बांग्लादेश में अराजकता के साये में जनसंख्या विस्फोट: कंडोम संकट के बीच रिकॉर्ड जन्मदर

नई दिल्ली 
शेख हसीना की सरकार के पतन के साथ ही बांग्लादेश अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। वहां हर दिन उपद्रव देखने को मिल जा रहे हैं। इस सबके बीच एक गंभीर संकट सामने आ खड़ी हुई है। बांग्लादेश इन दिनों कंडोम की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। इसके कारण जन्मदर में भी बीते 50 वर्षों में भारी उछाल हुआ है। बांग्लादेश का यह ताजा संकट फंड की कमी और मानव संसाधन की भारी कमी के कारण उत्पन्न हुआ है। इसकी वजह से बीते कुछ वर्षों में गर्भनिरोधकों की आपूर्ति लगातार घटती गई है, जिसका सीधा असर देश की जनसंख्या वृद्धि पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि परिवार नियोजन महानिदेशालय के पास उपलब्ध कंडोम का स्टॉक मात्र 39 दिनों के लिए बचा है। ऐसे में अगले वर्ष की शुरुआत में कम से कम एक महीने तक कंडोम वितरित नहीं किए जा सकेंगे। इससे परिवार नियोजन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

50 वर्षों में पहली बार बढ़ी प्रजनन दर
यह संकट ऐसे समय सामने आया है जब देश में कुल प्रजनन दर के मामले में पिछले 50 वर्षों में पहली बार वृद्धि दर्ज की गई है। मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे 2025 के अनुसार, प्रजनन दर 2024 के 2.3 से बढ़कर 2.4 हो गई है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गर्भनिरोधकों की कमी बनी रही तो प्रजनन दर और बढ़ सकती है।

गर्भनिरोधकों के उपयोग में भारी गिरावट
सर्वे के अनुसार, 15 से 49 वर्ष की विवाहित महिलाओं में गर्भनिरोधकों का उपयोग 2019 के 62.7% से घटकर 58.2% रह गया है। आधुनिक गर्भनिरोधकों तक पहुंच भी 77.4% से घटकर 73.5% रह गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि गर्भनिरोधकों की उपलब्धता और प्रजनन दर के बीच सीधा संबंध है।

कोविड के बाद बिगड़ी स्थिति
बांग्लादेश के अधिकारियों के मुताबिक, कोविड-19 महामारी (2020) के दौरान गर्भनिरोधकों की मांग तो बढ़ी, लेकिन सरकार ने उस समय परिवार नियोजन को प्राथमिकता नहीं दी। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त वहां की मीडिया आुटलेट 'द डेलीस्टार' को बताया कि 2023 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने करीब एक साल तक गर्भनिरोधकों की खरीद रोक दी, जिससे आपूर्ति में भारी अंतर आ गया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2019 में कंडोम की आपूर्ति 97.48 लाख थी, जो सितंबर 2025 तक घटकर 41.52 लाख रह गई। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने पिछले महीने सभी पांच गर्भनिरोधकों की खरीद के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है, लेकिन खरीद प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। उन्होंने कहा कि सीमित मात्रा में कंडोम की खरीद की जा रही है, फिर भी अगले साल एक महीने तक सप्लाई बाधित रह सकती है।

ढाका विश्वविद्यालय के जनसंख्या विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अमीनुल इस्लाम का कहना है कि गर्भनिरोधकों और स्टाफ की कमी ने जन्म नियंत्रण गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर प्रजनन दर पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में कई दंपति दो से अधिक बच्चे चाहने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।

 

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