इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर

वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया।

मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी

यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे।

अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय

इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला।

गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया।

मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है।

इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ

इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा।

इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल

    एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।
    स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली।

शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी।

नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।

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