नई दिल्ली
आजकल हर कोई बिजली बचाना चाहता है। इसके लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि तमाम कोशिशें करने के बाद भी बिजली नहीं बच पाती है, जरूरी गैजेट्स को तो ऑन रखना ही पड़ता है, इस कारण बिजली बचाना मुश्किल हो जाता है। बिजली बचाने के लिए बाजार में स्मार्ट प्लग बहुत बिक रहे हैं। लोग सोचते हैं कि ये लगाने से बिल अपने आप कम हो जाएगा। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है या यह सिर्फ एक भ्रम है? चलिए, जानते हैं कि क्या स्मार्ट प्लग बिजली बचाते हैं, अगर बचाते हैं तो कैसे?
इलेक्ट्रिशियन ने क्या बताया?
सेंट्रल आयोवा में मिस्टर इलेक्ट्रिक कंपनी के मालिक इलेक्ट्रिशियन बेन कोलो ने द स्प्रूस को बताया कि स्मार्ट प्लग से बिजली बिल कम हो सकता है, पर ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप इन्हें कैसे इस्तेमाल करते हैं। अगर आप ऐसे सॉकेट में स्मार्ट प्लग लगा रहे हैं जो साल में दो-चार बार ही इस्तेमाल होता है, तो कुछ खास फायदा नहीं होगा। लेकिन टीवी, चार्जर, माइक्रोवेव जैसे रोज इस्तेमाल होने वाले सामान में लगाएं, तो फर्क साफ दिखता है। ये प्लग 'फैंटम एनर्जी' यानी खाली पड़ी हुई बिजली को रोकते हैं। मतलब जब आपका टीवी बंद है, तब भी वो थोड़ी-थोड़ी बिजली खींचता रहता है। स्मार्ट प्लग उसे पूरी तरह बंद कर देता है।
स्मार्ट प्लग में क्या फीचर्स
ये प्लग वाई-फाई से जुड़ते हैं। आप अपने फोन से या एलेक्सा-गूगल जैसे वॉइस असिस्टेंट से इन्हें कंट्रोल कर सकते हैं। घर पर न हों, तब भी फोन से बंद कर सकते हैं। आप टाइम सेट कर सकते है, जैसे रात 11 बजे के बाद टीवी को बंद करना है तो यह प्लग अपने आप बंद कर देता है। कई प्लग तो ये भी बताते हैं कि किस इलेक्ट्रॉनिक सामान ने कितनी बिजली खाई। इससे आपको पता चल जाता है कि ज्यादा बिजली कौन खा रहा है।
एक साल में कितनी बचत हो सकती है?
बेन कोलो के मुताबिक, आम घर में स्मार्ट प्लग से साल भर में 1500 से 5000 रुपये तक की बचत हो सकती है। यानी करीब 20 से 60 डॉलर। ज्यादा कमरे और ज्यादा सामान वाले घर में बचत ज्यादा होगी। लेकिन यह फर्क एक-दो महीने में नहीं दिखेगा। लंबे समय तक स्मार्ट प्लग का इस्तेमाल करेंगे, तब पता चलेगा। वहीं स्मार्ट थर्मोस्टैट (एसी का तापमान अपने आप कंट्रोल करने वाला डिवाइस) लगाएं तो साल में 10-12 हजार रुपये तक बच सकते हैं।




