2 साल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियां, मंत्री कृष्णा गौर ने दी जानकारी

भोपाल।

मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने पर मंत्रियों के अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में 26 दिसंबर शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

पत्रकार वार्ता की शुरुआत वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए की गई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों की प्रशंसा की गई है।

मंत्री ने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश पिछड़ा हुआ प्रदेश था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के टैग से मुक्ति मिली। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश को नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से हो रहा

अपने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। ओबीसी छात्रावास परियोजना के तहत पूरे प्रदेश में आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों को शामिल किया गया है और आने वाले समय में सभी छात्रावासों का उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श छात्रावासों में प्रत्येक कक्ष का रिनोवेशन, नया फर्नीचर, अलमारी, अध्ययन टेबल, भोजन कक्ष और आधुनिक किचन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सभी छात्रावासों में वाई-फाई, इंडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस उन्नयन कार्य पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।

ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत

मंत्री ने बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत की गई है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। यह सुविधा 26 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी। छात्रावासों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा नियमित रूप से योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।

छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 7.35 लाख विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 978.43 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई। वहीं वर्ष 2024-25 में 7.72 लाख छात्र-छात्राओं को 1119.13 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2025-26 में 5 नवंबर 2025 तक 5.23 लाख विद्यार्थियों को 681.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि विभाग की एक विशेष योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजा जाता है। वर्ष 2024-25 में चयनित 50 में से 33 विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया, जिस पर 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा एमपीपीएससी और यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1320 अभ्यर्थियों को 3 करोड़ 65 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 635 अभ्यर्थियों को 69 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना

स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना चलाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बैंकों के माध्यम से 583 हितग्राहियों को 34 करोड़ 71 लाख रुपये का ऋण तथा 833 हितग्राहियों को 2 करोड़ 79 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) के तहत पहले चरण में 16 बच्चों को जापान भेजा गया, जहां उन्हें रोजगार मिला। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी भेजने की कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है।

मंत्री ने दिल्ली छात्र गृह योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। साथ ही छात्रों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जा रही है और अभिभावकों की आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जा रही है। इसके अलावा सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना के तहत 10 हजार छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 107 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 55 कन्या और 52 बालक छात्रावास हैं। संभागीय स्तर पर 500 सीटर छात्रावासों का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसकी सुविधा फिलहाल इंदौर और जबलपुर में उपलब्ध है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2025’ तैयार की गई है, जिसके तहत प्रति वर्ष 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत प्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमेटरी स्पेस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

SC-ST को जैसा लाभ मिला वैसा OBC को नहीं मिला

पत्रकार वार्ता के अंत में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कृष्णा गौर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजादी के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति को जो लाभ मिले, वैसा ओबीसी वर्ग को नहीं मिला। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी समुदाय को अधिकार और लाभ दिए गए। वहीं, उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर बताया कि मध्यप्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है और उम्मीद पोर्टल पर तीन चरणों—मेकर, चेकर और अप्रूवर—के माध्यम से सत्यापन के बाद वक्फ संपत्तियों का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा।

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