भोपाल पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: ईरानी गैंग का गिरोह तोड़ा, दिल्ली तक फैली दहशत

भोपाल 

राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक शहरों सहित दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू सहित दर्जन भर सहित बड़े शहरों में अब तक सैकड़ों वारदात को अंजाम देने वाले भोपाल के ईरानी गैंग पर पुलिस ने छापा मारा है। देर रात भोपाल डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने एक साथ करोंद क्षेत्र में स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे में छापा मारा। छापेमारी काम्बिंग गश्त के तहत की गई। 

पुलिस की इस कार्रवाई में 24 पुरुष आरोपी और 10 महिला अपराधी गिरफ्तार की गई हैं। एक साथ 34 ईरानी बदमाशों के खिलाफ भोपाल पुलिस की यह कार्रवाई वर्षों बाद की गई है। कार्रवाई का विरोध करने के लिए अपराधियों ने महिलाओं और बच्चों को आगे किया, लेकिन पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ गई थी, इसलिए टीम में भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।  

 ईरानी डेरा … भोपाल में स्थित यह वह जगह है, जहां पुलिस भी जाने से डरती है। पुलिस इस इलाके में घुसने के लिए पूरी पलटन लेकर जाती है। रविवार अहले सुबह जब, पुलिस की टीम पहुंची तो हमला हो गया। हालांकि पुलिस की टीम डरी नहीं है और करीब 32 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इस डेरे में रहने वाले लोगों का आतंक दिल्ली से मुंबई तक है। देश के अलग-अलग शहरों इनका आतंक रहा है।

पीट गई भोपाल पुलिस
दरअसल, ईरानी डेरे में रहने वाले कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए गई थी। 40 गाड़ियों में करीब 150 जवानों की टीम गई थी। पुलिस की टीम जब ईरानी डेरे में घुसी तो उस समय भोपाल का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस था। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही डेरे की महिलाएं जाग गईं और पुलिस पर हमला बोल दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए, उनसे डरी नहीं। डेरे से करीब 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं।

दिल्ली से मुंबई तक है इनका खौफ
ईरानी डेरे में रहने वाले अधिकांश लोग अपराध में शामिल रहते हैं। दिल्ली से लेकर मुंबई तक की पुलिस को इनकी तलाश है। अलग-अलग शहरों में जाकर ये लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। डेरे में कुछ नामी बदमाश भी रहते हैं। समय के हिसाब से अलग-अलग रूप धारण कर ईरानी डेरे के लोग ठगी भी करते हैं।

सीबीआई अफसर से लेकर पत्रकार तक बन जाते
वहीं, ईरानी डेरे के लोगों को फर्जी अफसर बनने में भी महारत हासिल है। ये लोग सीबीआई के नकली अफसर बनकर भी लोगों को डराते हैं। उनसे रुपए लूट लेते हैं। यही नहीं, लोगों को डराने के लिए डेरे के लोग पत्रकार भी बनते थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से चैनल की आईडी भी मिली है। पत्रकार बनकर ये पुलिस और लोगों को चकमा देते थे।

हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने का था लक्ष्य
भोपाल पुलिस मुख्य रूप से एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाकर पहुंची थी। पुलिस ने छापेमारी में आरोपियों के ठिकानों से एक नकली पिस्तौल, 21 दोपहिया वाहन और 51 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 

हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी पुलिस
डीपीसी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि नकली पुलिस बनकर अमन कॉलोनी के कुछ बदमाशों द्वारा भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र सहित आसपास के जिलों में कुछ लोगों को ठगने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पकड़ा गया गिरोह मुख्य रूप से बड़े शहरों में बड़ी चोरियां, भोपाल और आसपास के जिलों में मोबाइल और चेन लूट की वारदातों को अंजाम देता है। रविवार सुबह हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी। डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने घरों की तलाशी लेनी चाही तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के सामने खड़ी हो गईं। जल्द ही पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल होकर हंगामा करने लगे। महिला पुलिसकर्मियों सहित जवानों से खींचातानी करने लगे। तलाशी अभियान के दौरान बदमाश काला ईरानी के घर से एक नकली पिस्तौल मिली। काला ईरानी नकली पुलिस बनकर कई लोगों को ठग चुका है। हालांकि ठगी का शिकार अधिकांश लोगों ने प्रकरण दर्ज नहीं कराया। 

दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को पकड़ा था इसी साल जुलाई महीने में दिल्ली पुलिस ने अमन कॉलोनी निवासी ईरानी गैंग के दो सदस्यों- मुर्तजा अली उर्फ दमार (38) और सिराज अली (40) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को उनके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इंद्रप्रस्थ पार्क के पास रात में घेराबंदी की गई।

पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। वे कई मामलों में फरार चल रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ नया केस दर्ज किया था।

अमेरिका और ईरान की करेंसी मिली
अपराधी इतने खूंखार हैं कि इन्हें किसी दूसरे शहर में भी लूट करने से डर नहीं लगता है। छापेमारी के दौरान इनके घरों से अमेरिकी और ईरानी की करेंसी मिली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विदेशी करेंसी लूट के ही हैं।

विदेशों में बेचते हैं लूट के सामान
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ईराने डेरे का नेटवर्क विदेशों में भी फैला है। ये लोग लूट के फोन विदेशों में भी बेचते थे। जांच में यह बात सामने आई है कि लूट के मोबाइल दुबई में बेचते थे। लूट के फोन पहले मुंबई भेजते थे। इसके बाद वहां से दुबई जाता था।

अपराधियों का घर है ईरानी डेरा
दरअसल, ईरानी डेरा भोपाल के बाहरी इलाके में बसा हुआ है। इनकी बस्ती इतनी सघन है कि बाहरी लोगों का घुसना मुश्किल है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी यहां शरण लेते हैं। इन अपराधियों के लिए महिलाएं शिल्ड का काम करती हैं। पुलिस जब आती है तो पहले महिलाओं से उनका सामना होता है। बताया जाता है कि देश भर से अपराध करने के बाद अपराधी यहीं शरण लेने आते हैं। भोपाल के निशातपुरा और करोंद इलाके में ये लोग रहते हैं।

ऐसा है इतिहास
ईरानी डेरे के निवासियों का इतिहास यह है कि इनके पूर्वज घुमंतू थे। मध्य एशिया से होते हुए आए और भारत के अलग-अलग हिस्सों में फैल गए। बताया जाता है कि ये लोग फारस से आए थे। पहले ये लोग घोड़ों का व्यापार, पत्थर घिसने और धारदार हथियार बनाने के लिए जाने जाते थे। धीरे-धीरे अपराध में इनकी संलिप्तता बढ़ती गई।

सागर पुलिस पर मिर्च पाउडर फेंका, पथराव किया था ईरानी डेरे के 4 कुख्यात बदमाश साल 2020 में 9-10 नवंबर को वे सागर जिले के खुरई पहुंचे थे। यहां एक ज्वेलर्स शॉप में खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर रेड की बात कही और जरूरी दस्तावेज मांगे। दुकानदार को शक होने पर आरोपियों ने गन पॉइंट पर जेवरात से भरा बैग लूटा और फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज से उनकी पहचान- रिजवान हुसैन, गुलाम उर्फ काकड़ी, तकबीर अली और खैबर अली के रूप में गई। जांच में सामने आया कि वे भोपाल के ईरानी डेरे के निवासी हैं और राजू की गैंग के सदस्य हैं। इसके बाद खुरई पुलिस उनकी तलाश में भोपाल पहुंची। छोला और निशातपुरा पुलिस के साथ अमन कॉलोनी में तड़के दबिश दी और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

लेकिन बदमाशों को ले जाते समय ईरानी डेरे के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इनमें से कुछ लोगों ने पुलिस पर मिर्च पाउडर फेंक दिया, फिर पथराव होने लगा। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पत्थर लगने से 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार किए बिना ही भागना पड़ा था।

 

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