मध्य प्रदेश में बनेगा 98 किलोमीटर फोरलेन हाईवे, 57 गांव परियोजना की जद में

छतरपुर 
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के सागर-कानपुर फोरलेन वाले हिस्से में सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जो कि औद्योगिक, पर्यटन और निवेश को नई गति प्रदान करेगा। इस सड़क का काम चार चरणों में पूरा किया जाना है। दरअसल, NHAI के द्वारा छतरपुर जिले में तीसरे और चौथे चरण में चौका गांव से कैमाहा चेकपोस्ट तक करीब 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन निर्माण का काम शुरु कर दिया गया है। जिन जगहों पर भूमि अधिग्रहण और मुआवजे काम वितरण हो चुका है। वहां पर चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है।

57 गांवों से ली गई जमीन
जिले के महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ामलहरा के 57 गांवों की ज़मीन का अधिग्रहण किया गया है। इसे बाद में लखनऊ से जोड़कर एक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की योजना है। इससे बुंदेलखंड के लोगों को न केवल बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा।

55 किलोमीटर में 1008 करोड़ की लागत से होगा काम
परियोजना के तीसरे चरण में 55 किमी सडक़ निर्माण पर 1008 करोड़ का खर्च आएगा। ये हिस्सा कई गांवों और कस्बों को सीधे इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ देगा। फोरलेन बनने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़ी समस्याएं समाप्त होंगी और सफर का समय भी घटेगा।

997 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क
परियोजना के चौथे चरण में 43 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण पर 997 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। जो कि यूपी से कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। सडक़ चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि का मुआवजा वितरण अधिकांश क्षेत्रों में पूरा हो चुका है, जबकि शेष स्थानों पर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जहां मुआवजा मिल चुका है, वहां एनएचएआई ने अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 

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