Day: December 13, 2025

  • आज का राशिफल (14 दिसंबर 2025): जानें क्या कहता है आपके सितारे

    आज का राशिफल (14 दिसंबर 2025): जानें क्या कहता है आपके सितारे

    मेष

    आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। मन में नई ऊर्जा महसूस होगी और आपको लगेगा कि आज बहुत कुछ कर सकते हैं। किसी पुराने पेंडिंग काम में प्रगति मिलेगी, जिसे लेकर आप काफी समय से परेशान थे। दफ्तर में आपकी बातों को महत्व मिलेगा, बस बोलते समय थोड़ा नरमी रखें। किसी करीबी से छोटी सी बहस हो सकती है, लेकिन प्यार और समझदारी से बात करेंगे तो मामला तुरंत ठीक हो जाएगा।
    वृषभ

    आज आप अपनी जरूरतों और पैसों को लेकर थोड़ा ज्यादा सोचेंगे। दिन की शुरुआत हल्की टेंशन से हो सकती है, लेकिन दोपहर तक चीजें ठीक हो जाएंगी। आप किसी ऐसे व्यक्ति से बात कर सकते हैं, जिससे आपको मानसिक राहत मिलेगी। खर्चों पर कंट्रोल रखना जरूरी है, वरना बाद में अफसोस होगा। काम धीरे-धीरे, लेकिन सही दिशा में आगे बढ़ेगा। शाम को घर का माहौल आपको आराम देगा।

    मिथुन

    आज आपका बात करने का तरीका आपका सबसे बड़ा प्लस पॉइंट रहेगा। ऑफिस में लोग आपकी सलाह मानेंगे और आपकी उपस्थिति से माहौल भी हल्का-फुल्का रहेगा। नए काम या नए प्रोजेक्ट का आइडिया दिमाग में आएगा, जिसे आगे बढ़ाना फायदेमंद रहेगा। रिश्तों में थोड़ा धैर्य रखें। किसी करीबी को आपकी बात समझने में थोड़ा वक्त लग सकता है। दिन का दूसरा भाग काफी अच्छा बीतेगा।
    कर्क

    आज मन थोड़ा संवेदनशील रहेगा। छोटी-छोटी बातें भी दिल को लग सकती हैं। मगर चिंता की जरूरत नहीं, क्योंकि काम और निजी दोनों मामलों में धीरे-धीरे सुधार दिखेगा। परिवार का साथ मिलेगा और किसी पुराने दोस्त से अचानक बातचीत हो सकती है, जिससे मन खुश हो जाएगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। शाम को आराम करें या किसी शांत जगह समय बिताएं।
    सिंह

    आज आपका प्रभाव चारों तरफ रहेगा। लोग आपकी बात सुनेंगे और आपकी मौजूदगी से माहौल में सकारात्मकता आएगी। किसी काम में लीड लेने का मौका मिलेगा। नई जिम्मेदारी या अवसर की झलक भी मिल सकती है। रिश्तों में भरोसा बनाने की जरूरत है। जितना आप खुलकर बात करेंगे, चीजें उतनी ही आसान होंगी। दिन प्रोडक्टिव रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    कन्या

    आपकी मेहनत आज दिखने लगेगी। लोग आपके काम को पहचानेंगे और पैसे की स्थिति भी पहले से बेहतर महसूस होगी। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। किसी बड़े प्लान पर सोचने या शुरुआत करने का भी अच्छा समय है। मन शांत रहेगा और आप अपने काम पर पूरी तरह फोकस कर पाएंगे।
    तुला

    आज आप बहुत व्यवस्थित मूड में रहेंगे। जो भी काम हाथ में लेंगे, उसे प्लान के साथ पूरा करेंगे। छोटी-छोटी चीजें भी आज आपके फेवर में होंगी। सेहत को लेकर थोड़ा सजग रहें। थकान, सिरदर्द या हल्का दर्द महसूस हो सकता है। आर्थिक तौर पर कोई छोटी अच्छी खबर मिल सकती है। दिन शांत लेकिन सकारात्मक रहेगा।
    वृश्चिक

    आज दिमाग बहुत क्लियर चलेगा। जो भी प्लान बनाएंगे उसमें सफलता मिलेगी। कोई दोस्त या सहकर्मी मदद के लिए आगे आएगा। रिश्तों में हल्की गलतफहमी हो सकती है, लेकिन बात करके सब ठीक हो जाएगा। आज जीवन में संतुलित रहेगा।

