अटल कमांड सेंटर से हो रही अटल आवासीय विद्यालयों की 360 डिग्री मॉनिटरिंग

शिक्षा में तकनीक का नया मॉडल प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन रही योगी आदित्यनाथ सरकार

कमांड सेंटर से प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालयों की 360 डिग्री लाइव निगरानी हुई संभव

प्रत्येक विद्यालय में 203 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे किए गए स्थापित, पूरा कैंपस बना जीरो ब्लाइंड स्पॉट

डेटा विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट्स से शैक्षिक योजनाएं और सुधारात्मक कदम तुरंत लागू करने की मिली सुविधा

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है अटल आवासीय विद्यालयों की मॉनिटरिंग के लिए स्थापित अत्याधुनिक “अटल कमांड सेंटर”, जो लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड कार्यालय में संचालित है। इस कमांड सेंटर से प्रदेश के सभी 18 जनपदों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालयों की 360 डिग्री लाइव निगरानी की जा रही है। अटल कमांड सेंटर के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने शिक्षा मॉनिटरिंग का एक राष्ट्रीय मॉडल प्रस्तुत किया है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

रियल टाइम में दिख रही हर गतिविधि
बोर्ड की सचिव एवं अटल आवासीय विद्यालय संगठन की महानिदेशक पूजा यादव ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में 203 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। पूरे कैंपस को इस तरह कवर किया गया है कि कहीं भी ब्लाइंड स्पॉट (कोई भी स्थल न छूटे) न रहे। चौबीसों घंटे निगरानी के लिए लगाए गए इन कैमरों से हर गतिविधि रियल टाइम में दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि हमने जीरो ब्लाइंड स्पॉट की अवधारणा पर काम किया है, जिससे विद्यालयों की सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सकें। इसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। 

डेली अटेंडेंस और अकाउंट मैनेजमेंट भी कमांड सेंटर से
यह कमांड सेंटर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यहां से डेली अटेंडेंस मॉनिटरिंग, स्टाफ की उपस्थिति, अकाउंट मैनेजमेंट और प्रशासनिक कार्यों को भी उच्च स्तर पर देखा जा रहा है। अटेंडेंस के लिए विद्यालयों में विशेष क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया गया है, जिसके स्कैन होने पर ही उपस्थिति दर्ज होती है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि मानव त्रुटियों की संभावना भी लगभग समाप्त हो गई है।

शिक्षा की गुणवत्ता का रियल टाइम मूल्यांकन
कमांड सेंटर का सबसे आधुनिक फीचर है एकेडमिक परफॉर्मेंस एनालिसिस सिस्टम। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि किस विद्यालय में कितने बच्चे होशियार, एवरेज या कमजोर श्रेणी में हैं। इतना ही नहीं, सब्जेक्ट वाइज परफॉर्मेंस भी दर्ज होती है जिससे पता चलता है कि कौन सा छात्र किस विषय में मजबूत है या किस छात्र को अतिरिक्त सहायता की जरूरत है। इस डेटा विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट्स से शैक्षिक योजनाएं और सुधारात्मक कदम तुरंत लागू किए जा सकते हैं।

स्टाफ की पूरी डिजिटल प्रोफाइल और ऑनलाइन मीटिंग की सुविधा
अटल कमांड सेंटर में हर स्टाफ सदस्य का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है, जिसमें उनकी योग्यता से लेकर ड्यूटी प्रोफाइल तक शामिल है। इसके अलावा, किसी भी समय सभी विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग भी यहीं से संचालित हो सकती है। इससे प्रशासनिक कार्यों की गति और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन, सुरक्षा, गुणवत्ता और पारदर्शिता वाला आधुनिक आवासीय शिक्षा मॉडल
अटल आवासीय विद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो श्रमिक परिवारों और अनाथ बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। योगी सरकार का विजन है कि समाज के सबसे वंचित वर्ग के बच्चों को वही तकनीकी और आधुनिक सुविधाएं मिलें, जो बड़े निजी स्कूलों में उपलब्ध हैं। अटल कमांड सेंटर इसी मिशन का सशक्त उदाहरण है, जहां सुरक्षा, अनुशासन, शिक्षण गुणवत्ता और प्रशासन, सब कुछ तकनीक-संचालित है। यह कमांड सेंटर उसी सोच का प्रतिबिंब है, जो अटल आवासीय विद्यालयों को उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित और आधुनिक आवासीय स्कूलों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

More From Author

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने माना आभार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग की समीक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.