मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं

पशु चिकित्सा सेवाओं का किया जाए विस्तार
1000 नई समितियां बनीं, 585 समितियों को बनाया गया गतिशील
700 पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग की समीक्षा की

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं। दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होना चाहिए। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी कार्य सुनिश्चित करें। गत दो वर्ष में डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी अर्जित हुई हैं। इन्हें निरंतर कायम रखा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में एक वर्ष में करीब 1000 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं। साथ ही 585 निष्क्रिय समितियों को गतिशील बनाया गया है।

पशु चिकित्सा कार्य को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं।

700 पदों पर नियुक्ति शीघ्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि लोकसेवा आयोग द्वारा शीघ्र ही 200 पशु चिकित्सकों के चयन की कार्यवाही पूर्ण की जा रही है। इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल ने 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों की पूर्ति के लिए परिणाम घोषित किए हैं। इनकी पदस्थापना भी शीघ्र हो जाएगी। आगामी वर्ष 735 पशु चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी संचालित है। बताया गया कि प्रदेश में गौशालाओं को प्रति गाय 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए राशि दी जा रही है। प्रदेश में दुग्ध संघों द्वारा पशुपालकों से खरीदे गए दूध पर प्रति लीटर ढाई रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक वृद्धि की गई है। दुग्ध उत्पादकों को दूध के मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान के लिए समय- सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से निर्मित घी, गौ काष्ठ और गौ मूत्र जैसे पदार्थों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाई जाए।

सहकार्यता अनुबंध के बाद बनी मैनेजमेंट कमेटी
बैठक में जानकारी दी गई कि गत 13 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश शासन, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन, संबंद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच सहकार्यता अनुबंध हुआ है। इसके परिपालन में दुग्ध संघों में मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित स्टीयरिंग कमेटी में डेयरी डेवलपमेंट प्लान शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मध्यप्रदेश तृतीय स्थान पर रहा है। इसी तरह पशुपालन से जुड़े किसानों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के कार्य में भी मध्यप्रदेश देश में तृतीय स्थान पर है।

बैठक में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के दायित्वों, आर्चा विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, टीकाकरण कार्य, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, क्षीर धारा ग्राम योजना स्वावलंबी योजना और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता पुरस्कार योजना के संबंध में चर्चा हुई।

 

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