    धनु

    आज आपको हर चीज में संतुलन बनाए रखना होगा- चाहे काम हो या घर। थोड़ा एडजस्टमेंट करना पड़ेगा, लेकिन आप आसानी से संभाल लेंगे। पैसों को लेकर कोई फैसला आज हो सकता है, जिसे सोच-समझकर ही लें। किसी पुराने प्लान पर दोबारा काम शुरू करने का मौका मिलेगा। रिश्तों में भी सुधार दिखेगा।
    मकर

    आपका इंट्यूशन आज बहुत तेज है। जिस चीज की चिंता थी, उसमें आज कोई रास्ता मिल सकता है। भावनाओं में बहकर कोई गलत निर्णय न लें। क्लियर और ईमानदार बात करने से रिश्तों में गलतफहमी दूर होगी। काम में भी छोटी सफलता मिलेगी जो आगे चलकर बड़ा फायदा देगी। शाम तक मूड काफी हल्का हो जाएगा।
    कुंभ

    आज यात्रा, मूवमेंट या नए लोगों से मिलने-जुलने का योग है। नए लोगों से तालमेल अच्छा बनेगा और उनसे फायदा भी मिलेगा। काम की रफ्तार बढ़ेगी और किसी खास काम से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। मन में जो भी नया विचार आए, उसे नोट कर लें। आगे चलकर काम आएगा।

    मीन

    आज आपकी रचनात्मक सोच और संवेदनशीलता दोनों बढ़ी रहेंगी। काम में एक अच्छा फ्लो बना रहेगा। दिल की बात कहनी है तो आज सही दिन है। सामने वाला आपकी भावनाएं समझेगा। कोई छोटी सफलता या अच्छी खबर मिल सकती है। शाम का समय बिल्कुल शांत और सुकून भरा रहेगा।

  • कानूनी सिस्टम के कमजोर होते ही पाकिस्तान में हवाला–क्रिप्टो का खतरनाक गठजोड़

    कानूनी सिस्टम के कमजोर होते ही पाकिस्तान में हवाला–क्रिप्टो का खतरनाक गठजोड़

    नई दिल्ली 
     पाकिस्तान इस समय एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक ओर उसकी औपचारिक अर्थव्यवस्था दम तोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर अंडरग्राउंड या अनौपचारिक अर्थव्यवस्था तेजी से फल-फूल रही है। यह खुलासा पाकिस्तान के अखबार डेली टाइम्स में छपी एक नई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में दुबई में चल रहे हवाला नेटवर्क, कराची और पेशावर से संचालित टेलीग्राम क्रिप्टो ग्रुप, एक-कमरे वाले फर्जी “एक्सपोर्ट हाउस” से जारी आईटी इनवॉइस और अरबों रुपयों का रियल एस्टेट, गोल्ड, ऑफशोर वॉलेट और डबल बिलिंग वाले व्यापार मार्गों में छिपाया जाना शामिल हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था (अनडॉक्यूमेंटेड इकोनॉमी) इतनी तेजी से बढ़ रही है कि कोई भी औपचारिक सुधार उसे पकड़ नहीं पा रहा है।
    फाइनेंशियल एक्सपर्ट जवाद सलीम लिखते हैं कि लोग कानून तोड़ने की इच्छा से नहीं, बल्कि इसलिए औपचारिक सिस्टम छोड़ रहे हैं क्योंकि सरकारी सिस्टम धीमा, सख्त और अनिश्चित हो चुका है, जबकि गैर-कानूनी रास्ते तेज और आसान हैं। सच्चाई यह है कि लोग अवैध तरीकों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने वैध तरीके से काम करना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बना दिया है।
    रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर किसी पाकिस्तानी निर्यातक को बैंक के जरिए पैसा मंगवाने में 3 से 5 दिन का इंतजार करना पड़े, बार-बार टैक्स देना पड़े और हर डॉलर पर एफबीआर की जांच झेलना पड़े, तो वह स्वाभाविक ही हवाला एजेंट को चुनेगा, जो बिना कागजी कार्रवाई के मिनटों में भुगतान कर देता है। इसी तरह, एक सॉफ्टवेयर फ्रीलांसर, जिसे आधिकारिक भुगतान पाने से पहले कॉन्ट्रैक्ट, एनडीए और क्लाइंट की पूरी जानकारी देनी पड़ती है, क्रिप्टो वॉलेट को प्राथमिकता देगा जहां पैसा तुरंत और बिना जांच के मिल जाता है।
    ग्लोबल फाइनेंशियल इंटीग्रिटी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को हर साल इन तरीकों से अरबों डॉलर का नुकसान होता है और इन सबका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, पाकिस्तान को टैक्स में होने वाला नुकसान जीडीपी के 6 प्रतिशत से ज्यादा है, जो देश के सालाना रक्षा बजट से भी अधिक है।
    रिपोर्ट में कहा गया है कि जब पैसा बैंकों से बाहर रहता है तो जमा राशि कम होती है, निजी क्षेत्र को कर्ज मिलना घटता है और सरकार को मजबूरी में बैंकों से ज्यादा उधार लेना पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, अब यह शैडो इकोनॉमी सिर्फ छिपी हुई व्यवस्था नहीं रही, बल्कि यही असली सिस्टम बन चुकी है।

