मुंबई
पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने 22 जनवरी को मजबूती के साथ शुरुआत की. निफ्टी 25,300 के ऊपर खुला, जबकि सेंसेक्स में करीब 600 अंकों की तेजी देखी गई. स्टॉक मार्केट में पिछले दो दिनों से गिरावट देखने को मिल रही थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय साझेदारों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने के बाद ट्रेड वॉर की चिंताएं कम हुईं हैं. इसके चलते वॉल स्ट्रीट में तेजी आई थी और उसी के साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली.
आज GIFT निफ्टी से संकेत मिल रहे थे कि भारत के प्रमुख इंडेक्स में पॉजिटिव शुरुआत हो सकती है. निफ्टी में लगभग 193 अंक या 0.77% की तेजी के साथ शुरुआती कारोबार देखा गया. निफ्टी फ्यूचर्स लगभग 25,368.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे. इससे पहले भारतीय शेयर बाजार ने 21 जनवरी को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रखी. ग्लोबल संकेत कमजोर रहे, जिसमें ग्रीनलैंड को लेकर भू-राजनीतिक तनाव और जापानी सरकारी बॉन्ड में तेज बिकवाली शामिल थी. लगातार बिकवाली के दबाव ने प्रमुख इंडेक्स को आठ महीने में पहली बार उनके 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे ला दिया. क्लोजिंग पर सेंसेक्स 270.84 अंक या 0.33% गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक या 0.30% की गिरावट के साथ 25,157.50 पर बंद हुआ.
इन सेक्टर्स में खरीदारी
सभी सेक्टोरल इंडेक्स में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. ऑटो, आईटी, मीडिया, मेटल सेक्टर्स 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं. Nifty PSU Bank Index ने 3 दिन की गिरावट तोड़ते हुए 2% की तेजी दिखाई है. निफ्टी में Eternal, Dr Reddy’s Labs, Tata Motors Passenger Vehicles, Asian Paints, Adani Enterprises निफ्टी टॉप गेनर्स हैं, जबकि Nestle, UltraTech Cement, Max Healthcare, NTPC टॉप लूजर्स में शामिल हैं. सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें PSU बैंक और कैपिटल गुड्स इंडेक्स 2% की तेजी के साथ सबसे आगे हैं. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.6% की बढ़त के साथ मजबूती दिखा रहे हैं.
एनालिस्ट ने कहा- ‘बाजार में राहत’
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, VK Vijayakumar, Chief Investment Strategist, Geojit Investments ने कहा, “एक बार फिर ट्रंप अपने पुराने रुख से पीछे हटते दिखे हैं. ग्रीनलैंड को जबरन अपने कब्जे में लेने की धमकी से हटकर अब उन्होंने दावोस में कहा है कि इस पर भविष्य के समझौते का स्टक्चर तैयार हो गया है. इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि अमेरिका ने यूरोप पर टैरिफ न लगाने का संकेत दिया है, जिससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा टल गया है, जो बाजारों पर दबाव बना रहा था. इसका असर आज बाजार में राहत की तेजी के रूप में दिख सकता है, क्योंकि बाजार में करीब 2 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स हैं और शॉर्ट-कवरिंग के लिए हालात अनुकूल हैं. तीसरी तिमाही में कंपनियों के मुनाफे पर नए लेबर कोड से जुड़ी एक बार की प्रोविजनिंग का असर पड़ा है, लेकिन बाजार इसे नजरअंदाज करेगा. कल आए नतीजों में Eternal कंपनी बेहतर रही, जहां क्विक कॉमर्स बिजनेस से उम्मीद से ज्यादा रेवेन्यू और मुनाफा देखने को मिला.”
