भारत जल्द ही बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया

हम सैकड़ों हाथों से कमाएं और हजारों हाथ से बांटे
हमारे डीएनए में है उद्यमशीलता
देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश
भारत ने अच्छाई, सच्चाई और संपन्नता को बांटा है विश्व से

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से ही हमारा मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीलता हम भारतीयों के डीएनए में है। उद्यमिता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने हुनर से नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। अपनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं का नया मुकाम बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्यमिता की विशेषता यही है कि हम केवल लाभार्जन तक ही सीमित नहीं रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से भी सदैव जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा उद्यमियों ने जोखिम उठाने की क्षमता तथा अपने साहस से समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब जो भी करना चाहते हैं, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें तथा अगर विस्तार कर रहे हैं तो पूरी समाज को साथ में लेने का प्रयास करें। सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आप सबके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को उनका व्यापार-व्यवसाय, बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई की स्थापना सहित इसमें उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने की ओर पूरी ताकत और मेहनत से आगे बढ़ें तथा अपने नवाचारों और उद्यमशीलता से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा से लेकर एग्रीकल्चर तक, फिशरीज से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक, टेक्नोलॉजी से लेकर टूरिज्म तक ऑटोमोबाइल से लेकर मैनुफैक्चरिंग, हर क्षेत्र में निवेश आ रहा है और रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सफल है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। नये भारत के निर्माण का सुनहरा अवसर युवा उद्यमियों को मिला है तो देश के विकास में अमिट योगदान दीजिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य आज हमारे साथ है। युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में विचार, आस्था, उद्यम और निवेश के माध्यम से समाज को दिशा दी है। किसी ने राष्ट्र और मूल्यों को वैचारिक दिशा दी, किसी ने युवाओं को उद्देश्य और अनुशासन से जोड़ा, किसी ने उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राष्ट्र बने, यही आज की आवश्यकता है और यह काम युवाओं के संकल्प से ही पूरा होगा। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी वाली अर्थव्यवस्था बनाएंगे।

भारत में लोक-कल्याण का संस्कार रही है उद्यमिता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उद्यमिता लोक कल्याण के संस्कार के रूप में हमारे रक्त में बहती है। देश सिर्फ रोजगार से नहीं, उद्यमिता से आगे बढ़ता है। उद्यम से कई लोगों को रोजगार मिलता है, अर्थव्यस्था का पहिया घूमता है। मध्यप्रदेश तेजी से विकसित होते राज्यों में अग्रणी है। पिछले दो वर्ष में हमने उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निर्णायक और दूरगामी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने नया इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल प्रारंभ किया है। ह नया पोर्टल निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन तथा एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, मध्यप्रदेश में जीपीएस प्रणाली द्वारा औद्योगिक भूमि बैंक का सुदृढ़ीकरण किया गया है, ताकि निवेशकों को समय पर और उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सके। हमारा उद्देश्य प्रदेश में न केवल निवेश-अनुकूल नीतियां तैयार करना है, बल्कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है।

नये स्टार्टअप्स के लिए राज्य सरकार ने लागू की है समग्र और दूरदर्शी नीति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प से विश्व के लिए इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा नया भारत
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश को अपनी क्षमता और संकल्प से राष्ट्रपटल पर एक नई पहचान दिलाई है। आज ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में युवा उद्यमियों के साथ संवाद करना गर्व का विषय है। नई विचारधारा से ही प्रगति के नये बीज विकसित होते हैं। उद्यमिता के माध्यम से कोई उद्योगपति जमीन से जुड़कर मां भारती की सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रगति केवल हमारी नहीं, मध्यप्रदेश और मां भारती की हो, यह युवा उद्यमियों के फोरम का उद्देश्य होना चाहिए। आपका हुनर ही देश का होनहार भविष्य लिखेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर सोने की चिड़िया बनेगा और विश्व पटल पर एक शुभ नक्षत्र की तरह उभरेगा। भारत अर्थव्यवस्था के मामले में पिछले 12 सालों में प्रगति के पथ पर अग्रसर है और 10वें स्थान से आगे बढ़कर आज विश्व की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। बीते कुछ सालों में भारत ने जापान और ब्रिटेन को पीछे छोड़ा है और 2027 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत को आर्थिक प्रगति की दौड़ में आगे बढ़ाया है। आज हमारी जीडीपी 4.5 ट्रिलियन डॉलर है। अब भारत की पहचान सेवा प्रदाता देश की बन चुकी है और हम दुनिया के लिए उत्पादों के बड़े निर्यात देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प के बल पर नया भारत विश्व के लिए भविष्य का इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा।