  • क्या टूटेगा कोहली का 9 साल पुराना कीर्तिमान? अभिषेक शर्मा के पास सुनहरा मौका

    क्या टूटेगा कोहली का 9 साल पुराना कीर्तिमान? अभिषेक शर्मा के पास सुनहरा मौका

    नई दिल्ली 
    भारतीय टी20 टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज का हिस्सा हैं। शुरुआती दोनों मैचों में शुरुआत मिलने के बाद अभिषेक पवेलियन लौट गए। उन्होंने दो मैचों में 17-17 रन बनाए। उनके जल्दी आउट होने के कारण भारत को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं मिली। हालांकि अभिषेक शर्मा के पास अंतिम तीन मैचों में विराट कोहली का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है, जिसे क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली ने नौ साल पहले 2016 में बनाया था।
     
    अभिषेक शर्मा एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक T20 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने के बेहद करीब हैं। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने साल 2016 में 31 T20 मैचों में 1,614 रन बनाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मौजूदा कैलेंडर ईयर में अभिषेक शर्मा 39 टी20 मैचों में 1,533 रन बना चुके हैं। अभिषेक शर्मा को विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अब केवल 82 रनों की जरूरत है। अभिषेक इस लिस्ट में पहले ही सूर्यकुमार यादव (2022 में 1503 रन) को पीछे छोड़ चुके हैं और अब उनके निशाने पर सिर्फ कोहली का रिकॉर्ड है।
     
    चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुरू होंगे क्रिकेट मैच, कोहली-पंत खेल सकते हैं मुकाबला
    अभिषेक शर्मा ने 2025 में भारत के लिए खेलते हुए टी20 इंटरनेशनल में 790 रन बना लिए हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 14 दिसंबर को धर्मशाला में खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। दोनों टीमों ने एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों को जान लिया है, ऐसे में धर्मशाला मैच बाकी सीरीज का रुख तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। धर्मशाला मैदान की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के सेट होने के बाद स्ट्रोक प्ले में मदद करती हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 187 के करीब है और शाम को बाद में ओस पड़ने की उम्मीद है।

    टी20 क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय
    विराट कोहली- 1614 (2016)
    अभिषेक शर्मा- 1533 (2025)
    सूर्यकुमार यादव- 1503 (2022)
    सूर्यकुमार यादव- 1338 (2023)

  • आतंक समर्थकों पर शिकंजा: जम्मू-कश्मीर में 150+ ओवर ग्राउंड वर्कर्स गिरफ्तार/हिरासत में

    आतंक समर्थकों पर शिकंजा: जम्मू-कश्मीर में 150+ ओवर ग्राउंड वर्कर्स गिरफ्तार/हिरासत में

