दो करोड़ से ज्यादा दोपहिया बिकने के बावजूद नहीं टूटा 7 साल का रिकॉर्ड, वजह जानें

नई दिल्ली

भारत का दोपहिया वाहन बाजार एक बार फिर मजबूती के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है. साल 2025 में टू-व्हीलर बिक्री ने दो करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया, जो ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. बीते कुछ वर्षों की सुस्ती के बाद बाजार में लौटी यह तेजी कंपनियों और ग्राहकों दोनों के लिए राहत लेकर आई है. हालांकि, बिक्री अब भी 2018 में बनाए गए सेल्स रिकॉर्ड से थोड़ा नीचे है, लेकिन रुझान साफ तौर पर सकारात्मक नजर आ रहा है.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानी SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल 2025 में भारत में कुल दो करोड़ से ज्यादा टू-व्हीलर बिके. यह 2024 में बेचे गए 1.9 करोड़ स्कूटर-बाइक्स की तुलना में करीब पांच प्रतिशत ज्यादा है. इसके बावजूद, 2018 में दर्ज 2.1 करोड़ यूनिट्स की ऐतिहासिक बिक्री का रिकॉर्ड अब तक नहीं टूट पाया है.
हीरो और होंडा की बादशाहत 

बिक्री के मामले में हीरो मोटोकॉर्प ने एक बार फिर बाजी मारी. कंपनी ने 2025 में 57.5 लाख यूनिट्स बेचकर नंबर एक की पोजिशन पर कब्जा बनाए रखा और सालाना आधार पर 2% की बढ़त दर्ज की. वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया दूसरे स्थान पर रही, जिसने 54 लाख यूनिट्स की बिक्री की. यह 2024 के मुकाबले करीब 1.9 प्रतिशत ज्यादा है.

टीवीएस की तेज छलांग, बजाज को झटका

टीवीएस मोटर कंपनी ने इस साल सबसे तेज बढ़त दर्ज की. कंपनी की बिक्री में 15.7 प्रतिशत का उछाल आया और कुल 39.8 लाख यूनिट्स दोपहिया वाहनों की बिक्री की. दूसरी ओर, बजाज ऑटो के लिए साल कुछ चुनौतीपूर्ण रहा. कंपनी की बिक्री में 5.1 प्रतिशत की गिरावट आई और 2025 में 22.2 लाख यूनिट्स ही बिक पाए. सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया और 10.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11.3 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की.

घरेलू बाजार में मांग बढ़ने के पीछे कई कारण रहे. शुरुआत में टियर-1 शहरों में स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ी, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री बाद में रफ्तार पकड़ती दिखी. SIAM के अनुसार, इनकम टैक्स में राहत, जीएसटी 2.0 में बदलाव और रेपो रेट में कटौती ने ग्राहकों की जेब पर दबाव कम किया. इससे दोपहिया वाहनों की खरीद आसान हुई. इस साल का फेस्टिव सीजन भी बीते कई वर्षों में सबसे मजबूत रहा.

एक्सपोर्ट बाजार में भी बढ़ी डिमांड

सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि निर्यात के मोर्चे पर भी टू-व्हीलर सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया. 2025 में रिकॉर्ड 49.4 लाख यूनिट्स वाहन विदेश भेजे गए, जो सालाना आधार पर 24.2 प्रतिशत की बढ़त है. दक्षिण एशिया में जबरदस्त डिमांड देखने को मिली साथ अफ्रीकी बाजारों में सुधार से एक्सपोर्ट बढ़ा है. SIAM का कहना है कि 2025 भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक अहम साल साबित हुआ. सरकार की नीतिगत सुधारों ख़ासतौर पर जीएसटी रिफॉर्म ने वाहनों की बिक्री को जबरदस्त ग्रोथ दी है. इंडस्ट्री को उम्मीद है कि, जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में भी सभी सेगमेंट में बढ़त देखने को मिलेगी.

GST की छूट… फिर भी नहीं टूटा रिकॉर्ड

बीते साल 22 सितंबर से देश भर में नए जीएसटी स्ट्रक्चर को लागू किया गया. जिसके अनुसार 350 सीसी से कम इंजन क्षमता वाले दोपहिया वाहनों पर जीएसटी टैक्स घटा दिया गया. इसका सीधा असर दोपहिया वाहनों की कीमतों पर देखने को मिला. लेकिन दूसरी ओर कारों पर जीएसटी में छूट का तगड़ा असर देखा गया. मारुति सुजुकी ने अपने एक बयान में कहा भी था कि, लोग अब दोपहिया से चारपहिया में अपग्रेड कर रहे हैं. यानी ऐसे लोग जो हाई-एंड बाइक्स की प्लानिंग कर रहे थें उन्होंने ने भी कारों की तरफ रूख किया. क्योंकि कारों की कीमत में तगड़ी कटौती देखने को मिली थी. 

दूसरी ओर साल के आखिरी महीनों में फेस्टिवल ऑफर्स, फाइनेंस सुविधाएं, न्यूतम डाउन पेमेंट और ईजी ईएमआई जैसे स्कीम्स ने कारों की तरफ लोगों का रूझान बढ़ा दिया. हालांकि साल 2024 में बेचे गए (2.1 करोड़) और बीते साल के (2.0 करोड़) यूनिट के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन कारों में अपग्रेड करने ग्राहकों की चाहत को भी एक कारण माना जा रहा है. 

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