नगर निगम की लापरवाही उजागर, जबलपुर में 1500 कर्मचारी नहीं दे रहे उपस्थिति

जबलपुर
जबलपुर नगर निगम में आउट सोर्स कर्मचारियों के नाम पर किस कदर भ्रष्टाचार किया जा रहा था, उसकी हकीकत एक सितंबर 2025 से लागू की गई चेहरा पहचान आधारित ई-अटेंडेंस व्यवथा के बाद खुलकर सामने आ गई है। क्योंकि ई-अटेंडेंस लागू होने के बाद ऐसे करीब 1500 कर्मचारी गायब हो चुके हैं, जो नगर निगम में तो बतौर कर्मचारी पंजीकृत हैं लेकिन पिछले चार माह से अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं।

इनमें सर्वाधिक कर्मचारी आउटसोर्स के बताए जा रहे हैं। इससे इस आशंका को भी बल मिल रहा है कि कागजों में दर्ज इन कर्मचारियों के नाम से करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये हर माह वेतन का भुगतान और उसकी बंदरबांट की जा रही है, जिसका अब राजफाश होने लगा है।
 
7200 कर्मचारी पंजीकृत, 5700 लगा रहे ई-अटेंडेंस
नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार नगर निगम के स्थापना विभाग में 7200 अधिकारी, कर्मचारी दर्ज हैं। इसमें नियमित और संविदा कर्मचारियों की संख्या 2504 हैं। नगर निगम में परंतु एक सितंबर से लागू हुई ई-अटेंडेंस के बाद औसतन 5700 कर्मचारी ही अटेंडेंस लगा रहे हैं।

यानि लगभग 1500 कर्मचारी गायब हो गए हैं। इनमें से यदि 500 कर्मचारी किसी तकनीक या अन्य कारणों से अटेंडेंस नही भी लगा रहे तो भी शेष पंजीकृत एक हजार कर्मचारियों का आंकड़ा सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अक्टूबर माह से ई-अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
निगम को लग रही थी हर माह डेढ़ करोड़ की चपत

जानकारों की माने तो इनमें अधिकांश ऐसे हैं ठेके के कर्मचारी है जो निगम में तो दर्ज हैं परंतु परंतु वास्तविक रूप से वे उपस्थित नही है। जबकि हर माह उनके नाम से वेतन भी निकल रहा था। यदि एक कर्मचारी का वेतन 15 हजार रुपये भी मान लिया जाए तो एक हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के एवज में नगर निगम करीब डेढ़ करोड़ रुपये वेतन का भुगतान कर रहा था।

चेहरा पहचान कर लग रही अटेंडेंस
विदित हो कि शासन की मंशानुरूप नगरीय निकायो में वास्तविक रूप से कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थित सुनिश्चित करने के मकसद से ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। नगर निगम जबलपुर मे ई-अटेंडेंस फेस रिकग्निशन यानि चेहरा पहचान बायोमेट्रिक तकनीक से स्मार्ट फोन से लगवाई जा रही है।

पहले भी सामने आ चुका है फर्जीवाड़ा
    फरवरी 2022 में की गई जांच के दौरान दो कर्मचारी मिले थे जो पिछले एक तो 11वर्षों से गायब थे परंतु उनका वेतन निकलता रहा
    31 अगस्त 2022 को ऐसे पांच कर्मचारियों पर निलंबन व सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई थी
    सितंबर 2022 में ऐसे करीब 35 कर्मचारी और जांच में सामने आए थे जिनके खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई थी
    इसी तरह कुछ ऐसे भी आउट सोर्स कर्मचारी है जो नेताओं की सिफारिश से दर्ज तो नगर निगम में हैं परंतु सेवाएं कहीं ओर दे रहे थे।

अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भत्ते में होते हैं खर्च 30 करोड़

    2504 नियमित और संविदा कर्मचारियों पदस्थ हैं नगर निगम में
    4500 आउट सोर्स कर्मचारी भी नगर निगम में है पंजीकृत
    30 करोड़ रुपये हर माह बिजली, पानी, वेतन, पेंशन, जीपीएफ,भत्ते, वाहन किराया, डीजल पर हो रहा खर्च

More From Author

राशिफल आज: सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

भाजपा का संगठनात्मक अभियान: MP में जिला कार्यालयों पर MLA करेंगे कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.