    श्रीनगर 
    जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने शनिवार को आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की और पूछताछ के लिए 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि श्रीनगर में अब तक 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि घाटी के कई हिस्सों में ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि बैन संगठन जैश-ए-मोहम्मद और घाटी के दूसरे आतंकी संगठनों के टेरर नेटवर्क को खत्म करने के लिए ओजीडब्ल्यू के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू की गई है।
    उन्होंने कहा कि ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर चल रही कार्रवाई के तहत कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में कई जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं।
    जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने की नई रणनीति के तहत आतंकवादियों, उनके ओजीडब्ल्यू और हमदर्दों के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन चला रहे हैं।
    ड्रग तस्कर, ड्रग पेडलर और हवाला मनी रैकेट और दूसरी गैर-कानूनी फाइनेंशियल एक्टिविटी में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की नजर में हैं। माना जाता है कि ड्रग तस्करी और गैर-कानूनी फाइनेंशियल एक्टिविटी से मिले फंड का इस्तेमाल आखिर में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को सपोर्ट करने के लिए किया जाता है।
    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल नियमित रूप से सुरक्षा समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ 360-डिग्री अप्रोच अपनाने का निर्देश दिया है ताकि सिर्फ़ बंदूक चलाने वाले आतंकवादियों पर ध्यान देने के बजाय, आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म किया जा सके और जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति लाई जा सके।
    जबकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी ड्यूटी पर तैनात हैं, सेना और बीएसएफ नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ, बाहर निकलने, ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात हैं।

  • छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, गरियाबंद में दो कुख्यात माओवादी इनामी समेत आत्मसमर्पण

    छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, गरियाबंद में दो कुख्यात माओवादी इनामी समेत आत्मसमर्पण

    गरियाबंद
    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 10 लाख के दो इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस की सतत अपील से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

    संतोष उर्फ लालपवन मूलतः बीजापुर जिले का निवासी है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह विभिन्न दलम, प्लाटून और एरिया कमेटियों में कार्य करते हुए लंबे समय तक सीसी स्तर के नेताओं की सुरक्षा टीम में भी शामिल रहा। गरियाबंद और ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह कई गंभीर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें पुलिस बल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद में वह एसडीके और उदंती एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था। वहीं, मंजू उर्फ नंदे सुकमा जिले की रहने वाली है और वर्ष 2002 से संगठन से जुड़ी थी। बाल संगठन से लेकर एलओएस, सीएनएम और एरिया कमेटी तक का सफर तय करते हुए वह सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य बनी। गरियाबंद-नुआपाडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें अनेक माओवादी मारे गए।

    आत्मसमर्पण के दौरान दोनों माओवादियों ने बताया कि संगठन की विचारधारा खोखली हो चुकी है। जंगलों में कठिन जीवन, लगातार हिंसा, बीमारी और असुरक्षा के बीच भविष्य अंधकारमय हो गया था। दूसरी ओर शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार सुविधाओं तथा पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से वे प्रभावित हुए। गरियाबंद पुलिस द्वारा गांव-गांव में चलाए गए प्रचार और अपील ने भी उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गरियाबंद पुलिस ने दोनों के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर नजदीकी थाना, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, जिससे आने वाले दिनों में उनको काफी फायदा होने वाला है।

