मध्यप्रदेश उद्योग स्थापना का केंद्र बना, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ₹5000 रोजगार सब्सिडी की घोषणा की

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में कृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं।

MP देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश- CM

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं।

बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है।

म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान

मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं।

CM गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया।

पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित

CM ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर ले देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी।

MP और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान

मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं।

मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य में जमीन और पानी पर भी सोलर एनर्जी प्रोडेक्शन प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों और निर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए हम औद्योगिक इकाई स्थापना, रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी, गुड्स ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कुशल श्रम शक्ति उपलब्ध कराने जैसे सभी सेक्टर्स में आगे बढ़कर इन्हें प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए सभी राज्यों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है और तभी हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बन पाएगा। मध्यप्रदेश और असम दोनों इस लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ेंगे।

पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में होता है विकास: धानुका

असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धानुका ने असम के कल्चरल आइकॉन स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह आयोजन असम और मध्यप्रदेश के लिए देश के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा। मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस मामले में लीड ले ली है।

असम और म.प्र. के बीच कायम होंगे पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते: जॉयदीप

असम राज्य के फिक्की के सह-अध्यक्ष एवं बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्रालि के निदेशक जॉयदीप गुप्ता ने कहा कि गुवाहाटी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव और डेलीगेशन का स्वागत है। यह मां कामाख्या की भूमि है। हम आज असम के सुप्रसिद्ध गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है और असम देश के लिए इकॉनॉमिक गेटवे की तरह है। विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निवेश आधारित यह रोड-शो बेहद अहम साबित होगा तथा इससे दोनों राज्यों के बीच पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते कायम होंगे।

मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़: शर्मा

 सीमेंट प्रा.लि. के मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि हमारी कंपनी सीमेंट उत्पादन में देश में तीसरा स्थान रखती है। मध्यप्रदेश के धार जिले में हमारी कंपनी को यूनिट शुरू करने के लिए जमीन आवंटित हुई है। खनिज विभाग की ओर से हर संभव सहायता मिल रही है। प्रदेश में रोड़, रेल नेटवर्क का जाल बिछा है, जो बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान करता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए इकोसिस्टम मौजूद है। धार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया है। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ है। इससे यहां टेक्सटाइल इंडस्ट्री लगाने वाले निवेशकों के साथ यहां के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

हमारी अगली डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश- फुकॉन

असम स्टेट कॉउंसिल फिक्की के पूर्व अध्यक्ष आशीष फुकॉन ने कहा कि मैंने चाय उद्योग से बिजनेस सेक्टर में कदम रखा था। आशा है कि हमारी अगली डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश होगी। हम पर्यटन क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार मुझसे कहा था कि टूरिज्म में अपार संभावनाएं हैं और जब वे प्रधानमंत्री बने, तो पहली बार लाल किले से उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में निहित संभावनाओं पर ही जोर दिया था। उन्होंने कहा‍कि असम के साथ देशभर में सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। देश में हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हमारे टूरिज्म में बूम आएगा। यह विकसित भारत @2047 में पर्यटन क्षेत्र की अहम भूमिका होगी।

'MP पॉवर सरप्लस राज्य और खनिज में है नंबर वन'

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं एमएसएमई राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गुवाहाटी कला, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का बड़ा केंद्र है। उन्होंने स्व. भूपेन हजारिका और स्व.  जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए एक लाख एकड़ का लैंड बैंक है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है और खनिज के मामले में नंबर वन है। प्रदेश में 30 प्रतिशत बिजली ग्रीन एनर्जी से आती है। वर्ष 2030 तक हमारे एनर्जी बकेट में 50 प्रतिशत एनर्जी रेनुएबल माध्यम से आएगी। पीथमपुर के पास व्हीकल टेस्टिंग पार्क है।

मध्यप्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा

हमारे पास उज्जैन में मेडिकल उपकरण पार्क और धार में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन हो चुका है। मुरैना में लेदर पार्क बनाया गया है। मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए अनंत संभावनाएं हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास अनुकूल 18 नवीन नीतियां लागू की गई हैं। प्रदेश में निवेश करने पर उद्योगपतियों को कई प्रकार के इंसेंटिव और सहायता दी जा रही है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों के लिए विशेष सैलरी सब्सिडी देने का प्रावधान है। मेगा इंडस्ट्रीज के लिए भी कस्टमाइज्ड पैकेज सरकार दे रही है। फूड प्रोसेसिंग और फॉर्मा सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में दो प्लास्टिक पार्क भोपाल और ग्वालियर में हैं।

