प्रशिक्षित युवा विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे : राज्यमंत्री टेटवाल

भोपाल 
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि उन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो आगे चलकर विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे; इसलिए आपका आचरण, अनुशासन और कार्यशैली हर छात्र के लिए आदर्श होना चाहिए।” यह बात राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित कौशलम् समारोह में कही।

मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है, और इसमें प्रशिक्षण अधिकारियों और प्राचार्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने संस्थान की संस्कृति, मूल्यों और अनुशासन का जीवंत प्रतिनिधि होता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार, भाषा, कार्यशैली और समय-प्रबंधन उस संस्था के स्तर को निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई का वास्तविक मूल्य उसके भवनों या मशीनों से नहीं, बल्कि वहाँ कार्यरत प्राचार्यों और प्रशिक्षण अधिकारियों से तय होता है। जब शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी उनमें वह प्रेरणा देख पाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुशल बनने की दिशा देती है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि शिक्षक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, विनम्रता, दृढ़ता और कार्यनिष्ठा जैसी गुण होने चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं।

मंत्री श्री टेटवाल ने उद्योग जगत में हो रहे तेज बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल संस्थानों को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षण और व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण सामग्री और अभ्यास पद्धतियाँ विकसित करना अब समय की अनिवार्यता है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट और उद्योग यात्राएँ विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और इन्हें प्रत्येक संस्थान में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार कौशल विकास संस्थानों के आधुनिकीकरण, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कौशलम् समारोह में इस वर्ष आईटीआई एवं कौशल विकास संचालनालय में चयनित प्राचार्य वर्ग-1, उपसंचालक, प्राचार्य वर्ग-2, सहायक संचालक और प्रशिक्षण अधिकारियों का उन्मुखिकरण किया गया। कार्यक्रम में उन प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग को नई पहचान दिलाई है। समारोह का उद्देश्य नई कार्यबल को प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक दायित्वों और उद्योग आधारित आवश्यकताओं की गहरी समझ देकर उन्हें प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष पहली बार 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 49,402 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो 94.55% है। महिला आरक्षण 30% से बढ़ाकर 35% किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 12,169 हो गई। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण को बढ़ाने के लिए 8वीं आधारित ट्रेड्स की संख्या बढ़ाई गई और आठ अन्य राज्यों से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना और NAPS के तहत हजारों अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 9 या अधिक ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया, उज्जैन आईटीआई ने 9.30 स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 94वां स्थान प्राप्त किया। उद्योग एवं CSR साझेदारी के तहत आधुनिक लैब्स, AI एवं इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जैसी उपलब्धियाँ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इन सभी उपलब्धियों के साथ आईटीआई केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बन गया है।

सागर मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के श्री आशीष अग्रवाल ने बताया कि ओबैदुल्लागंज स्थित टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड प्लांट में सीखो कमाओ योजना के तहत 400 बच्चों का कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें से 60 बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं जिनका 100% प्लेसमेंट उनके प्लांट में हो गया है उन्होंने यह भी जानकारी दी की आईटीआई मंडीदीप ने उन्हें इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया साथ ही मंशा जताई कि वह सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने में के इच्छुक हैं।

वोल्वो आयशर के सीनियर मैनेजर श्री विनोद रघुवंशी ने बताया कि बगरोदा, पीथमपुर धार और देवास में उनके प्लांट हैं।उनके यहां भी सीखो कमाओ योजना के तहत आईटीआई के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं और उद्योगों के मध्य सेतु का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा को कौशल प्रशिक्षण दें । इस तरह से इंडस्ट्रीज को भी आसानी से स्किल्ड युवा मिल रहे हैं।
 

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