  • लोकतांत्रिक मर्यादाओं से भटका विपक्ष, जनमत का सम्मान नहीं करता : प्रह्लाद जोशी

    लोकतांत्रिक मर्यादाओं से भटका विपक्ष, जनमत का सम्मान नहीं करता : प्रह्लाद जोशी

    हुबली
     केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को विपक्ष के रवैये को अशोभनीय बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि कैसे देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में अपना जनादेश दे दिया। यह दुर्भाग्य की बात है कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के बावजूद विपक्ष के लोग जनता के निर्णय को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 2008 में कर्नाटक की जनता ने हमारे पक्ष में जनादेश दिया था, तो हम सत्ता में थे और जब इन लोगों को जनता ने चुना है, तो हमने इस बात को सहर्ष स्वीकार किया था। अब जब जनता ने हमें विपक्ष में रहने के लिए चुना है, तो हमें इस बात से कोई हर्ज नहीं है। हम इसे सहर्ष स्वीकार करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में विपक्ष के लोगों के लिए यही बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है कि वे जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जबकि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का मत सर्वोपरि होता है। इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। लेकिन, अफसोस की बात है कि विपक्ष के लोग इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। आज की तारीख में विपक्ष अपरिपक्व व्यवहार कर रहा है।
    वहीं, उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2002 में भी एसआईआर हो चुका है। लेकिन, अब इसकी प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव किया गया है। यह बदलाव शुद्धिकरण को बढ़ावा देने के मकसद से किया गया है। लेकिन, पता नहीं क्यों कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसके विरोध में कौन सा तर्क दे रहा है और वो जिस तरह का तर्क दे रहे हैं, उसे उनके विपक्ष के साथ ही स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनका यह तर्क पूरी तरह से बेबुनियादी साबित हो रहा है, जिसे मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इंडिया गठबंधन के कई नेता राहुल गांधी के तर्क से सहमत नहीं हैं। लेकिन, दुर्भाग्य की बात है कि वो अपनी विफलता को छुपाने के लिए इस तरह का तर्क दे रहे हैं, जिसमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है।
    उन्होंने दावा किया कि जब तत्कालीन नेहरू सरकार की आलोचना की गई थी, तो इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने से भी गुरेज नहीं किया था। हमें आपातकाल से लेकर शाहाबुद्दीन के केस में क्या हुआ था, सबके बारे में अच्छे से पता है। आज की तारीख में कांग्रेस की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि अगर न्यायालय का आदेश इनके पक्ष में आता है, तो इन्हें न्यायपालिका पर भरोसा रहता है। लेकिन, जब न्यायालय का आदेश इनके विरोध में आता है, तो इनका भरोसा न्यायपालिका से उठ जाता है। आखिर यह क्या तरीका है? इन लोगों को शायद यह नहीं पता है कि इस देश में न्यायपालिका नाम की एक व्यवस्था है, जिसके तहत अगर दो पक्षों के बीच में झगड़ा होता है, तो ऐसी स्थिति में न्यायालय की तरफ से समस्या के समाधान के लिए हस्तक्षेप किया जाता है।

  • मध्यप्रदेश उत्सव का दूसरा दिन : ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन

    मध्यप्रदेश उत्सव का दूसरा दिन : ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयु वर्ग के अनुसार बच्चों को अलग-अलग विषय दिए गए थे। प्रतियोगिता में कुल 37 बच्चों ने भाग लिया जिसमें 6 वर्ष की से काम की आयु के आठ बच्चे और 6 से 12 वर्ष की आयु के 29 बच्चों ने भाग लिया। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुक्त विषय पर चित्रांकन करने का अवसर दिया गया, जबकि 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को "नेचर एंड एनवायरनमेंट" विषय पर चित्र बनाने का कार्य सौंपा गया।

    मध्यप्रदेश उत्सव: क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
    क्विज प्रतियोगिता में कुल पाँच टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में पाँच सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सभी प्रश्न मध्यप्रदेश से संबंधित रहे, जिससे प्रतिभागियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

    प्रतियोगिता के दौरान माहौल अत्यंत रोमांचकारी एवं उत्साहपूर्ण बना रहा। प्रश्नोत्तर को तीन भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में सभी टीमों को समान अवसर प्रदान किया गया। दूसरे भाग में टीमवार प्रश्न पूछे गए, जबकि तीसरे भाग में चित्र आधारित प्रश्न पूछे गए, जिसमें यह पहचानने को कहा गया कि प्रदर्शित चित्र किससे संबंधित है। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और दर्शकों ने भी प्रश्नों का आनंद उठाया। प्रतियोगिता ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रति रुचि और जागरूकता भी बढ़ाई।

    इस अवसर डिंडोरी की सुश्री हर्ष मरावी द्वारा करमा सैला नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई।   इस नृत्य के माध्यम से समाज की एकता एवं समरसता का सजीव चित्रण किया गया। ढोल, मंजीरा एवं शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुनों पर प्रस्तुत यह नृत्य दर्शकों को आदिवासी जीवन की आत्मा से जोड़ता नजर आया। प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह एवं आनंद का संचार किया।

    गणगौर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति
    इसके बाद बड़वाह के श्री संजय महाजन और समूह द्वारा निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध लोकनृत्य गणगौर की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उल्लेखनीय है कि बड़वाह के नटेश्वर नृत्य संस्थान के निदेशक श्री संजय महाजन पिछले 18 वर्षों से कथक और लोकनृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने 'मैं हूं बड़वाह', 'कृष्णलीला' और 'जय जय मध्य प्रदेश' जैसे मशहूर डांस-ड्रामा डायरेक्ट किए हैं, और पारंपरिक गणगौर नृत्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 

  • मेसी को न देख पाने का मलाल खत्म! निराश दर्शकों का पैसा लौटेगा, बोले बंगाल डीजीपी

