खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति: मंत्री सारंग

खेल और सहकारिता में हुई अभूतपूर्व प्रगति : मंत्री सारंग

खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति

भोपाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार की परिकल्पना जहाँ केंद्र और राज्य एक साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ काम करते हैं, आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्षम नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह बात सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक समन्वय भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग: प्रदेश का गौरव, देश में नई पहचान

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पदक अर्जित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक 2024 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता कर पदक अर्जित किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश ने खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, तमिलनाडु में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी प्रकार 38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखण्ड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 67 पदक अर्जित कर राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक तालिका में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 57 पदक तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 391 पदक अर्जित किए। हॉकी एशिया कप 2025, 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान, खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर एवं एशियन केनो स्लालम चैंपियनशिप चीन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है।

प्रदेश के खिलाड़ियों ने बनाएं नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड

प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर न केवल निरंतर पदक अर्जित कर रहे हैं, बल्कि नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिला रहे हैं। पोल वॉल्ट में देव मीणा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। शूटिंग में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है। वहीं शॉट पुट में समरदीप सिंह ने अपने दमदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप कांस्य विजेता टीम में प्रदेश के 3 खिलाड़ी

मंत्री सारंग ने बताया कि तमिलनाडु में आयोजित एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप–2025 में भारतीय टीम ने अर्जेंटीना को 4–2 से पराजित कर पहली बार कांस्य पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में मध्यप्रदेश पुरुष हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अंकित पाल, तलैम प्रियोबर्ता एवं थोनाओजाम इंगालेंबा लुवांग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को बनाएंगे राजपत्रित अधिकारी

खिलाड़ियों के सम्मान और भविष्य सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य, विक्रम, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। विक्रम पुरस्कार प्राप्त 28 खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है, वहीं ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।

 खिलाड़ियों को दी गई सम्मान राशि

मंत्री सारंग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यापक प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित करने वाले 1375 खिलाड़ियों को 116 लाख रुपये, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 228 पदक विजेताओं को 153 लाख रुपये तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 51 खिलाड़ियों को 37.83 लाख रुपये दिए गए। पेरिस ओलम्पिक 2024 में 3 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 300 लाख रुपये एवं 3 प्रतिभागी खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु 19 खेल संघ संस्थाओं को 50.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।

क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सम्मान राशि

मंत्री सारंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय महिला टीम की सदस्य प्रदेश की सुक्रांति गौड़ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है।

वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने का लक्ष्य

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहाँ 1300 से अधिक खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होने बताया कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। प्रदेश में 20 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी सिंथेटिक टर्फ, 10 सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तथा 120 से अधिक स्टेडियम एवं खेल परिसर विकसित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाना है।

खेल विभाग के नवाचार

मंत्री सारंग ने बताया कि युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने हेतु ‘मेरा युवा मध्यप्रदेश’ पोर्टल को सशक्त किया जा रहा है, जिस पर विभिन्न विभागों की युवा केंद्रित योजनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा युवाओं में खेलों के प्रति रुचि एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान (MPYP) के अंतर्गत प्रदेश के सफल, सक्षम एवं प्रेरणादायी युवाओं को समाज के लिए मार्गदर्शक (मेंटोर) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

खेल विभाग की आगामी कार्ययोजना

मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा लागू कर प्रतिवर्ष 10 सब-इंस्पेक्टर एवं 50 कांस्टेबल की नियुक्ति का प्रावधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से इंडोर हॉल एवं आधुनिक खेल परिसरों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने हेतु विदेश भेजा जा रहा है तथा विदेशी प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। 20वें एशियाई खेल 2026 तथा संभावित ओलम्पिक 2036 की तैयारियों के तहत विशेष प्रशिक्षण शिविर, टैलेंट सर्च कार्यक्रम, नई खेल अकादमियों एवं जिलावार फीडर सेंटर्स की स्थापना की जा रही है।

देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी खेल संघ मिलकर करेंगे यूथ गेम्स

मंत्री सारंग ने बताया कि देश में पहली बार सभी खेल विभाग और मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन करेंगे। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसमें पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को भी शामिल किया गया है।

देश में पहली बार स्किल एन्हेंसमेंट प्रोग्राम की शुरुआत

मंत्री सारंग ने बताया कि  प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' में उल्लेख के बाद शहडोल के 'मिनी ब्राजील' विचारपुर गाँव के फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी के FC Ingolstadt 04 क्लब में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों और प्रतिस्पर्धी अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से देश में पहली बार स्किल एन्हेंसमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत जहां प्रदेश के खिलाड़ियों को विदेशों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, वहीं विदेशी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मध्यप्रदेश की खेल अधोसंरचना, अकादमियों और खेल सुविधाओं से अवगत कराया जाएगा, जिससे आपसी अनुभव साझा कर प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।

हर विधानसभा में खेल परिसर

मंत्री सारंग ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा शक्ति मिशन के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक एवं बहुउद्देशीय खेल परिसरों के निर्माण को सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन खेल परिसरों में विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, खिलाड़ियों के लिए अभ्यास एवं प्रतियोगिता के उपयुक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

