राजफेड की समीक्षा बैठक: आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए आवश्यक तैयारियां करें सुनिश्चित

आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में की जाए वृद्धि 
खरीद प्रक्रिया में बायोमीट्रिक सिस्टम किया जाए लागू 
खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का रखें पर्याप्त इंतजाम: सहकारिता मंत्री

 

जयपुर
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि खरीफ-2025 सीजन में समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जाए, जिससे किसानों को अपना माल तुलवाने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

श्री दक गुरूवार को राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ (राजफेड) कार्यालय में संस्था से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजफेड अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन खरीद की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से शुरु करने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। एक्टिव पैक्स को खरीद केन्द्रों के रूप में अधिसूचित किया जाए। साथ ही, किसानों की बायोमीट्रिक पहचान की प्रक्रिया को भी इसी माह पूरा कर आगामी खरीद से लागू कर दिया जाए। उन्होंने पिछली खरीद में जिन स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई, वहां पर नया टेंडर करने एवं हैण्डलिंग व परिवहन के टेंडर में नये लोगों को अवसर देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी सिस्टम तैयार किया जाए।
 
सहकारिता मंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में शामिल एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें। कृषि विभाग से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के अनुरूप आकलन कर पर्याप्त संख्या में खरीद केन्द्र स्थापित किये जाएं, जिससे किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़े। खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का भी पर्याप्त इंतजाम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समितियों को भुगतान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाते हुए समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने राजफेड द्वारा नई गतिविधियां शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजफेड की उपलब्ध भूमियों का विवरण तथा उनके बेहतर उपयोग से संबंधित कार्ययोजना तैयार की जाए। सहकारिता मंत्री ने बैठक में दलहन-तिलहन खरीद की कार्ययोजना, खरीद केन्द्रों की स्थिति, भण्डारण व्यवस्था, बारदाना की उपलब्धता, विगत वर्षों में दलहन-तिलहन की खरीद, हैण्डलिंग एवं परिवहन व्यवस्था, वित्त व्यवस्था और नवाचारों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।

सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि तिलम संघ की साफ-सुथरी पृष्ठभूमि वाली एक्टिव सोसायटियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद कार्य करने वाली समितियों को समय पर भुगतान हो, इसके लिए राजफेड को संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

राजफेड के प्रबंध संचालक श्री टीकम चन्द बोहरा ने बताया कि खरीद प्रक्रिया निर्बाध रूप से सम्पन्न करने के लिए आवश्यक तैयारियां जारी हैं। बारदाना के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए विजिलेंस टीम का गठन किया हुआ है। प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में राजफेड के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि बारदाने की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित रखने के लिए इस बार राजफेड के स्तर पर भी फर्मों को इम्पैनल किया गया है, जिनसे आवश्यकता पड़ने पर बारदाना की खरीद की जा सकेगी। संस्था में लगभग तीन दशक बाद नये पदों पर भर्ती हुई है, जिसका असर कार्यप्रणाली पर दिखेगा। रिक्त 18 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शीघ्र सहकारी भर्ती बोर्ड को भिजवाया जाएगा। नई पशु आहार फैक्ट्री के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है तथा संस्था द्वारा उत्पादित पशु आहार की मार्केटिंग भी करवाई जा रही है। राजफेड द्वारा गैस एजेंसी का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री प्रह्लाद सहाय नागा सहित एनसीसीएफ, नैफेड व तिलम संघ के अधिकारी तथा राजफेड के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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