    मेसी को न देख पाने का मलाल खत्म! निराश दर्शकों का पैसा लौटेगा, बोले बंगाल डीजीपी

    कोलकाता 
    अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान साल्ट लेक स्टेडियम से निकलने के बाद फैंस द्वारा किए गए तोड़-फोड़ के बाद पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार ने कहा है कि फैंस का पैसा वापस किया जाएगा। राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "फैंस चाहते थे कि लियोनल मेसी मैदान में आएं और खेलें। यह पूर्व निर्धारित योजना का हिस्सा नहीं था। योजना थी कि वह सिर्फ मैदान में आएंगे, भीड़ को हाथ हिलाएंगे और चले जाएंगे। मेसी के मैच नहीं खेलने की वजह से फैंस आक्रोशित हुए। आयोजकों ने हमें लिखकर दिया है कि फैंस का पैसा रिफंड किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी पहलुओं को देखने के लिए पहले ही एक कमेटी बना दी है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या ऑर्गनाइजर की तरफ से कोई मिसमैनेजमेंट हुआ था या कोई और दिक्कत थी। इसकी जांच की जाएगी।
    लियोनल मेसी के स्टेडियम से जाने के बाद फैंस द्वारा मचाए गए बवाल को लेकर ममता बनर्जी भी काफी निराश नजर आईं और कुव्यवस्था को इसके लिए दोषी करार दिया।
    ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए फैंस से माफी मांगी है। उन्होंने लिखा, "आज साल्ट लेक स्टेडियम में जो कुप्रबंधन हुआ, उससे मैं बहुत परेशान और हैरान हूं। मैं हजारों खेल प्रेमियों और फैंस के साथ इवेंट में शामिल होने के लिए स्टेडियम जा रही थी। फैंस अपने पसंदीदा फुटबॉलर लियोनेल मेसी की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हुए थे। मैं इस खराब घटना के लिए लियोनेल मेसी के साथ-साथ उनके फैंस और सभी खेल प्रेमियों से दिल से माफी मांगती हूं।"
    मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "मैं सेवानिवृत्त जज आशिम कुमार रे की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बना रही हूं, जिसमें मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग के सदस्य होंगे। कमेटी इस घटना की डिटेल में जांच करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय बताएगी। एक बार फिर, मैं सभी खेल प्रेमियों से दिल से माफी मांगती हूं।"
    दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के पहले चरण में शनिवार को कोलकाता पहुंचे। साल्ट लेक स्टेडियम में उनका कार्यक्रम था। मेसी की झलक पाने के लिए स्टेडियम में हजारों फैंस ने घंटों इंतजार किया। मेसी 10 मिनट के लिए स्टेडियम में पहुंचे थे। स्टेडियम में मौजूद फैंस उन्हें देख नहीं पाए और उनके जाने के बाद भारी बवाल किया और स्टेडियम में तोड़फोड़ की। 

  • नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।

    इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

    केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

    केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने की भेंट, महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

    भोपाल 
    केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा एवं प्रबंध संचालक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण, वितरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया और केंद्र सरकार के स्तर पर शीघ्र निर्णय की आवश्यकता वाले प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

    मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में वर्तमान विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के स्थान पर केन्द्रीयकृत प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की एकमुश्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और राज्य पर वित्तीय दबाव कम हो।

    अतिशेष गेहूं के त्वरित उठाव और बकाया भुगतान की मांग
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने राज्य में उपार्जित अतिशेष गेहूं का एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने अथवा गोदामों में भंडारित गेहूं को यथास्थिति अधिग्रहित कर भुगतान प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की आवश्यकता रेखांकित की।

    मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने तथा म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रस्तुत लेखों के विरुद्ध लंबित लगभग 7511 करोड़ रुपये की राशि के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया।

    डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर बल
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने वर्ष 2020–21 एवं 2022–23 में वितरित खाद्यान्न से संबंधित डेटा को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड करने की लंबित कार्यवाही को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आग्रह किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा की एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नवाचार और तकनीकी उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये सभी प्रस्ताव मध्यप्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली को अधिक दक्ष, आधुनिक और पारदर्शी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे किसानों, उपभोक्ताओं और शासन तीनों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

    केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श करते हुए प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।