भारत में है दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में सुशासन, उद्यमिता विकास और नवाचारों को प्रोत्साहित करते हुए भारत के नया स्वरूप दे रहे हैं। भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। विनिर्माण क्षेत्र के विकास के साथ हम आज दुनिया में दूसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल उत्पादक देश हैं। आज भारत ने 3 से बढ़कर 120 यूनिकॉर्न तक की यात्रा पूरी कर ली है। देश में बड़ा टेलीकॉम सिस्टम है। वर्ष 2014 तक देश में मात्र 65 मिलियन इंटरनेट कनेक्शन थे, जो आज बढ़कर एक बिलियन से अधिक हो गए हैं। देश ने विशाल परिवर्तन का अनुभव किया है। भारत कभी दूसरे देशों से बीसीजी और अन्य बीमारियों की वैक्सीन आयात करता था, लेकिन कोविड के दौर में हमने दो वैक्सीन बनाई और 150 देशों को नि:शुल्क दवा निर्यात कर लोगों की जान बचाई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से दुनिया को एक परिवार बनाने का संकल्प लिया है। आज भारत जमीन पर हर दिशा में आगे बढ़ चुका है। अब हमारा तिरंगा चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भी लहरा रहा है। चंद्रयान और गगनयान मिशन दुनिया के लिए उदाहरण बन चुके हैं। देश में डिजिटल इकोनॉमी के रूप में अदृश्य क्रांति आई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बदलाव को 10 साल पहले भांप लिया था और उन्होंने देश में डिजिटल पेमेंट की नींव रखी।

जीवन में कभी उच्च मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता न करें युवा उद्यमी
केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि आईटी सेक्टर में आगे बढ़ते हुए भारत ने स्वदेशी जोहो (Zoho) मेलिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो विश्व पटल पर माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गज को चुनौती दे रहा है। युवाओं को जीवन में दो बातों का सदैव स्मरण रखना चाहिए। कभी अपने माता-पिता और देश के सिखाए उच्च मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं करना है। कुछ लोगों ने शॉर्टकट लेकर दूसरों का पैसा हड़पा और ऐसा कर उन्होंने हेडलाइन तो बनाई लेकिन खुद की पहचान नहीं बनाई। युवा उद्यमियों का लक्ष्य तय करना चाहिए कि उनके नहीं रहने पर भी संस्थान चलता रहे। इसकी पूर्ति के लिए मूल्यों और सिद्धांतों को सदैव अपने हृदय में रखना चाहिए। सिंधिया परिवार ने 300 सालों से 5 सिद्धांतों को हमेशा अपने साथ रखा है। पहला- स्वयं की दृष्टि रखो, दूसरा- साहसी निर्णय, तीसरा- आशावादी रहना, चौथा- टीम भावना से शक्तियों का बैलेंस बनाओ और पांचवां- सदैव टीम के लिए सद्भावना रखें। कान्फ्रेंस को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्रीमती मालनी गौड़, विधायक श्री मधु वर्मा, विधायक श्री रमेश मेंदोला, इन्दौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री मधुसूदन, श्री प्रकाश शास्त्री, श्री विकास खेमानी, श्री रजत सेन, श्री सिद्धार्थ, श्री राजमोहन सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। यंग इन्टरप्रेन्योर समिट में उद्यमशीलता, नव रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार पर विभिन्न सत्रों में विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया।

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