं बोर्ड परीक्षा में स्कूल के टॉपर रहे 7832 बच्चों को स्कूटी दी गई है. वर्तमान में विश्व में भारत का समय चल रहा है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए संकल्पित हैं. भारतीयों ने हर मुश्किल परिस्थिति में अपनी क्षमता के माध्यम से दुनिया में पहचान बनाई है. बदलते दौर में भारत सरकार नई तकनीक को प्रोत्साहित कर रही है. दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है. दुनिया का बड़े से बड़ा मंच प्रधानमंत्री मोदी की गैर-मौजूदगी से सूना महसूस करता है. पड़ोसी देश पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि काश, मोदी हमारे देश के भी प्रधानमंत्री होते. आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है. प्रधानमंत्री मोदी हर स्थिति में वैज्ञानिकों के साथ हैं.

मध्यप्रदेश में हो रहे बड़े काम
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय थी. इनमें बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता था. अब शहर-शहर में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना हो रही है. कांग्रेस की सरकार ने बच्चों को कभी पेन तक नहीं दिया. कांग्रेस के लोग शर्म करें कि इजरायल और जापान हमारे साथ आजाद हुए. लेकिन, आज दोनों देश कहां पहुंच गए? शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर कार्य हुआ. राज्य सरकार मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षेत्र को विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. सिंचाई का क्षेत्र 52 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. विश्व का पहला नदी जोड़ो अभियान केन बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की धरती पर शुरू हुई है. इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी.

नौकरी करने वाले नहीं, देने वाले बनें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1923 में आईसीएस की परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था. लेकिन, उन्होंने नौकरी नहीं की. वे अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़े. आज भारत में लोकतंत्र की खूबसूरती ये है कि कोई भी व्यक्ति देश और राज्य का सर्वोच्च पद प्राप्त कर सकता है. मैं भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह गरीब परिवार और मुश्किल वक्त से निकला हूं. सरकार बच्चों को इस स्कूटी पर बैठ कर आगे बढ़ते देखना चाहती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 15 साल में 1300 करोड़ राशि से 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए. लगभग 3000 करोड़ राशि से 1 करोड़ से अधिक साइकिलें वितरित की गईं. वहीं, 250 करोड़ राशि से 23 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्कूटी दी जा चुकी है.
 
सीएम ने कहा कि बदलते दौर में प्रदेश के युवा नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए राज्य सरकार औद्योगीकरण का अभियान चला रही है. प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार आ रहे हैं. जहां वे बदनावर में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे. इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में भोपाल आए थे. उस वक्त जीआईएस में प्रदेश को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए का बड़ा निवेश मिला था.

बच्चों के लिए जश्न का दिन
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज स्कूल शिक्षा विभाग के बच्चों के लिए जश्न का दिन है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव बच्चों का उत्साहवर्धन करते हैं. राज्यस्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों के छात्र और अधिकारी जुड़े हुए हैं. युवाओं के रोजगार के लिए मुख्यमंत्री निरंतर प्रयासरत हैं. प्रदेश में उद्योगों को विस्तार देने के लिए हर संभव कोशिश जारी है. खेल-सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बहुत तेज गति से कार्य कर रही है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य से ही अच्छे समाज का निर्माण किया जा सकता है.

हाइजीन और स्टेशनरी के लिए भी मिली राशि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समग्र शिक्षा की सेनिटेशन-हाइजीन योजना अंतर्गत कक्षा 7वीं-12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बच्चियों को 61.12 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए. इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों की कक्षा सातवीं से 12वीं तक की बच्चियों को स्वास्थ्य स्वच्छता के लिए 300 रुपये की राशि हर साल दी जाती है.

इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन ने 20 हजार 100 बच्चियों के बैंक खातों में 7 करोड रुपये की राशि भी ट्रांसफर की. बता दें, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप (IV) योजना अंतर्गत हॉस्टल में रह रहीं बच्चियों को टी.एल.एम और स्टायपंड के लिए हर बच्ची को 3400 रुपये हर साल दिए जाते हैं.

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