स्पोर्ट्स टूरिज्म से बढ़ेगा जीडीपी में योगदान

मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और जीडीपी में उल्लेखनीय योगदान बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि खेल आयोजनों, प्रशिक्षण शिविरों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यटकों की आवक बढ़ेगी, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही खेल अधोसंरचना के विकास से निवेश आकर्षित होगा और मध्यप्रदेश को खेल एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।

सहकार से समृद्धि की दिशा में निरंतर अग्रसर प्रदेश

मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 34.42 लाख किसानों को 21,493 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 1,550 करोड़ रुपये अधिक है। वर्ष 2025-26 हेतु राज्य शासन द्वारा 694 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नवीन पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन और पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से किसानों को पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नवीन PACS, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन

मंत्री सारंग ने बताया कि सहकार से समृद्धि अभियान के अंतर्गत 656 नवीन PACS, 758 दुग्ध एवं 203 मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया। नवीन संस्थाओं को भूमि, कार्यालय, गोदाम और प्रबंधकीय सहायता प्रदान कर सहकारी नेटवर्क को मजबूत किया गया है। प्रदेश देश में अग्रणी बनाते हुए 4536 PACS का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। ई-PACS के माध्यम से किसानों को ऑनलाइन सेवाएं और SMS के जरिए लेन-देन की सूचना उपलब्ध कराई जा रही है।

कमजोर जिला सहकारी बैंकों का सुदृढ़ीकरण

मंत्री सारंग ने कहा कि 38 में से 15 जिला सहकारी बैंकों के कमजोर होने के कारण किसानों को ऋण वितरण में कठिनाई थी। राज्य सरकार ने प्रथम चरण में 6 जिला बैंकों को 300 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की, जिससे ऋण वितरण दोगुना होकर 600 करोड़ रुपये से अधिक हुआ। उन्होंने बताया कि 4518 PACS के माध्यम से PMKSK अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 24.66 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया। Rupay KCC कार्ड एवं माइक्रो एटीएम से वस्तु ऋण की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।

सहकारिता में नवाचार और रोजगार सृजन

मंत्री सारंग ने बताया कि ‘एमपी चीता’ सहकारी बीज ब्रांड की शुरुआत, CPPP मॉडल के माध्यम से निजी निवेश और सहकारी क्षेत्र का समन्वय तथा दुग्ध उत्पादन में NDDB के साथ सहयोग से किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। दुग्ध उत्पादकों को बेहतर मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि GIS-2025 में CPPP मॉडल प्रारंभ कर सहकारी समितियों को निजी निवेश से जोड़ा गया। धान, नेपियर घास सहित विभिन्न फसलों में व्यावसायिक भागीदारी प्रारंभ की गई है।

IBPS के माध्यम से भर्ती

मंत्री सारंग ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन हेतु मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। IBPS के माध्यम से PACS, जिला सहकारी बैंकों एवं अपेक्स बैंक में हजारों पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत 5,200 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण कर सहकारी कर्मचारियों को आधुनिक बैंकिंग, डिजिटल प्रणाली और प्रबंधन कौशल में दक्ष बनाया गया है।

डेयरी विकास: पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि

मंत्री सारंग ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में NDDB के सहयोग से 2,200 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों को सक्रिय किया गया है। दुग्ध संग्रह, गुणवत्ता परीक्षण और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने बताया कि दूध के खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि से पशुपालकों की आय में सीधा लाभ हुआ है। इंदौर में मिल्क पाउडर प्लांट के शुभारंभ से प्रदेश की डेयरी क्षमता को नई मजबूती मिली है।

युवा सहभागिता एवं रोजगारोन्मुख सहकारिता

मंत्री सारंग ने आगामी कार्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वर्षों में सहकारिता के विस्तार हेतु ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में युवाओं की सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से छोटे उद्योग, खेल, पर्यटन और व्यायाम आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

डिफॉल्टर किसानों के लिये लायेंगे ओटीएस की योजना

मंत्री सारंग ने कहा कि किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु ऑनलाइन केसीसी आवेदन, एकीकृत साख सीमा तथा नकद-वस्तु ऋण की बाध्यता समाप्त करने जैसे सुधार प्रस्तावित हैं। सभी PACS में ई-PACS के माध्यम से ऑनलाइन सेवाएं और SMS सूचना अनिवार्य की जाएगी। उन्होने बताया कि कमजोर जिला सहकारी बैंकों को आर्थिक सहायता देकर 0% ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। डिफॉल्टर किसानों को मुख्यधारा में लाने हेतु एकमुश्त समझौता योजना तथा आर्थिक अनियमितताओं से प्रभावित किसानों को जांच अवधि में राहत देने की व्यवस्था हेतु न्याय योजना प्रस्तावित है।

सीपीपीपी मॉडल का करेंगे विस्तार

मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप राज्य की सहकारिता नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। जनवरी 2026 में IBPS के माध्यम से 2000 से अधिक पदों पर भर्ती एवं सतत प्रशिक्षण की योजना है। उन्होंने कहा कि CPPP मॉडल के विस्तार से सहकारिता में निजी निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अंतर्गत उत्कृष्ट संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा तथा जिला सहकारी बैंकों में NEFT/RTGS, QR कोड एवं इंटरनेट बैंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं लागू की जाएंगी।

 

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