सबकी समृद्धि और खुशहाली ही है सरकार का पारितोषिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के विकास की गति अब होगी और भी तेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सबकी समृद्धि और खुशहाली ही है सरकार का पारितोषिक
वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप मनायेंगे
खाचरौद को दी सांदीपनि विद्यालय और नवीन कृषि उपज मंडी की सौगात
खाचरौद में बनेगा संयुक्त तहसील कार्यालय और जनपद पंचायत का नया भवन
मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

खाचरौद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के 'समग्र विकास' के संकल्प के साथ काम कर रही है। हमारा मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वर्ग या व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। विकास की बात पर हम सबका सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की बयार है। विकास की यह गति अब और तेज होगी। आप सबके सेवक के रूप में वे खुद चौबीसों घंटे सातों दिन प्राण-प्रण से सेवा में जुटे हुए हैं। सबका कल्याण ही हमारा लक्ष्य है। नागरिकों की समृद्धि और खुशहाली ही हमारा पारितोषिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने यहां 78 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत वाले पूर्ण एवं प्रस्तावित 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 48 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत के 16 कार्यों का लोकार्पण एवं 30 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत वाले 23 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी कार्यों से खाचरौद के विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह विकास कार्य खाचरौद के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर, बच्चों के बेहतर भविष्य की लिखेंगे नई इबारत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद में 35 करोड़ 40 लाख की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन, 11 करोड़ 30 लाख की लागत से नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण सहित अन्य कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाचरौद का सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षण सुविधाओं का प्रतीक बनेगा और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के पवित्र मंदिर के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। यह हमारे बच्चों के बेहतर और सुनहरे भविष्य की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाचरौद के नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण में किसानों की सुविधा के लिए कृषक विश्राम भवन, भोजनालय, पानी की टंकी एवं प्याऊ भी बनाये गए हैं। मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रुपये लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय के नवीन भवन, 5 करोड़ 25 लाख लागत से बनने वाले जनपद पंचायत भवन एवं 6 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम-2.0) सहित अन्य प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित खाचरौद के माध्यमिक विद्यालय में 11 स्मार्ट क्लासेस का लोकार्पण भी इस मौके पर किया।

खाचरौद में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में बहुतायत से होने वाली हरी मटर को देश-विदेश तक पहुंचाने और अन्य सभी फसलों को भी मार्केट लिंकेज दिलाने के लिए खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाने और खिलाड़ियों के लिए नया स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खाचरौद से रतलाम को डायरेक्ट फोर लेन से जोड़ा जाएगा, जिससे खाचरौद को भी इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीधी पहुंच मिल सके।

5 करोड़ की लागत से बनेगा फोरलेन हाई-वे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा से खाचरौद से जावरा से उज्जैन होते हुए करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से नया फोरलेन हाई-वे बनाया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना से मालवा-निमाड़ और चंबल का पूरा क्षेत्र भरपूर सिंचाई की स्थायी सुविधा से लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 सालों में हम प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर कृषि रकबे तक पहुंचा देंगे।

किसान एवं कृषि से जुड़े उद्यामियों को देंगे नई दिशा और अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 किसानों के कल्याण का साल है। इस दौरान हमारा पूरा फोकस किसानों पर ही रहेगा। इस साल हम कृषि आधारित उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे किसानों और कृषि से जुड़े उद्यमियों को नई दिशा और अवसर मिलेंगे। गेहूं की खरीदी पर हम किसानों को 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रहे हैं। हम किसानों की आय बढ़ायेंगे। किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनायेंगे। इसके लिए प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध करायेंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प दिए जाएंगे। इससे उन्हें बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। किसान खुद बिजली उत्पन्न करके खेतों में सिंचाई, छोटा-मोटा व्यवसाय और निजी उपभोग भी कर सकेंगे। साथ ही सरप्लस बिजली बेचकर अतिरिक्त आयार्जन भी वे कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गरीबों और निराश्रितों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश के हर जरूरतमंद को शासन की सेवाएं, सुविधाएं और संबल उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नागदा की विश्व में अपनी अलग ही पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सांस्कृतिक धारा का अभ्युदय हो रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए हमारी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सबसे अच्छे स्कूल बन रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यही समय है, सही समय है। इसी क्रम में आज खाचरौद को भी नया सांदीपनि विद्यालय मिला है। हमारी सरकार विरासत के संरक्षण के मार्ग पर चलते हुए प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण करा रही है। श्रीकृष्ण से जुड़े प्रत्येक स्थल को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।

किसान-कल्याण सर्वोपरि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र का खेती-किसानी का कटोरा है। किसानों के कल्याण के लिए हमने किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के लिए लगभग 3 हजार करोड़ की राशि बांटी है। भावांतर योजना से प्रदेश के 6.50 लाख किसानों को 1300 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना (पीकेसी) के लिए हमारी सरकार ने राजस्थान के साथ सालों पुराने विवाद को खत्म किया। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपए दिए। प्रदेश में अब तीन नदी जोड़ो अभियान पर कार्य निरंतर जारी है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड के 13 जिले लाभान्वित होंगे। मां नर्मदा के आशीर्वाद से मालवा-निमाड़ को पहले ही सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर, रतलाम जिले का कुछ हिस्सा भी अब मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा। खाचरोद को भविष्य में फोर लेन सड़क के जरिए रतलाम से जोड़ा जाएगा।

खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में फसलों को हुए नुकसान के लिए उज्जैन जिले के किसानों को 265 करोड़ रुपए मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। किसानों को सोयाबीन विक्रय में भावांतर योजना का फायदा मिल रहा है। जिले में लगभग 1000 करोड़ लागत की दो सिंचाई परियोजनाओं से नागदा-खाचरौद क्षेत्र के 58 गांवों की 18 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में नागदा तो शामिल है, लेकिन अब खाचरौद को भी महानगरीय क्षेत्र के दायरे में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने खाचरौद में कृषि महाविद्यालय एवं कृषि मंडी के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग रखी।

कार्यक्रम में उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज, विधायक सतीश मालवीय, विधायक जितेंद्र पंड्या, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओपी गहलोत सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

 

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