नर्मदापुरम के पास इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स पार्क को बेहतर रेस्पॉन्स मिला है। यहां निवेशकों के लिए पर्याप्त मात्रा में लैंड उपलब्ध है। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़कर स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और जीआईएस इसके उदाहरण हैं। प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए सिंगल विंडो सिस्टम है। उन्होंने कहा कि निवेशक मात्र 30 दिन में यहां उद्योग शुरू कर सकते है। राज्य सरकार एमएसएमई इकाइयों में 5100 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश की 30 से 40 प्रतिशत आबादी वर्किंग है। उन्होंने निवेशकों से अनुरोध किया कि आप मध्यप्रदेश जरूर आएं, यहां निवेश की बेहतरीन संभावनाएं आपकी प्रतीक्षा में है।

उद्योगपतियों ने दिखाई म.प्र. में निवेश की रूचि, दिये प्रस्ताव

गुवाहटी में आयोजित इन्टरेक्टिव सेशन में जाने माने उद्योगपतियों ने म.प्र. की खूबियों को जाना और निवेश की रूचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों से वन-टू-वन चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। चर्चा के दौरान चेयरमैन जीईआरडी फार्मास्युटिकल्स एवं चेयरमैन, फिक्की उसम राज्य परिषद डॉ. घनश्याम धनुका ने मध्यप्रदेश में ISO 9001:2015 और GMP मानकों के अनपुरूप अत्याधुनिक फार्मास्युटिकल एवं हाइजीन उत्पाद निर्माण की स्थापना, लोहिया समूह के चेयरमैन कैलाश चंद्र लोहिया ने प्रदेश में प्लास्टिक्स और पैकेजिंग निर्माण संबंधी इकाइयाँ स्थापित करने, प्रबंध संचालक असम बंगाल नेविगेशन एवं पूर्व अध्यक्ष, फिक्की असम राज्य परिषद आशीष फूकन ने मध्यप्रदेश में नर्मदा, चंबल आदि प्रमुख नदियों पर ईको लॉज तथा बुटीक रिवर क्रूज परियोजनाओं की शुरूआत और टाइगर रिजर्व एवं संरक्षित क्षेत्रों में सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज के पायलट प्रोजेक्ट्स, बीएमजी इंफॉर्मेटिक्स प्रा. लि. के सह-अध्यक्ष जॉयदीप गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ईको-रिजॉर्ट और सस्टेनेबल हॉस्पिटेलिटी के साथ ईको-टूरिज्म क्लस्टर्स के विकास, होटल पोलो टावर के हेड प्रशांत गुप्ता ने ईको टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन एवं अंतर्देशीय जल पर्यटन, स्टार सीमेंट प्रा. लि. के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रदीप पुरोहित ने मध्यप्रदेश में सीमेंट प्लांट, ग्राइंडिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करने, आश्रम फूड्स प्रा. लि. के प्रबंध संचालक अमृत देयोरह ने मध्यप्रदेश में नए खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, सीमेंट प्रा. लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत शर्मा ने एकीकृत क्लिंकर और सीमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के साथ सहमति प्रदान की।

आयुक्त जनसम्पर्क दीपक सक्सेना ने असम राज्य के सभी उद्योगपतियों और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों एवं निवेशकों का और आयोजन में सहयोगी शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सब हमें मध्यप्रदेश में सत्कार और अभिनंदन करने का अवसर दीजिए, मध्यप्रदेश में निवेश जरूर कीजिए।

सेशन में मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और नवीन औद्योगिक नीतियों की जानकारी दी गई। “मध्यप्रदेश–अनंत संभावना” नामक एक ऑडियो-विजुअल (शॉर्ट प्रोमोशनल फिल्म) का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में असम राज्य के उद्योगजगत से जुड़े प्रमुख उद्यमी, निवेशक, वरिष्ठ अधिकारी और मध्यप्रदेश शासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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